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Saharanpur News: केनवास पर कल्पनाओं को उकेर दिया जल और प्रकृति संरक्षण का संदेश
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मिर्जापुर। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के अंतर्गत सेव द वाटर एंड नेचर (जल संरक्षण एवं प्रकृति बचाओ) पर मिर्जापुर के जाटोवाला गांव स्थित सिद्धार्थ मॉडर्न स्कूल में चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता हुई। इसमें कक्षा 9 से कक्षा 12 तक के करीब 50 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
प्रतिभागी छात्र-छात्राओं ने तूलिका से कागज पर जल एवं प्रकृति की उपयोगिता पर अपने विचाराें को उकेरा। उन्होंने कागज पर रंगों के माध्यम से जल के दोहन से होने वाले नुकसान और जल संरक्षण की जरूरत को समाज के सामने रखा। छात्र-छात्राओं ने अपने चित्रों से यह बताने का प्रयास किया कि बाल्टी में जल लेकर शावर या टब में स्नान करने की तुलना में बहुत जल बचाया जा सकता है। बारिश के पानी को इकट्ठा करके किस प्रकार से जल संकट को दूर किया जा सकता है। प्रतिभागियों ने प्रतियोगिता में अपने चित्रों के माध्यम से इस बात को भी उजागर किया कि जल ही जीवन है, जल के बिना जीवन की कल्पना भी मुश्किल है।
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जल संरक्षण एवं प्रकृति बचाओ प्रतियोगिता में कक्षा 9 में राधिका सैनी प्रथम, कशिश धीमान द्वितीय एवं अनुष्का छिंद्रा तृतीय, कक्षा 10 में सिमरन सैनी प्रथम, कीर्ति भारद्वाज द्वितीय, शगुन तृतीय, कक्षा 11 में वृंदा प्रथम, अक्षय कांबोज द्वितीय एवं खुशी छिंद्रा तृतीय, कक्षा 12 में देवांशी धीमान प्रथम, वृंदा द्वितीय एवं रितिका सैनी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इन्हें स्कूल प्रबंधन की तरफ से पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
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हम हमेशा सुनते आए हैं कि जल ही जीवन है। जल के बिना सुनहरे कल की कल्पना नहीं की जा सकती। जीवन के सभी कार्यों का निष्पादन करने के लिए भी जल की आवश्यकता होती है। इसलिए हम सभी को जल को बचाने के लिए आगे आना होगा।
बृजमोहन धीमान प्रबंधक सिद्धार्थ पब्लिक स्कूल।
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राष्ट्रीय विकास में जल के महत्व को देखते हुए अब हमें जल संरक्षण को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता में रखकर पूरे देश में कारगर जन जागरण अभियान की आवश्यकता है।
दिव्या भारती अध्यापिका।
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जल एक बहुमूल्य संसाधन है। सभी के लिए जीवन का आधार यह अभियान पूरे समाज का है। इसलिए हम सभी को जल के दोहन को रोकने और उसका संरक्षण करने के लिए जागरूक होकर आगे आना होगा।
गौरव गर्ग अध्यापक।
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राष्ट्रीय विकास में जल एवं प्रकृति की महत्ता को देखते हुए अब हमें जल संरक्षण को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता में रखकर पूरे देश में जनजागरण अभियान चलाने की आवश्यकता है। अमर उजाला ने अपराजिता अभियान के अंतर्गत संरक्षण का अभियान शुरू कर सराहनीय पहल की है, जो जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने में कारगर साबित होगी।
निरुपमा धीमान प्रधानाचार्य सिद्धार्थ मॉडर्न स्कूल जाटोवाला।
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कक्षा 12 की देवांशी ने कहा कि हमें अपने आसपास सफाई का विशेष ध्यान रखना होगा, तभी हम प्रकृति को बचा सकेंगे।
कक्षा 9 की छात्रा कशिश ने कहा कि पेड़-पौधे अधिकाधिक संख्या में लगाकर प्रकृति को बचाना होगा।
कक्षा 12 की नित्या धीमान ने कहा कि हमारे जीवन में प्रकृति का विशेष महत्व है। हमें ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने चाहिएं।
कक्षा 12 की रितिका सैनी ने कहा कि जल ही जीवन है। जल को बचाएं, क्योंकि अगर जल नहीं है तो हम भी नहीं हैं।
कक्षा 11 की वृंदा धीमान ने कहा कि पानी का भूस्तर बहुत कम हो रहा है। उसको हम व्यर्थ ही बहाते हैं। जल दुरुपयोग कम करना चाहिए।
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प्रतिभागी छात्र-छात्राओं ने तूलिका से कागज पर जल एवं प्रकृति की उपयोगिता पर अपने विचाराें को उकेरा। उन्होंने कागज पर रंगों के माध्यम से जल के दोहन से होने वाले नुकसान और जल संरक्षण की जरूरत को समाज के सामने रखा। छात्र-छात्राओं ने अपने चित्रों से यह बताने का प्रयास किया कि बाल्टी में जल लेकर शावर या टब में स्नान करने की तुलना में बहुत जल बचाया जा सकता है। बारिश के पानी को इकट्ठा करके किस प्रकार से जल संकट को दूर किया जा सकता है। प्रतिभागियों ने प्रतियोगिता में अपने चित्रों के माध्यम से इस बात को भी उजागर किया कि जल ही जीवन है, जल के बिना जीवन की कल्पना भी मुश्किल है।
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जल संरक्षण एवं प्रकृति बचाओ प्रतियोगिता में कक्षा 9 में राधिका सैनी प्रथम, कशिश धीमान द्वितीय एवं अनुष्का छिंद्रा तृतीय, कक्षा 10 में सिमरन सैनी प्रथम, कीर्ति भारद्वाज द्वितीय, शगुन तृतीय, कक्षा 11 में वृंदा प्रथम, अक्षय कांबोज द्वितीय एवं खुशी छिंद्रा तृतीय, कक्षा 12 में देवांशी धीमान प्रथम, वृंदा द्वितीय एवं रितिका सैनी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इन्हें स्कूल प्रबंधन की तरफ से पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
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हम हमेशा सुनते आए हैं कि जल ही जीवन है। जल के बिना सुनहरे कल की कल्पना नहीं की जा सकती। जीवन के सभी कार्यों का निष्पादन करने के लिए भी जल की आवश्यकता होती है। इसलिए हम सभी को जल को बचाने के लिए आगे आना होगा।
बृजमोहन धीमान प्रबंधक सिद्धार्थ पब्लिक स्कूल।
राष्ट्रीय विकास में जल के महत्व को देखते हुए अब हमें जल संरक्षण को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता में रखकर पूरे देश में कारगर जन जागरण अभियान की आवश्यकता है।
दिव्या भारती अध्यापिका।
जल एक बहुमूल्य संसाधन है। सभी के लिए जीवन का आधार यह अभियान पूरे समाज का है। इसलिए हम सभी को जल के दोहन को रोकने और उसका संरक्षण करने के लिए जागरूक होकर आगे आना होगा।
गौरव गर्ग अध्यापक।
राष्ट्रीय विकास में जल एवं प्रकृति की महत्ता को देखते हुए अब हमें जल संरक्षण को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता में रखकर पूरे देश में जनजागरण अभियान चलाने की आवश्यकता है। अमर उजाला ने अपराजिता अभियान के अंतर्गत संरक्षण का अभियान शुरू कर सराहनीय पहल की है, जो जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने में कारगर साबित होगी।
निरुपमा धीमान प्रधानाचार्य सिद्धार्थ मॉडर्न स्कूल जाटोवाला।
कक्षा 12 की देवांशी ने कहा कि हमें अपने आसपास सफाई का विशेष ध्यान रखना होगा, तभी हम प्रकृति को बचा सकेंगे।
कक्षा 9 की छात्रा कशिश ने कहा कि पेड़-पौधे अधिकाधिक संख्या में लगाकर प्रकृति को बचाना होगा।
कक्षा 12 की नित्या धीमान ने कहा कि हमारे जीवन में प्रकृति का विशेष महत्व है। हमें ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने चाहिएं।
कक्षा 12 की रितिका सैनी ने कहा कि जल ही जीवन है। जल को बचाएं, क्योंकि अगर जल नहीं है तो हम भी नहीं हैं।
कक्षा 11 की वृंदा धीमान ने कहा कि पानी का भूस्तर बहुत कम हो रहा है। उसको हम व्यर्थ ही बहाते हैं। जल दुरुपयोग कम करना चाहिए।