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Saharanpur News: नवीन साधेंगे पुराने अनुभव, नई टीम के साथ भी होगा मंथन
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- 22 सितंबर को जिले में आएंगे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व अन्य दिग्गज
- पूर्व जनप्रतिनिधियों और वर्तमान पदाधिकारियों के साथ होगी अलग-अलग चर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी में जुटी भाजपा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठन के पुराने अनुभव और नई टीम के बीच तालमेल बनाने की कवायद में जुटी है। 22 सितंबर को राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के सहारनपुर दौरे में इसका सीधा असर दिखाई देगा। एक ही दिन में पश्चिमी यूपी के पूर्व मंत्रियों, पूर्व सांसदों और पूर्व विधायकों से लेकर वर्तमान जिलाध्यक्षों और क्षेत्रीय पदाधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठक का कार्यक्रम रखा गया है। इसे महज संगठनात्मक बैठक के बजाय चुनाव से पहले पार्टी के भीतर फीडबैक जुटाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
दरअसल, नितिन नवीन के साथ प्रदेशाध्यक्ष पंकज चौधरी, क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर और क्षेत्रीय प्रभारी व कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा भी मौजूद रहेंगे। सहारनपुर पहुंचने पर ओजपुरा में एक कार्यकर्ता के यहां भोजन के बाद सात से आठ स्थानों पर स्वागत कार्यक्रम होंगे। इसके बाद अंबाला रोड स्थित होटल में बैठकों का दौर शुरू होगा। पहली बैठक में पश्चिमी यूपी के पूर्व मंत्री, पूर्व सांसद और पूर्व विधायक शामिल होंगे। यह वर्ग पुराने चुनावी अनुभव, स्थानीय राजनीतिक समीकरणों और क्षेत्र की बदलती परिस्थितियों की जानकारी के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। इसके बाद वर्तमान जिलाध्यक्ष, पूर्व जिलाध्यक्ष और अन्य क्षेत्रीय पदाधिकारियों के साथ बैठक होगी। यानी संगठन की मौजूदा स्थिति को पुराने अनुभव के साथ जोड़ने की कोशिश होगी।
-- राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने शक्ति प्रदर्शन का भी मौका
राजनीतिक तौर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष के इस दौरे की अहमियत इसलिए भी है कि 2027 के चुनाव में अभी समय है, लेकिन टिकट, बूथ प्रबंधन, सामाजिक समीकरण और स्थानीय स्तर पर संगठन की सक्रियता जैसे मुद्दों पर तैयारियां पहले से शुरू हो जाती हैं। ऐसे में पुराने नेताओं से फीडबैक और वर्तमान पदाधिकारियों से जमीनी रिपोर्ट लेकर पार्टी पश्चिमी यूपी की राजनीतिक स्थिति को परख सकती है। राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यक्रम संगठन के लिए शक्ति प्रदर्शन का मौका भी होगा, लेकिन असली संदेश बैठकों से निकलने वाला माना जा रहा है। कौन से पुराने चेहरे अब भी प्रभावी हैं, वर्तमान संगठन कहां मजबूत है और कहां सुधार की जरूरत है, इन सवालों पर मंथन चुनावी तैयारी की दिशा तय कर सकता है।
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वर्जन
22 सितंबर के कार्यक्रम को लेकर जोर-शोर से तैयारियां की जा रही हैं। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर चर्चा चल रही है, लेकिन अभी तक उनके आगमन का कोई कार्यक्रम तय नहीं हुआ है। - अजीत सिंह राणा, जिलाध्यक्ष भाजपा
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- पूर्व जनप्रतिनिधियों और वर्तमान पदाधिकारियों के साथ होगी अलग-अलग चर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी में जुटी भाजपा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठन के पुराने अनुभव और नई टीम के बीच तालमेल बनाने की कवायद में जुटी है। 22 सितंबर को राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के सहारनपुर दौरे में इसका सीधा असर दिखाई देगा। एक ही दिन में पश्चिमी यूपी के पूर्व मंत्रियों, पूर्व सांसदों और पूर्व विधायकों से लेकर वर्तमान जिलाध्यक्षों और क्षेत्रीय पदाधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठक का कार्यक्रम रखा गया है। इसे महज संगठनात्मक बैठक के बजाय चुनाव से पहले पार्टी के भीतर फीडबैक जुटाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
दरअसल, नितिन नवीन के साथ प्रदेशाध्यक्ष पंकज चौधरी, क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर और क्षेत्रीय प्रभारी व कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा भी मौजूद रहेंगे। सहारनपुर पहुंचने पर ओजपुरा में एक कार्यकर्ता के यहां भोजन के बाद सात से आठ स्थानों पर स्वागत कार्यक्रम होंगे। इसके बाद अंबाला रोड स्थित होटल में बैठकों का दौर शुरू होगा। पहली बैठक में पश्चिमी यूपी के पूर्व मंत्री, पूर्व सांसद और पूर्व विधायक शामिल होंगे। यह वर्ग पुराने चुनावी अनुभव, स्थानीय राजनीतिक समीकरणों और क्षेत्र की बदलती परिस्थितियों की जानकारी के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। इसके बाद वर्तमान जिलाध्यक्ष, पूर्व जिलाध्यक्ष और अन्य क्षेत्रीय पदाधिकारियों के साथ बैठक होगी। यानी संगठन की मौजूदा स्थिति को पुराने अनुभव के साथ जोड़ने की कोशिश होगी।
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राजनीतिक तौर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष के इस दौरे की अहमियत इसलिए भी है कि 2027 के चुनाव में अभी समय है, लेकिन टिकट, बूथ प्रबंधन, सामाजिक समीकरण और स्थानीय स्तर पर संगठन की सक्रियता जैसे मुद्दों पर तैयारियां पहले से शुरू हो जाती हैं। ऐसे में पुराने नेताओं से फीडबैक और वर्तमान पदाधिकारियों से जमीनी रिपोर्ट लेकर पार्टी पश्चिमी यूपी की राजनीतिक स्थिति को परख सकती है। राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यक्रम संगठन के लिए शक्ति प्रदर्शन का मौका भी होगा, लेकिन असली संदेश बैठकों से निकलने वाला माना जा रहा है। कौन से पुराने चेहरे अब भी प्रभावी हैं, वर्तमान संगठन कहां मजबूत है और कहां सुधार की जरूरत है, इन सवालों पर मंथन चुनावी तैयारी की दिशा तय कर सकता है।
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वर्जन
22 सितंबर के कार्यक्रम को लेकर जोर-शोर से तैयारियां की जा रही हैं। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर चर्चा चल रही है, लेकिन अभी तक उनके आगमन का कोई कार्यक्रम तय नहीं हुआ है। - अजीत सिंह राणा, जिलाध्यक्ष भाजपा