{"_id":"6251d01ed1997e360c0b047c","slug":"two-modern-pink-toilets-will-be-built-in-the-district-hospital-saharanpur-news-mrt5837679147","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला अस्पताल में बनेंगे दो आधुनिक पिंक शौचालय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला अस्पताल में बनेंगे दो आधुनिक पिंक शौचालय
विज्ञापन
सहारनपुर। एसबीडी जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल में नगर निगम आधुनिक सुविधाओं वाले दो पिंक शौचालय बनाएगा। इसके लिए इमरजेंसी वार्ड के सामने पहले से संचालित शौचालय की बगल में खाली पड़ी भूमि का चयन किया गया है। एक महिला अस्पताल में बनेगा। पिंक शौचालय बनने के बाद अस्पताल में इलाज के लिए आने वाली महिला मरीजों और मरीजों के साथ आने वाली महिला तीमारदारों को सहूलियत होगी।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन करीब तीन हजार नए मरीज ओपीडी में आते हैं, जबकि करीब इतने ही पुराने मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इन छह हजार मरीजों में करीब 50 फीसदी यानी तीन हजार महिलाएं अस्पताल पहुंचती हैं, जिनके लिए अभी तक अलग से शौचालय की अच्छी व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में नगर निगम ने पिंक शौचालय के लिए एसबीडी जिला अस्पताल का चयन किया है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कुनाल जैन ने बताया कि नगरायुक्त ने पिंक शौचालय के लिए विशेष रूप से अस्पताल का चयन किया है। यहां इमरजेंसी वार्ड के सामने पूर्व से संचालित शौचालय की बगल में खाली पड़ी भूमि का चयन किया गया है। इसके अलावा जिला महिला अस्पताल में भी प्रतिदिन करीब डेढ़ हजार महिलाएं इलाज और प्रसव के लिए आती हैं। जिनके साथ महिला तीमारदार भी बड़ी संख्या में होती हैं। यहां भी पिंक शौचालय बनाया जाएगा। तीसरा पिंक शौचालय नेहरू मार्केट में जुबली पार्क में बनाया जाएगा, क्योंकि नेहरू मार्केट और शहीद गंज में प्रतिदिन हजारों महिलाएं खरीदारी के लिए पहुंचती हैं, जिनको अलग से शौचालय नहीं होने से असुविधा रहती है।
पिंक शौचालय में यह होंगी सुविधा
पिंक शौचालय में एक ओर जहां महिलाओं के लिए शौचालय और यूरिनल बने होंगे। वहीं यदि कोई महिला अपने बच्चे को दूध पिलाना चाहती है तो उसके लिए अलग से कक्ष होगा। स्नान के लिए स्नानघर की भी व्यवस्था इसमें रहेगी। इसके अलावा सेनेट्री पैड को निस्तारित करने के लिए मशीन भी लगाई जाएगी।
विज्ञापन
दस लाख से अधिक आएगी लागत
एक पिंक शौचालय पर दस लाख रुपये से अधिक की लागत आएगी। पहले चरण में तीन पिंक शौचालय बन रहे हैं। आचार संहिता खत्म होते ही शौचालयों के लिए टेंडर की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। जिसके तुरंत बाद शौचालयों के निर्माण का कार्य शुरू होगा।
महानगर में तीन पिंक शौचालय बनाए जाने हैं। इनमें से दो शौचालय जिला अस्पताल और एक शौचालय नेहरू मार्केट में बनेगा। आचार संहिता समाप्त होते ही टेंडर की प्रक्रिया पूर्ण कर निर्माण शुरू कराया जाएगा।
आलोक श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता, निर्माण विभाग।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में प्रतिदिन करीब तीन हजार नए मरीज ओपीडी में आते हैं, जबकि करीब इतने ही पुराने मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इन छह हजार मरीजों में करीब 50 फीसदी यानी तीन हजार महिलाएं अस्पताल पहुंचती हैं, जिनके लिए अभी तक अलग से शौचालय की अच्छी व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में नगर निगम ने पिंक शौचालय के लिए एसबीडी जिला अस्पताल का चयन किया है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कुनाल जैन ने बताया कि नगरायुक्त ने पिंक शौचालय के लिए विशेष रूप से अस्पताल का चयन किया है। यहां इमरजेंसी वार्ड के सामने पूर्व से संचालित शौचालय की बगल में खाली पड़ी भूमि का चयन किया गया है। इसके अलावा जिला महिला अस्पताल में भी प्रतिदिन करीब डेढ़ हजार महिलाएं इलाज और प्रसव के लिए आती हैं। जिनके साथ महिला तीमारदार भी बड़ी संख्या में होती हैं। यहां भी पिंक शौचालय बनाया जाएगा। तीसरा पिंक शौचालय नेहरू मार्केट में जुबली पार्क में बनाया जाएगा, क्योंकि नेहरू मार्केट और शहीद गंज में प्रतिदिन हजारों महिलाएं खरीदारी के लिए पहुंचती हैं, जिनको अलग से शौचालय नहीं होने से असुविधा रहती है।
विज्ञापन
पिंक शौचालय में यह होंगी सुविधा
पिंक शौचालय में एक ओर जहां महिलाओं के लिए शौचालय और यूरिनल बने होंगे। वहीं यदि कोई महिला अपने बच्चे को दूध पिलाना चाहती है तो उसके लिए अलग से कक्ष होगा। स्नान के लिए स्नानघर की भी व्यवस्था इसमें रहेगी। इसके अलावा सेनेट्री पैड को निस्तारित करने के लिए मशीन भी लगाई जाएगी।
विज्ञापन
दस लाख से अधिक आएगी लागत
एक पिंक शौचालय पर दस लाख रुपये से अधिक की लागत आएगी। पहले चरण में तीन पिंक शौचालय बन रहे हैं। आचार संहिता खत्म होते ही शौचालयों के लिए टेंडर की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। जिसके तुरंत बाद शौचालयों के निर्माण का कार्य शुरू होगा।
महानगर में तीन पिंक शौचालय बनाए जाने हैं। इनमें से दो शौचालय जिला अस्पताल और एक शौचालय नेहरू मार्केट में बनेगा। आचार संहिता समाप्त होते ही टेंडर की प्रक्रिया पूर्ण कर निर्माण शुरू कराया जाएगा।
आलोक श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता, निर्माण विभाग।