छुटमलपुर (सहारनपुर)। विधानसभा चुनाव के मतदान की तारीखें जैसे जैसे पास आ रही हैं, गली मुहल्लों के नुक्कड़ों पर लगने वाली चौपालों में चुनावी चर्चा भी तेज हो गई है। लोग राजनीतिक दलों की जीत हार के गणित लगाने के साथ ही प्रत्याशियों के दमखम का आकलन भी कर रहे हैं। इन चौपालों पर समर्थकों के अपने प्रत्याशी की जीत के दावों के अपने अपने तर्क हैं।
बृहस्पतिवार को बारिश के बीच देहरादून रोड स्थित एक घास काटने की मशीन पर आग ताप रहे लोग बेहट विधान सभा सीट की चुनावी चर्चा में मशगूल थे। शिव कॉलोनी निवासी प्रमोद अंगीरस का कहना था कि इस सीट पर मुस्लिमों का रुख चुनाव की दिशा तय करेगा। गांव कमाली निवासी चौ. कुंवरपाल राठी बोले कुछ भी हो सरकार तो भाजपा की ही अच्छी है। उनकी बात का समर्थन करते हुए गांव गुडंब निवासी राव रिफाकत का कहना था कि भाजपा में चोरी चकारी बंद हो गई है, सपा सरकार में उनके पशु दिन में ही चोरी हो जाते थे। हालांकि वे कहते हैं कि उनके गांव के ज्यादातर वोट सपा को ही जा रहे हैं, जबकि पास के अनुसूचित जाति बहुल गांव निवादा में तो हाथी ही दौड़ेगा। गांव नौरंगपुर के निर्देश कांबोज का कहना था कि कांग्रेस ने उनकी बिरादारी की प्रत्याशी को चुनाव मैदान में उतारा है, पर उसका वोट तो फूल को जाएगा। गांव भोजेवाला निवासी अरविंद कुमार इनकी बात काट कर कहते हैं कि भाजपा ने न तो रोजगार दिया और न ही किसानों का कुछ भला करा। खुजनावर के अकरम कहते हैं कि कुछ भी हो सरकार तो बहन जी की ही अच्छी है। अफसर भी ठीक रहते हैं। महाराणा प्रताप कॉलोनी के प्रमोद भारद्वाज इनसे इत्तेफाक नहीं रखते वे कहते हैं कि सपा का कोई विकल्प नहीं है। अखिलेश ने ही प्रदेश के विकास को गति दी थी। साइकिल इस बार फिर से दौड़ेगी।