{"_id":"602171768ebc3ed64a725e1c","slug":"the-youth-did-not-get-contact-on-the-second-day-as-well-the-family-left-for-uttarakhand-saharanpur-news-mrt5243939135","type":"story","status":"publish","title_hn":"दूसरे दिन भी नहीं हुआ युवकों से संपर्क, परिजन उत्तराखंड रवाना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दूसरे दिन भी नहीं हुआ युवकों से संपर्क, परिजन उत्तराखंड रवाना
विज्ञापन
माजिद
- फोटो : SAHARANPUR
दूसरे दिन भी नहीं हुआ युवकों से संपर्क, परिजन उत्तराखंड रवाना
अंबेहटा (सहारनपुर)। उत्तराखंड में हुई जल प्रलय की घटना के बाद से लापता अंबेहटा निवासी तीनों युवकों का परिजनों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। परिजनों ने उत्तराखंड में कंट्रोल रूम को भी कॉल की। परिजनों को पहचान पत्रों के साथ बुलाया गया, जिसके बाद परिजन उत्तराखंड रवाना हो गए। सोमवार शाम तक परिजन उत्तराखंड के श्रीनगर में पहुंच गए थे। उधर, युवकों से संपर्क ना होने की वजह से परिजनों का हाल बेहाल है।
अंबेहटा निवासी अब्दुल, रिजवान और माजिद रंगाई पुताई का कार्य करते हैं और इन दिनों वे उत्तराखंड के जोशीमठ में एनटीपीसी (नेशनल थर्मल पावर कार्पोरेशन) की बिल्डिंग पर पुताई करने गए हुए थे। उसी इलाके में जल प्रलय भी आई। जल प्रलय की सूचनाएं प्रसारित होने पर रविवार को इनके परिजनों ने तीनों युवकों से मोबाइल फोन पर संपर्क करना चाहा, लेकिन तीनों के मोबाइल फोन स्विच ऑफ आते रहे। अब्दुल के चाचा शकूर ने बताया कि 11 जनवरी को तीनों युवक काम के लिए उत्तराखंड गए थे। तीनों ही युवकों के मोबाइल फोन बंद आ रहे हैं। उत्तराखंड के कंट्रोल रूम में बात करने पर भी युवकों का कोई सुराग नहीं लग पाया है। कंट्रोल रूम से तीनों युवकों के पहचान पत्र मंगाए गए हैं, जिन्हें लेकर परिजन उत्तराखंड रवाना हो गए। पूर्व सभासद नसीम भी इनके साथ गए हुए हैं। उन्होंने बताया कि रात साढ़े छह बजे तक भी युवकों से संपर्क नहीं हो सका है।
सलामती की दुआ कर रहे परिवार के लोग
अंबेहटा निवासी तीनों युवकों के परिवार के लोग अनिष्ट की आशंका के कारण घबराए हुए हैं। अल्लाह से तीनों युवकों की सलामती के लिए दुआ कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
अंबेहटा (सहारनपुर)। उत्तराखंड में हुई जल प्रलय की घटना के बाद से लापता अंबेहटा निवासी तीनों युवकों का परिजनों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। परिजनों ने उत्तराखंड में कंट्रोल रूम को भी कॉल की। परिजनों को पहचान पत्रों के साथ बुलाया गया, जिसके बाद परिजन उत्तराखंड रवाना हो गए। सोमवार शाम तक परिजन उत्तराखंड के श्रीनगर में पहुंच गए थे। उधर, युवकों से संपर्क ना होने की वजह से परिजनों का हाल बेहाल है।
अंबेहटा निवासी अब्दुल, रिजवान और माजिद रंगाई पुताई का कार्य करते हैं और इन दिनों वे उत्तराखंड के जोशीमठ में एनटीपीसी (नेशनल थर्मल पावर कार्पोरेशन) की बिल्डिंग पर पुताई करने गए हुए थे। उसी इलाके में जल प्रलय भी आई। जल प्रलय की सूचनाएं प्रसारित होने पर रविवार को इनके परिजनों ने तीनों युवकों से मोबाइल फोन पर संपर्क करना चाहा, लेकिन तीनों के मोबाइल फोन स्विच ऑफ आते रहे। अब्दुल के चाचा शकूर ने बताया कि 11 जनवरी को तीनों युवक काम के लिए उत्तराखंड गए थे। तीनों ही युवकों के मोबाइल फोन बंद आ रहे हैं। उत्तराखंड के कंट्रोल रूम में बात करने पर भी युवकों का कोई सुराग नहीं लग पाया है। कंट्रोल रूम से तीनों युवकों के पहचान पत्र मंगाए गए हैं, जिन्हें लेकर परिजन उत्तराखंड रवाना हो गए। पूर्व सभासद नसीम भी इनके साथ गए हुए हैं। उन्होंने बताया कि रात साढ़े छह बजे तक भी युवकों से संपर्क नहीं हो सका है।
विज्ञापन
सलामती की दुआ कर रहे परिवार के लोग
अंबेहटा निवासी तीनों युवकों के परिवार के लोग अनिष्ट की आशंका के कारण घबराए हुए हैं। अल्लाह से तीनों युवकों की सलामती के लिए दुआ कर रहे हैं।

अब्दुल- फोटो : SAHARANPUR

रिजवान- फोटो : SAHARANPUR
विज्ञापन