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खास रिपोर्ट: सामने आया ग्रामीणों का दर्द, बोले- प्रधान तो बदल जाते हैं लेकिन गांव की सूरत नहीं

Mon, 12 Apr 2021 04:42 PM IST
मेरठ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Mon, 12 Apr 2021 04:42 PM IST
सार

चुनावी प्रचार के शोर के बीच गांवों में वर्षों से चली आ रही समस्याएं भी सामने आ रही हैं। इनमें तालाबों की सफाई न होना और जल निकासी की परेशानी अधिकतर गांवों में बनी है।

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Saharanpur News: The head changes but the appearance of the village is not
गांव में फैली गंदगी। - फोटो : amar ujala

विस्तार

चुनावी प्रचार के शोर के बीच गांवों में वर्षों से चली आ रही समस्याएं भी सामने आ रही हैं। इनमें तालाबों की सफाई न होना और जल निकासी की परेशानी अधिकतर गांवों में बनी है। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के बाद प्रधान के चेहरे तो बदल जाते हैं, लेकिन गांवों की सूरत नहीं बदलती। पेश है विकासखंड क्षेत्र सरसावा के गांवों पर एक रिपोर्ट...

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सिल्ट से भरा पड़ा तालाब, गलियों में भरता है पानी

करीब ढाई हजार की आबादी वाले ग्राम गदरहेड़ी में आबादी के बीच स्थित तालाब सिल्ट से भरा पड़ा है। इसके कारण गांव भर का गंदा पानी तालाब में जाकर ओवरफ्लो होकर गलियों में भरा रहता है। गांव के देवेंद्र चौधरी, वरुण चौधरी, विकास, धर्मेंद्र, राजपाल आदि का कहना है कि किसी भी प्रधान ने कभी तालाब को साफ कराने के प्रयास नहीं किए। जबकि अनेक बार उन्हें लिखित और मौखिक रूप से इसकी शिकायतें की जाती रही।
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अंत्येष्टि के लिए पड़ोसी गांव में जाते हैं नानू माजरा के ग्रामीण

ग्राम पंचायत सुआंखेड़ी के राजस्व गांव नानू माजरा में अंत्येष्टि स्थल तक नहीं है। गांव के जसवीर, मांगेराम, फुल्ला ने बताया कि यदि गांव में किसी की मौत हो जाती है तो उन्हें पड़ोसी गांव सुआंखेड़ी में जाकर अंतिम संस्कार की क्रिया करनी पड़ती है। इसका कई बार ग्राम सुआखेड़ी के लोग विरोध भी कर चुके हैं। नानू माजरा की ग्राम समाज की भूमि दबंगों के कब्जे में है। इसके चलते ग्रामीणों को मजबूरन अपनी कुरढियां सड़क किनारे लगानी पड़ती है। इससे बारिश आदि के मौसम में गंदगी के सड़क पर आ जाने से कई बार दुपहिया वाहन चालक हादसों का शिकार हो जाते हैं।
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तालाब की गंदगी से जीना मुहाल

अंबाला रोड पर बसे तीन हजार की आबादी वाले गांव सोराना में भी तालाब गंदगी से अटा पड़ा है। वायु सेना स्टेशन ग्राम सोराना में ही है। ग्रामीण नरेश, उमेश और राजीव आदि ने बताया कि गांव का तालाब आज तक साफ नहीं हुआ है। गंदगी के चलते गंदा पानी सड़कों पर फैला रहता है। तालाब के जीवों को अपना भोजन बनाने के लिए पक्षी तालाब की गंदगी पर जमा होते हैं। इससे वायु क्षेत्र की सुरक्षा भी खतरे में पड़ती है।

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जरा सी बारिश से अंबाला हाईवे पर भरता है पानी

ग्राम पिलखनी में अंबाला रोड पर गंदे पानी की निकासी के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। जरा सी बारिश के बाद अंबाला रोड जलमग्न हो जाती है। इससे सड़क पर चलने वाले वाहनों को आवागमन करने में तो भारी परेशानी का सामना करना पड़ता ही है सड़क के दुकानदार भी इससे प्रभावित होते हैं। पानी सूखने के बाद राहगीरों को कई- कई दिन तक कीचड़ से दो चार होना पड़ता है। गांव के प्रमोद, राजकुमार, सतीश, सुभाष, रघुनाथ, डॉ. वीपी सिंह और सतपाल आदि ने बताया कि चुनाव के वक्त लंबे चौडे वादे किए जाते हैं लेकिन बाद में कोई सुध नहीं लेता है।

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