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प्रचार बंद हुआ तो जोडतोड में जुटे प्रत्याशी
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सहारनपुर। पंचायत चुनावों में प्रचार बंद होने के बाद जिला पंचायत से लेकर ग्राम प्रधान तक के सभी प्रत्याशी बुधवार को जोडतोड में जुटे रहे। इसके लिए प्रत्याशी एवं उनके समर्थकों ने गुपचुप तरीके से मतदाताओं से घर घर संपर्क किया। साथ ही मोबाइल से भी रूठे हुए मतदाताओं को मनाने का प्रयास किया।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में बृहस्पतिवार (आज) मतदान होगा। बुधवार को प्रत्याशियों और उनके सिपहसलारों ने गुपचुप तरीके से मतदाताओं के घर जाकर संपर्क किया। उन्होंने रूठे हुए मतदाताओं को रिझाने का अंतिम प्रयास किया। हालांकि अधिकांश मतदाता अपने मन की थाह नहीं दे रहे हैं। उनका प्रयास किसी भी प्रत्याशी को नाराज नहीं करने का है। जिन गांवों में ग्राम प्रधान के दो प्रत्याशियों के बीच सीधा मुकाबला है वहां सबसे अधिक रस्साकशी चल रही है। सभी प्रत्याशी चुनाव जीतने के लिए सभी हथकंडे आजमा रहे हैं। जिला पंचायत सदस्य पद पर चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों ने अपने अपने वार्डों में मोबाइल के जरिए संपर्क साधा। साथ ही अपने कार्यकर्ताओं को गुपचुप ढंग से रूठे हुए मतदाताओं के घर भेजकर मान मनौव्वल भी खूब किया गया। ताकि उनकी स्थिति कहीं से भी कमजोर ना रहने पाए। मतदाताओं को रिझाने के लिए प्रत्याशी अपनी तरफ से अंतिम प्रयास कर रहे हैं।
रिश्तेदारों का भी लिया सहारा
गांव में प्रधान पद को लेकर तगड़ा मुकाबला रहता है। चुनावी लड़ाई में जो प्रत्याशी प्रमुख मुकाबले में हैं, वह हर तरह का प्रयास कर रहे हैं। इसी के चलते मतदाताओं के रिश्तेदारों का भी सहारा लिया जा रहा है। कोई मतदाता के दिल्ली में रहने वाले रिश्तेदार से कॉल करा रहा है तो कोई गाजियाबाद और दूसरे शहरों में रहने वाले रिश्तेदारों से बात कर रहा है। सबका प्रयास यही है कि मतदाता उसके पक्ष में मतदान कर सकें। हालांकि इनका प्रयास कितना सफल रहा, यह तो मतदान के बाद मतगणना होने पर ही पता चलेगा।
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पंजाब, उत्तराखंड और हरियाणा से बुला लिए श्रमिक
ग्राम पंचायत चुनाव में अधिक से अधिक मतदाताओं के वोट पाने की इच्छा रखने वाले प्रत्याशियों ने ऐसे मतदाताओं की सूची बनाई जो उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब या अन्य राज्यों में काम के सिलसिले में गए हुए हैं। पता चला है कि कुछ प्रत्याशियों ने तो ऐसे श्रमिकों को बुलवाने के लिए खर्चा तक किया और बस भेजकर उन्हें गांव बुलवाया, ताकि वह मतदान में हिस्सा ले सकें।
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में बृहस्पतिवार (आज) मतदान होगा। बुधवार को प्रत्याशियों और उनके सिपहसलारों ने गुपचुप तरीके से मतदाताओं के घर जाकर संपर्क किया। उन्होंने रूठे हुए मतदाताओं को रिझाने का अंतिम प्रयास किया। हालांकि अधिकांश मतदाता अपने मन की थाह नहीं दे रहे हैं। उनका प्रयास किसी भी प्रत्याशी को नाराज नहीं करने का है। जिन गांवों में ग्राम प्रधान के दो प्रत्याशियों के बीच सीधा मुकाबला है वहां सबसे अधिक रस्साकशी चल रही है। सभी प्रत्याशी चुनाव जीतने के लिए सभी हथकंडे आजमा रहे हैं। जिला पंचायत सदस्य पद पर चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों ने अपने अपने वार्डों में मोबाइल के जरिए संपर्क साधा। साथ ही अपने कार्यकर्ताओं को गुपचुप ढंग से रूठे हुए मतदाताओं के घर भेजकर मान मनौव्वल भी खूब किया गया। ताकि उनकी स्थिति कहीं से भी कमजोर ना रहने पाए। मतदाताओं को रिझाने के लिए प्रत्याशी अपनी तरफ से अंतिम प्रयास कर रहे हैं।
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रिश्तेदारों का भी लिया सहारा
गांव में प्रधान पद को लेकर तगड़ा मुकाबला रहता है। चुनावी लड़ाई में जो प्रत्याशी प्रमुख मुकाबले में हैं, वह हर तरह का प्रयास कर रहे हैं। इसी के चलते मतदाताओं के रिश्तेदारों का भी सहारा लिया जा रहा है। कोई मतदाता के दिल्ली में रहने वाले रिश्तेदार से कॉल करा रहा है तो कोई गाजियाबाद और दूसरे शहरों में रहने वाले रिश्तेदारों से बात कर रहा है। सबका प्रयास यही है कि मतदाता उसके पक्ष में मतदान कर सकें। हालांकि इनका प्रयास कितना सफल रहा, यह तो मतदान के बाद मतगणना होने पर ही पता चलेगा।
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पंजाब, उत्तराखंड और हरियाणा से बुला लिए श्रमिक
ग्राम पंचायत चुनाव में अधिक से अधिक मतदाताओं के वोट पाने की इच्छा रखने वाले प्रत्याशियों ने ऐसे मतदाताओं की सूची बनाई जो उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब या अन्य राज्यों में काम के सिलसिले में गए हुए हैं। पता चला है कि कुछ प्रत्याशियों ने तो ऐसे श्रमिकों को बुलवाने के लिए खर्चा तक किया और बस भेजकर उन्हें गांव बुलवाया, ताकि वह मतदान में हिस्सा ले सकें।