सहारनपुर। राधा विहार स्थित महाशक्ति पीठ वैष्णवी महाकाली मंदिर में स्वामी विवेकानंद जन्मशताब्दी अवसर पर रजाई और कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने कहा कि नि:स्वार्थ भाव से सेवा करना ही सबसे बड़ी पूजा है।
श्री रामकृष्ण विवेकानंद संस्थान के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी विवेकानंद के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने किया। संस्था के पदाधिकारियों द्वारा पूजा कराई गई। इस मौके पर 101 गरीब लोगों को कंबल और रजाई वितरित की गई। स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने कहा कि श्रीराकृष्ण विवेकानंद संस्थान 25 वर्षों से अनवरत सेवा कार्य कर रहा है। निष्काम भाव से की गई सेवा मोक्ष प्रभु प्राप्ति का मार्ग है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन वेदांत धर्म दर्शन के साथ-साथ नि:स्वार्थ सेवा भाव के लिए समर्पित था। इस दौरान अरुण स्वामी, मेहरचंद जैन, सुरेश गुप्ता, सुशील गुप्ता, राजेंद्र धीमान, नरेश चंदेल, अश्वनी कांबोज, रविंद्र बंसल, विरेंद्र धीमान, सुरेंद्र शर्मा, अजब सिंह, रमेश शर्मा, अजय, वर्षा, किरण, सविता, ममता, प्रभा, गीता, अंजना, कविता, उमा मौजूद रहे।