{"_id":"6303cc1f1a9bf002884d668b","slug":"uproar-in-executive-committee-meeting-saharanpur-news-mrt602000846","type":"story","status":"publish","title_hn":"कार्यकारिणी समिति की बैठक में हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कार्यकारिणी समिति की बैठक में हंगामा
विज्ञापन
नगर निगम बोर्ड की कार्यकारिणी समिति की बैठक में पार्षदों के प्रस्तावों को सुनते महापौर संजीव वा?
- फोटो : SAHARANPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कार्यकारिणी समिति की बैठक में हंगामा
सहारनपुर। नगर निगम बोर्ड की कार्यकारिणी समिति की बैठक हंगामेदार रही। एक ओर जहां पार्षदों ने कई कार्यों पर आपत्ति जताते हुए जमकर हंगामा किया, वहीं महापौर संजीव वालिया ने निर्माण कार्यों में गड़बड़ी की रिपोर्ट सदस्यों के समक्ष रखी। जिसके जरिए पूर्व नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह को घेरने की तैयारी की गई है। महापौर की रिपोर्ट पर भी कुछ पार्षदों ने आपत्ति जताई।
कार्यकारिणी समिति की बैठक अपराह्न तीन बजे महापौर कार्यालय में शुरू हुई। सबसे पहले पार्षद आशुतोष सहगल ने बीते दिनों मुख्यमंत्री के नगर निगम में आगमन की सूचना महापौर और पार्षदों को नहीं दिए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि उन्होंने इसकी सूचना पार्षदों को क्यों नहीं दी थी। अपर नगरायुक्त राजेश यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री के निगम आने का कार्यक्त्रस्म काफी देरी से मिला, जिसकी वजह से यह चूक हुई है। उन्होंने गड़बड़ी के आरोपी ठेकेदारों को भुगतान कर दिए जाने का मामला उठाते हुए लेखा अधिकारी से पूछा कि उन्होंने किस आधार पर भुगतान किया। लेेखा अधिकारी ने बताया कि उन्होंने तत्कालीन नगरायुक्त के निर्देश पर भुगतान किया है। पार्षद अभिषेक उर्फ टिंकू अरोड़ा ने नगर निगम में अव्यवस्थाएं चरम पर होने, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के मौत के बाद आश्रित को लिपिक के पद पर तैनाती देने, कुछ अधिकारियों को कई विभागों की जिम्मेदारी देने तथा वार्डों में सफाई कर्मियों की कमी का मामला उठाया। महापौर संजीव वालिया इमरजेंसी के नाम पर हुए कार्यों की रिपोर्ट लेकर बैठक में पहुंचे थे। उन्होंने रिपोर्ट पढ़कर सुनाई, जिसमें निर्माण और मरम्मत कार्यों में गड़बड़ियां होने की बात कही। उन्होंने कहा कि पूर्व नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने अपने खास ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वह इस रिपोर्ट को महालेखाकार के पास ऑडिट के लिए भेजेंगे, साथ ही लोकायुक्त से भी इसकी शिकायत करेंगे। इस पर पार्षद टिंकू अरोड़ा ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति यहां से स्थानांतरित होकर जा चुका है अब उस पर क्या सवाल उठाना? इस बात को लेकर महापौर और टिंकू के बीच गर्मागर्मी हुई। इसके अलावा पशु मंडी, वेंडिंग जोन, जल के लीकेज, सफाईकर्मियों की संख्या बढ़ोतरी, शहीद निशांत शर्मा स्मारक बनाने, निगम परिसर में डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा लगाने सहित अनेक मामले उठाए गए। बैठक में नगर आयुक्त गजल भारद्वाज सहित निगम के कई अधिकारी तथा पार्षद अनिल कुमार, शहजाद मलिक, प्रदीप सिंह, मीनाक्षी आदि मौजूद रहीं।
बेहट बस अड्डे की जगह होगा पार्क
चकराता रोड पर श्रीरामलीला कमेटी को 90 साल के लिए लीज पर दी गई भूमि की लीज जुलाई 2022 में खत्म हो गई है। समिति की बैठक में निर्णय लिया गया है कि उक्त भूमि पर नगर निगम चहारदीवारी कराने के साथ ही उसमें पेड़ और पौधे लगवाएगा, साथ ही टहलने के लिए पथ वे बनाया जाएगा, जिससे लोग इसका इस्तेमाल कर सकें। रामलीला के समय कमेटी को एक माह के लिए पार्क दिया जाया करेगा। इसके अलावा भूमि पर बनी दुकानों का किराया अब नगर निगम वसूलेगा।
विज्ञापन
पत्रावली से कागज गायब
पार्षद आशुतोष सहगल ने निगम की सड़कों को खोदकर काम करने वाली टेलीकॉम कंपनियों, गैस पाइपलाइन कंपनी, विद्युत पोल और ट्रांसफार्मर आदि कंपनियों से यूजर चार्ज के संबंध में सवाल उठाया। उन्होंने एक टेलीकॉम कंपनी द्वारा शहर भर में लगाए गए पोल के संबंध में कहा कि उन्होंने शासनादेश और शिकायतें दर्ज कराई थीं उनमें क्या हुआ? संबंधित अधिकारी ने बताया कि पत्रावली से कागज गायब हैं। शिकायती पत्र और शासनादेश भी उसमें नहीं मिला है।
तीन दिन में होगा कमेले का टेंडर
