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पटरी पर लौट रहा ट्रांसपोर्ट कारोबार
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सहारनपुर। कोरोना काल में जहां 90 प्रतिशत बसों के परमिट सरेंडर हो गए थे, अब जुलाई के अंतिम सप्ताह और अगस्त में स्थिति बदल गई है। ट्रांसपोर्ट कारोबार पटरी पर लौट रहा है, लेकिन अभी स्कूल बसों का संचालन नहीं हो रहा है, जिससे अभी करीब 15 प्रतिशत बसों के परमिट सरेंडर हैं।
जिले में बसों के कुल 609 परमिट परिवहन विभाग की तरफ से जारी किए हुए हैं। कोरोना काल के दौरान इनमें से 90 प्रतिशत बसों के परमिट सरेंडर कर दिए गए थे, क्योंकि इनका संचालन ठप हो गया था। इसके बाद जुलाई और अगस्त माह में हालत में सुधार हुआ। अब स्थिति यह है कि 609 में से सिर्फ 106 बसों के परमिट ही सरेंडर हैं। इनमें भी अधिकांश स्कूल बसें हैं, क्योंकि अभी स्कूल बसों का संचालन नहीं हुआ है। आगामी 16 अगस्त से कक्षा नौ से 12 तक के विद्यालय खुलने जा रहे हैं, जिससे स्कूल बसों का भी संचालन होगा। इसके बाद बसों के परमिट सरेंडर की संख्या में भी कम हो जाएगी।
ट्रकों का संचालन
जिले में करीब 6000 ट्रक व्यवसायिक वाहनों के परमिट परिवहन विभाग की तरफ से जारी हैं, जिनमें से अब 12 ही ट्रकों के परमिट सरेंडर हैं। यह भी ऐसे हैं जो संचालन करने में असमर्थ हैं। बाकी ट्रकों का संचालन हो रहा है। इससे जाहिर है कि कोरोना काल में जहां ट्रांसपोर्ट कारोबार चरमरा गया था, अब उसमें सुधार हो रहा है। इसके अलावा मैक्स टैक्सी के रूप में 900 परमिट हैं, जिनमें से 55 के ही परमिट सरेंडर हैं।
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व्यावसायिक वाहनों का संचालन जुलाई और अगस्त माह में पटरी पर लौटा है। कोरोना काल में जहां 90 प्रतिशत बसों के परमिट सरेंडर हुए थे, अब सिर्फ 10 से 15 प्रतिशत ही सरेंडर हैं। स्कूल वाहनों का संचालन होने पर यह स्थिति भी ठीक हो जाएगी। -- आरपी मिश्र, एआरटीओ
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जिले में बसों के कुल 609 परमिट परिवहन विभाग की तरफ से जारी किए हुए हैं। कोरोना काल के दौरान इनमें से 90 प्रतिशत बसों के परमिट सरेंडर कर दिए गए थे, क्योंकि इनका संचालन ठप हो गया था। इसके बाद जुलाई और अगस्त माह में हालत में सुधार हुआ। अब स्थिति यह है कि 609 में से सिर्फ 106 बसों के परमिट ही सरेंडर हैं। इनमें भी अधिकांश स्कूल बसें हैं, क्योंकि अभी स्कूल बसों का संचालन नहीं हुआ है। आगामी 16 अगस्त से कक्षा नौ से 12 तक के विद्यालय खुलने जा रहे हैं, जिससे स्कूल बसों का भी संचालन होगा। इसके बाद बसों के परमिट सरेंडर की संख्या में भी कम हो जाएगी।
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ट्रकों का संचालन
जिले में करीब 6000 ट्रक व्यवसायिक वाहनों के परमिट परिवहन विभाग की तरफ से जारी हैं, जिनमें से अब 12 ही ट्रकों के परमिट सरेंडर हैं। यह भी ऐसे हैं जो संचालन करने में असमर्थ हैं। बाकी ट्रकों का संचालन हो रहा है। इससे जाहिर है कि कोरोना काल में जहां ट्रांसपोर्ट कारोबार चरमरा गया था, अब उसमें सुधार हो रहा है। इसके अलावा मैक्स टैक्सी के रूप में 900 परमिट हैं, जिनमें से 55 के ही परमिट सरेंडर हैं।
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व्यावसायिक वाहनों का संचालन जुलाई और अगस्त माह में पटरी पर लौटा है। कोरोना काल में जहां 90 प्रतिशत बसों के परमिट सरेंडर हुए थे, अब सिर्फ 10 से 15 प्रतिशत ही सरेंडर हैं। स्कूल वाहनों का संचालन होने पर यह स्थिति भी ठीक हो जाएगी। -- आरपी मिश्र, एआरटीओ