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पुलिस कार्रवाई से हो रही है बेइज्जती, सरेंडर की अर्जी कबूल करें
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सहारनपुर। ग्राम घुन्ना में बाबा साहब डाक्टर भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा खंडित होने के बाद हुए बवाल के मामले में नामजद आरोपियों पर पुलिस ने शिकंजा कसा तो आरोपी आत्मसमर्पण के लिए कोर्ट में अर्जी लगा रहे हैं। लगभग डेढ़ दर्जन आरोपियों ने अर्जी लगाई है कि पुलिस कार्रवाई से गांव में बेइज्जती हो रही है, उनकी सरेंडर की अर्जी कबूल की जाए।
ग्राम घुन्ना में 10 सितंबर को बाबा साहब डाक्टर भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने के बाद लोगों ने बेहट रोड जाम कर जमकर बवाल किया था। यही नहीं शाकंभरी देवी दर्शन के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में जा रहे श्रद्धालुओं पर डंडों से हमला तथा पथराव किया था। ग्राम नाजिरपुरा में भी जमकर बवाल हुआ था। इस मामले में देहात कोतवाली में पुलिस ने 104 लोगों को नामजद तथा 600 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस छह आरोपियों को गिरफ्तार भी कर चुकी है। जबकि गांवों में पुलिस अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए दबिश दे रही है।
पुलिस कार्रवाई से परेशान नामजद आरोपी न सिर्फ घर से बाहर हैं, बल्कि गांव में पुलिस के पहुंचने एवं तलाशी लेने से बेइज्जती महसूस कर रहे हैं। एक दो नहीं बल्कि डेढ़ दर्जन लोगों ने देहात कोतवाली की कार्रवाई से परेशान होकर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में आत्मसमर्पण की अर्जी दाखिल की है। जिसमें कहा है कि पुलिस घर के चक्कर लगा रही है। वह कोर्ट के समक्ष अपने आपको प्रस्तुत करने को तैयार हैं। अर्जी दाखिल करने वालों में अर्जुन, राजवीर, नाथीराम, जयकरण, करण, आशु, अंकित, धीर सिंह, आशु पुत्र सतीश, सुरेंद्र, विशाल, बंटी, सुरेंद्र पुत्र नाथी, प्रीतम, सोमपाल, काका, अशोक तथा अजय शामिल हैं। देहात कोतवाली प्रभारी मुनेंद्र सिंह का कहना है कि उन्हें जानकारी मिली है कि घुन्ना प्रकरण के मामले के कुछ आरोपियों ने कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत होने का प्रार्थना पत्र दिया है।
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ग्राम घुन्ना में 10 सितंबर को बाबा साहब डाक्टर भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने के बाद लोगों ने बेहट रोड जाम कर जमकर बवाल किया था। यही नहीं शाकंभरी देवी दर्शन के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में जा रहे श्रद्धालुओं पर डंडों से हमला तथा पथराव किया था। ग्राम नाजिरपुरा में भी जमकर बवाल हुआ था। इस मामले में देहात कोतवाली में पुलिस ने 104 लोगों को नामजद तथा 600 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस छह आरोपियों को गिरफ्तार भी कर चुकी है। जबकि गांवों में पुलिस अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए दबिश दे रही है।
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पुलिस कार्रवाई से परेशान नामजद आरोपी न सिर्फ घर से बाहर हैं, बल्कि गांव में पुलिस के पहुंचने एवं तलाशी लेने से बेइज्जती महसूस कर रहे हैं। एक दो नहीं बल्कि डेढ़ दर्जन लोगों ने देहात कोतवाली की कार्रवाई से परेशान होकर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में आत्मसमर्पण की अर्जी दाखिल की है। जिसमें कहा है कि पुलिस घर के चक्कर लगा रही है। वह कोर्ट के समक्ष अपने आपको प्रस्तुत करने को तैयार हैं। अर्जी दाखिल करने वालों में अर्जुन, राजवीर, नाथीराम, जयकरण, करण, आशु, अंकित, धीर सिंह, आशु पुत्र सतीश, सुरेंद्र, विशाल, बंटी, सुरेंद्र पुत्र नाथी, प्रीतम, सोमपाल, काका, अशोक तथा अजय शामिल हैं। देहात कोतवाली प्रभारी मुनेंद्र सिंह का कहना है कि उन्हें जानकारी मिली है कि घुन्ना प्रकरण के मामले के कुछ आरोपियों ने कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत होने का प्रार्थना पत्र दिया है।
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