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गमगीन माहौल में दोनों भाइयों का अंतिम संस्कार
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sun, 08 Jan 2017 01:07 AM IST
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आरक्षित वन क्षेत्र में मिस बम में हुए विस्फोट में मारे गए सोनू और उसके छोटे भाई निखिल का शव पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार की देर रात कोठड़ी चेतराम गांव पहुंचा। रात में ही दोनों का अंतिम संस्कार किया गया। एक साथ दो भाईयों की चिताएं जलती देखकर हर किसी की आंखें भर आई।
बता दें कि शिवालिक वन प्रभाग की शाकंभरी देवी वन रेंज की कोठडी बीट के जंगल में बृहस्पतिवार की शाम करीब चार बजे सेना फायरिंग अभ्यास के दौरान मिस बम में विस्फोट होने से मां और बहन के साथ जंगल में लकड़ी बीनने गए कोठड़ी चेतराम गांव निवासी सोनू (26) और उसके छोटे भाई निखिल (10) की मौत हो गई। देर रात करीब आठ बजे दोनों भाइयों के शव पोस्टमार्टम के बाद गांव लाए गए।
कलेजे के टुकड़ों के शवों को देखकर परिजन अपने आप को रोक नहीं पाए और उनके शवों से लिपटकर रोने लगे। मां शिक्षा, बहन गीता और पिता चमन सिंह की चीत्कारें गांव की खामोशी को चीर रही थी। पूरा गांव शोक में डूबा था। रात में बेहद गमगीन माहौल में दोनों शवों का अंतिम संस्कार किया गया। एक साथ दो भाइयों की चिताए जलती देखकर ही किसी आंखें भर आई। अंतिम संस्कार के दौरान एसपी देहात रफीक अहमद और थाना बिहारीगढ़ एसओ मौजूद रहे।
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बता दें कि शिवालिक वन प्रभाग की शाकंभरी देवी वन रेंज की कोठडी बीट के जंगल में बृहस्पतिवार की शाम करीब चार बजे सेना फायरिंग अभ्यास के दौरान मिस बम में विस्फोट होने से मां और बहन के साथ जंगल में लकड़ी बीनने गए कोठड़ी चेतराम गांव निवासी सोनू (26) और उसके छोटे भाई निखिल (10) की मौत हो गई। देर रात करीब आठ बजे दोनों भाइयों के शव पोस्टमार्टम के बाद गांव लाए गए।
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कलेजे के टुकड़ों के शवों को देखकर परिजन अपने आप को रोक नहीं पाए और उनके शवों से लिपटकर रोने लगे। मां शिक्षा, बहन गीता और पिता चमन सिंह की चीत्कारें गांव की खामोशी को चीर रही थी। पूरा गांव शोक में डूबा था। रात में बेहद गमगीन माहौल में दोनों शवों का अंतिम संस्कार किया गया। एक साथ दो भाइयों की चिताए जलती देखकर ही किसी आंखें भर आई। अंतिम संस्कार के दौरान एसपी देहात रफीक अहमद और थाना बिहारीगढ़ एसओ मौजूद रहे।
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