{"_id":"6102f30d8ebc3e395e5c369d","slug":"the-killer-jodhan-came-on-the-radar-of-stf-saharanpur-news-mrt549619143","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसटीएफ की रडार पर आया हत्यारा जोधन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसटीएफ की रडार पर आया हत्यारा जोधन
विज्ञापन
सहारनपुर। सहगल परिवार हत्याकांड में उम्रकैद सजायाफ्ता मेहरबान उर्फ जोधन अब एसटीएफ (स्पेशल टॉस्क फोर्स) की रडार पर आ गया है। वह पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था। पुलिस उसको तलाशने में नाकाम रही, जिसके चलते एसटीएफ की वांटेड सूची में इसका नाम शामिल हो गया है।
जनकपुरी थाना क्षेत्र में जिलाधिकारी आवास के निकट न्यू भगत सिंह कालोनी में 27 मई 2011 को सहगल परिवार के मुखिया रमेश सहगल, (60) उनके बडे बेटे प्रदीप सहगल (40), बहू प्रीति सहगल (37), पुत्र प्रतीक सहगल (15) और प्रज्जवल सहगल (11) की पीट पीटकर हत्या कर दी गई थी। पांचों के शव घर में पड़े मिले थे। मामले में पुलिस ने फाती उर्फ फतेह ग्राम माजरा गागनौली थाना रमाला, नियाज उर्फ शेरा, मेहरबान उर्फ जोधन उर्फ ददिया उर्फ नौशाद और इरशाद निवासी हुसैनपुर गंगोह को गिरफ्तार किया था। इन्हें 23 दिसंबर 2019 को अपर सत्र न्यायाधीश सुरेश चंद भारती की अदालत से उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। वारदात का कोई चश्मदीद नहीं था, जिस कारण परिस्थितिजन साक्ष्य के आधार पर सजा हुई थी।
वहीं, सजायाफ्ता मेहरबान उर्फ जोधन को मध्य प्रदेश के भोपाल में विचाराधीन आपराधिक मामले में पेश करने के लिए 23 दिसंबर 2020 को ले जाया जा रहा था तो, वह पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था। इसकी रिपोर्ट भोपाल में ही दर्ज हुई थी। तब से सहारनपुर पुलिस मेहरबान उर्फ जोधन को गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है, लेकिन वह हाथ नहीं लगा।
विज्ञापन
अब पता चला है कि मेहरबान उर्फ जोधन को गिरफ्तार करने के लिए एसटीएफ ने भी जाल बिछाना शुरू कर दिया है। माना जा रहा है कि अब जल्दी ही जोधन एसटीएफ की गिरफ्त में आ सकता है।
मेहरबान उर्फ जोधन को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस ने काफी प्रयास किया है। मेहरबान उर्फ जोधन सहित अन्य वांछितों का रिकार्ड एसटीएफ से भी साझा किया गया है। -- उपेद्र कुमार अग्रवाल, डीआईजी, सहारनपुर
विज्ञापन
जनकपुरी थाना क्षेत्र में जिलाधिकारी आवास के निकट न्यू भगत सिंह कालोनी में 27 मई 2011 को सहगल परिवार के मुखिया रमेश सहगल, (60) उनके बडे बेटे प्रदीप सहगल (40), बहू प्रीति सहगल (37), पुत्र प्रतीक सहगल (15) और प्रज्जवल सहगल (11) की पीट पीटकर हत्या कर दी गई थी। पांचों के शव घर में पड़े मिले थे। मामले में पुलिस ने फाती उर्फ फतेह ग्राम माजरा गागनौली थाना रमाला, नियाज उर्फ शेरा, मेहरबान उर्फ जोधन उर्फ ददिया उर्फ नौशाद और इरशाद निवासी हुसैनपुर गंगोह को गिरफ्तार किया था। इन्हें 23 दिसंबर 2019 को अपर सत्र न्यायाधीश सुरेश चंद भारती की अदालत से उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। वारदात का कोई चश्मदीद नहीं था, जिस कारण परिस्थितिजन साक्ष्य के आधार पर सजा हुई थी।
विज्ञापन
वहीं, सजायाफ्ता मेहरबान उर्फ जोधन को मध्य प्रदेश के भोपाल में विचाराधीन आपराधिक मामले में पेश करने के लिए 23 दिसंबर 2020 को ले जाया जा रहा था तो, वह पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था। इसकी रिपोर्ट भोपाल में ही दर्ज हुई थी। तब से सहारनपुर पुलिस मेहरबान उर्फ जोधन को गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है, लेकिन वह हाथ नहीं लगा।
विज्ञापन
अब पता चला है कि मेहरबान उर्फ जोधन को गिरफ्तार करने के लिए एसटीएफ ने भी जाल बिछाना शुरू कर दिया है। माना जा रहा है कि अब जल्दी ही जोधन एसटीएफ की गिरफ्त में आ सकता है।
मेहरबान उर्फ जोधन को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस ने काफी प्रयास किया है। मेहरबान उर्फ जोधन सहित अन्य वांछितों का रिकार्ड एसटीएफ से भी साझा किया गया है। -- उपेद्र कुमार अग्रवाल, डीआईजी, सहारनपुर