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अवैध निर्माणों में संलिप्त पांच जेई पर लटकी कार्रवाई की तलवार
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सहारनपुर। विकास प्राधिकरण के पांच अवर अभियंताओं पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। पूर्व उपाध्यक्ष ने अवैध निर्माणों में संलिप्तता को लेकर उक्त अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए शासन को पत्र लिखा था। उसका संज्ञान लेकर शासन ने विकास प्राधिकरण से स्पष्टीकरण देने को कहा है। इसके बाद से अभियंताओं में हड़कंप की स्थिति है।
शहर भर में चल रहे अवैध निर्माणों और अवैध कॉलोनियों में संलिप्त होने के आरोप विकास प्राधिकरण के अभियंताओं पर लगते रहे हैं। पूर्व उपाध्यक्ष रहे ज्ञानेंद्र सिंह ने अवैध निर्माणों में संलिप्तता के चलते पांच अवर अभियंताओं पर कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा था। उक्त संबंध में एक बार पहले शासन के द्वारा अवर अभियंताओं के संबंध में जानकारी मांगी। अब शासन ने स्पष्टीकरण देने को कहा जिसके लिए प्राधिकरण स्तर से जवाब बनाया जा रहा है। अभियंताओं पर कार्रवाई होना तय माना जा रहा है। उधर, शासन की सक्रियता बढ़ने के बाद से संबंधित अवर अभियंताओं में हड़कंप की स्थिति है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि वह खुद को बचाने के लिए हर हथकंडा अपना रहे हैं।
कई साल से जमे हैं अभियंता
नियमानुसार कोई भी सरकारी अधिकारी या अभियंता एक जगह पर तीन साल से अधिक समय तक तैनात नहीं रह सकता है। इसके बाद भी विकास प्राधिकरण में कई अभियंता ऐसे हैं, जो तीन साल से अधिक समय से यहां तैनात हैं।
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पूर्व उपाध्यक्ष ने प्राधिकरण के पांच अवर अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा गया था। अवर अभियंताओं पर अवैध निर्माणों में संलिप्त रहने का आरोप था। शासन के द्वारा स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। - आशीष कुमार, उपाध्यक्ष, एसडीए।
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शहर भर में चल रहे अवैध निर्माणों और अवैध कॉलोनियों में संलिप्त होने के आरोप विकास प्राधिकरण के अभियंताओं पर लगते रहे हैं। पूर्व उपाध्यक्ष रहे ज्ञानेंद्र सिंह ने अवैध निर्माणों में संलिप्तता के चलते पांच अवर अभियंताओं पर कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा था। उक्त संबंध में एक बार पहले शासन के द्वारा अवर अभियंताओं के संबंध में जानकारी मांगी। अब शासन ने स्पष्टीकरण देने को कहा जिसके लिए प्राधिकरण स्तर से जवाब बनाया जा रहा है। अभियंताओं पर कार्रवाई होना तय माना जा रहा है। उधर, शासन की सक्रियता बढ़ने के बाद से संबंधित अवर अभियंताओं में हड़कंप की स्थिति है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि वह खुद को बचाने के लिए हर हथकंडा अपना रहे हैं।
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कई साल से जमे हैं अभियंता
नियमानुसार कोई भी सरकारी अधिकारी या अभियंता एक जगह पर तीन साल से अधिक समय तक तैनात नहीं रह सकता है। इसके बाद भी विकास प्राधिकरण में कई अभियंता ऐसे हैं, जो तीन साल से अधिक समय से यहां तैनात हैं।
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पूर्व उपाध्यक्ष ने प्राधिकरण के पांच अवर अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा गया था। अवर अभियंताओं पर अवैध निर्माणों में संलिप्त रहने का आरोप था। शासन के द्वारा स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। - आशीष कुमार, उपाध्यक्ष, एसडीए।