नगर निगम द्वारा संचालित कमेले का टेंडर नौ अक्तूबर को समाप्त हो चुका है। कार्यकारिणी की बैठक में पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. संदीप मिश्रा ने बताया कि नगरायुक्त ने चार अधिकारियों की समिति बनाई है। अपर नगरायुक्त राजेश यादव ने बताया कि तीन दिन में सारी शर्तें बनाकर टेंडर की प्रक्त्रिस्या पूर्ण की जाएगी।
विज्ञापन
सहारनपुर। नगर निगम बोर्ड की कार्यकारिणी समिति की बैठक हंगामेदार रही। एक ओर जहां पार्षदों ने कई कार्यों पर आपत्ति जताते हुए जमकर हंगामा किया, वहीं महापौर संजीव वालिया ने निर्माण कार्यों में गड़बड़ी की रिपोर्ट सदस्यों के समक्ष रखी। जिसके जरिए पूर्व नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह को घेरने की तैयारी की गई है। महापौर की रिपोर्ट पर भी कुछ पार्षदों ने आपत्ति जताई।
कार्यकारिणी समिति की बैठक अपराह्न तीन बजे महापौर कार्यालय में शुरू हुई। सबसे पहले पार्षद आशुतोष सहगल ने बीते दिनों मुख्यमंत्री के नगर निगम में आगमन की सूचना महापौर और पार्षदों को नहीं दिए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि उन्होंने इसकी सूचना पार्षदों को क्यों नहीं दी थी। अपर नगरायुक्त राजेश यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री के निगम आने का कार्यक्त्रस्म काफी देरी से मिला, जिसकी वजह से यह चूक हुई है। उन्होंने गड़बड़ी के आरोपी ठेकेदारों को भुगतान कर दिए जाने का मामला उठाते हुए लेखा अधिकारी से पूछा कि उन्होंने किस आधार पर भुगतान किया। लेेखा अधिकारी ने बताया कि उन्होंने तत्कालीन नगरायुक्त के निर्देश पर भुगतान किया है। पार्षद अभिषेक उर्फ टिंकू अरोड़ा ने नगर निगम में अव्यवस्थाएं चरम पर होने, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के मौत के बाद आश्रित को लिपिक के पद पर तैनाती देने, कुछ अधिकारियों को कई विभागों की जिम्मेदारी देने तथा वार्डों में सफाई कर्मियों की कमी का मामला उठाया। महापौर संजीव वालिया इमरजेंसी के नाम पर हुए कार्यों की रिपोर्ट लेकर बैठक में पहुंचे थे। उन्होंने रिपोर्ट पढ़कर सुनाई, जिसमें निर्माण और मरम्मत कार्यों में गड़बड़ियां होने की बात कही। उन्होंने कहा कि पूर्व नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने अपने खास ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वह इस रिपोर्ट को महालेखाकार के पास ऑडिट के लिए भेजेंगे, साथ ही लोकायुक्त से भी इसकी शिकायत करेंगे। इस पर पार्षद टिंकू अरोड़ा ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति यहां से स्थानांतरित होकर जा चुका है अब उस पर क्या सवाल उठाना? इस बात को लेकर महापौर और टिंकू के बीच गर्मागर्मी हुई। इसके अलावा पशु मंडी, वेंडिंग जोन, जल के लीकेज, सफाईकर्मियों की संख्या बढ़ोतरी, शहीद निशांत शर्मा स्मारक बनाने, निगम परिसर में डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा लगाने सहित अनेक मामले उठाए गए। बैठक में नगर आयुक्त गजल भारद्वाज सहित निगम के कई अधिकारी तथा पार्षद अनिल कुमार, शहजाद मलिक, प्रदीप सिंह, मीनाक्षी आदि मौजूद रहीं।
विज्ञापन
बेहट बस अड्डे की जगह होगा पार्क
चकराता रोड पर श्रीरामलीला कमेटी को 90 साल के लिए लीज पर दी गई भूमि की लीज जुलाई 2022 में खत्म हो गई है। समिति की बैठक में निर्णय लिया गया है कि उक्त भूमि पर नगर निगम चहारदीवारी कराने के साथ ही उसमें पेड़ और पौधे लगवाएगा, साथ ही टहलने के लिए पथ वे बनाया जाएगा, जिससे लोग इसका इस्तेमाल कर सकें। रामलीला के समय कमेटी को एक माह के लिए पार्क दिया जाया करेगा। इसके अलावा भूमि पर बनी दुकानों का किराया अब नगर निगम वसूलेगा।
विज्ञापन
पत्रावली से कागज गायब
पार्षद आशुतोष सहगल ने निगम की सड़कों को खोदकर काम करने वाली टेलीकॉम कंपनियों, गैस पाइपलाइन कंपनी, विद्युत पोल और ट्रांसफार्मर आदि कंपनियों से यूजर चार्ज के संबंध में सवाल उठाया। उन्होंने एक टेलीकॉम कंपनी द्वारा शहर भर में लगाए गए पोल के संबंध में कहा कि उन्होंने शासनादेश और शिकायतें दर्ज कराई थीं उनमें क्या हुआ? संबंधित अधिकारी ने बताया कि पत्रावली से कागज गायब हैं। शिकायती पत्र और शासनादेश भी उसमें नहीं मिला है।
तीन दिन में होगा कमेले का टेंडर
नगर निगम द्वारा संचालित कमेले का टेंडर नौ अक्तूबर को समाप्त हो चुका है। कार्यकारिणी की बैठक में पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. संदीप मिश्रा ने बताया कि नगरायुक्त ने चार अधिकारियों की समिति बनाई है। अपर नगरायुक्त राजेश यादव ने बताया कि तीन दिन में सारी शर्तें बनाकर टेंडर की प्रक्त्रिस्या पूर्ण की जाएगी।

बैठक को सम्बोधित करते मेयर संजीव वालिया- फोटो : SAHARANPUR