फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   The risk of chicken pox increased due to changing weather

Saharanpur News: मौसम बदलने से बढ़ा चिकन पॉक्स का खतरा

Wed, 05 Apr 2023 12:04 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Wed, 05 Apr 2023 12:04 AM IST
विज्ञापन
The risk of chicken pox increased due to changing weather
सहारनपुर। मौसम बदलने से चिकन पॉक्स के मामले बढ़े हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों में चिकन पॉक्स के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। शहर में कई बच्चे और युवा चिकन पॉक्स से पीड़ित मिले हैं। जिला अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में सबसे ज्यादा चिकन पॉक्स के ही मरीज आ रहे।
विज्ञापन


सेठ बलदेव दास बाजोरिया जिला चिकित्सालय में प्रतिदिन 1300 से 1500 मरीजों की ओपीडी है। जब से मौसम में बदलाव हुआ है तब से चर्म रोग के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। प्रतिदिन 250 से 300 मरीज सिर्फ चर्म रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में पहुंच रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा 120 से 130 मरीज चिकन पॉक्स के हैं।
विज्ञापन


चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. केवी सिंह ने बताया कि चिकन पॉक्स संक्रामक बीमारी है। यह दस साल तक के बच्चों में तेजी से फैलती है। घर में एक बच्चे को हो जाने पर अन्य बच्चों को होने की आशंका ज्यादा रहती है। उन्होंने बताया कि इससे पीड़ित मरीज घर से न निकलें और घर पर ही आइसोलेट में रहें।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके अलावा वायरल के मरीजों की भी संख्या तेजी से बढ़ी है। उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। 25 से 30 मरीज प्रतिदिन उल्टी-दस्त के पहुंच रहे हैं।


समय पर कराएं इलाज, झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़े

जिला अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. केवी सिंह बताते हैं कि चिकन पॉक्स संक्रामक बीमारी है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में लोग इसे माताजी कहते हैं। इसका इलाज है। सही समय पर इलाज होने से मरीज पूरी तरह से स्वस्थ हो जाता है। चिकित्सक को दिखाएं। झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़े।

ये हैं बचाव और उपचार

-अगर किसी बच्चे को यह बीमारी हो जाती है तो उसे स्कूल व कहीं बाहर न जाने दें।

-मरीज को अलग रखना जरूरी है।

-मरीज की नाक व मुंह से निकले वाले स्त्राव को जमीन में दबा देना चाहिए।

-जूस, नारियल, पानी का सेवन ज्यादा से ज्यादा करें।

-मरीज को छींकने और खांसते समय नाक व मुंह पर कपड़ा रखना चाहिए।

-ये हैं लक्षण

-तेज बुखार आना।

-त्वचा पर गुलाबी रंग के दाने विकसित होना।

-ये दाने मुंह, सिर, गर्दन, पेट, पीठ छाती पर दिखाई देते हैं।

-शरीर में दाने बड़े या फिर छोटे आकार के होते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed