{"_id":"6a9d0e069de312e5d9032a7d","slug":"saharanpur-mosque-demolition-city-magistrate-court-declared-mosque-illegal-in-its-35-page-order-2026-09-06","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"सहारनपुर मस्जिद ध्वस्तीकरण: अदालत ने 35 पेज के आदेश में दिया था अवैध करार; दोनों पक्षों ने रखे थे तर्क और सबूत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सहारनपुर मस्जिद ध्वस्तीकरण: अदालत ने 35 पेज के आदेश में दिया था अवैध करार; दोनों पक्षों ने रखे थे तर्क और सबूत
Sun, 06 Sep 2026 03:15 PM IST
Sharukh Khan
दीपक शर्मा, अमर उजाला, सहारनपुर
दीपक शर्मा, अमर उजाला, सहारनपुर
Published by: Sharukh Khan
Updated Sun, 06 Sep 2026 03:15 PM IST
सार
सहारनपुर की सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने अपने 35 पेज के आदेश में मस्जिद को अवैध करार दिया था। फैसले के हर पेज पर दोनों पक्षों ने रखे तर्क और साक्ष्य थे। पढ़ें पूरी जानकारी
विज्ञापन
saharanpur mosque demolition
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर में सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने अपने 35 पेज के आदेश में कलक्ट्रेट परिसर स्थित दो मंजिला मस्जिद को अवैध करार दिया। वहीं, मस्जिद प्रबंधन पक्ष की ओर से दायर अपील पर सुनवाई करते हुए जिला जज की अदालत ने 27 पेज में अपना फैसला सुनाया। आदेश के हर पेज पर पक्ष विपक्ष ने एक दूसरे के तर्क की काट प्रस्तुत की।
saharanpur mosque demolition
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
फैसले के यह बिंदु रहे थे अहम
मस्जिद प्रबंधन पक्ष
मस्जिद प्रबंधन पक्ष की तरफ से एक जनवरी 1911 का बिजली बिल अदालत में रखा गया था। बताया कि मस्जिद आजादी से पहले की है। इसके संबंध में तत्कालीन मुतवल्ली शाहजाद हुसैन द्वारा बिजली बिल का कनेक्शन भी लिया था।
मस्जिद प्रबंधन पक्ष
मस्जिद प्रबंधन पक्ष की तरफ से एक जनवरी 1911 का बिजली बिल अदालत में रखा गया था। बताया कि मस्जिद आजादी से पहले की है। इसके संबंध में तत्कालीन मुतवल्ली शाहजाद हुसैन द्वारा बिजली बिल का कनेक्शन भी लिया था।
सहारनपुर के कलक्ट्रेट परिसर में मस्जिद को तोड़ते बुलडोजर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शासकीय अधिवक्ता
इस दलील पर शासकीय अधिवक्ताओं ने तीखी बहस की। बताया कि एक जनवरी 1911 को रविवार अवकाश का दिन था। इसके साथ ही दस्तावेज प्रस्तुत किए कि महानगर में 1922 में बिजली पहुंची थी। इसका वितरण 1928 से शुरू हुआ।
इस दलील पर शासकीय अधिवक्ताओं ने तीखी बहस की। बताया कि एक जनवरी 1911 को रविवार अवकाश का दिन था। इसके साथ ही दस्तावेज प्रस्तुत किए कि महानगर में 1922 में बिजली पहुंची थी। इसका वितरण 1928 से शुरू हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन
सहारनपुर के कलक्ट्रेट परिसर में मस्जिद को तोड़ा गया
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मस्जिद प्रबंधन पक्ष
मस्जिद प्रबंधन पक्ष की तरफ से अदालत में मस्जिद को वक्फ संपत्ति होने का तर्क रखा गया। साथ ही मस्जिद को 150 वर्ष पुरानी होने का दावा किया।
मस्जिद प्रबंधन पक्ष की तरफ से अदालत में मस्जिद को वक्फ संपत्ति होने का तर्क रखा गया। साथ ही मस्जिद को 150 वर्ष पुरानी होने का दावा किया।
विज्ञापन
सहारनपुर के कलक्ट्रेट परिसर में मस्जिद को तोड़ता बुलडोजर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शासकीय अधिवक्ता
शासकीय अधिवक्ताओं ने मस्जिद पक्ष द्वारा दाखिल नगर पालिका बिल, बिजली बिल पर आपत्ति जताई। कहा कि उच्च न्यायालय इलाहाबाद की विधि व्यवस्था के मुताबिक स्थानीय निकाय का कर निर्धारण स्वत्व का कागज नहीं है। इससे स्वामित्व का निर्धारण नहीं होता।
शासकीय अधिवक्ताओं ने मस्जिद पक्ष द्वारा दाखिल नगर पालिका बिल, बिजली बिल पर आपत्ति जताई। कहा कि उच्च न्यायालय इलाहाबाद की विधि व्यवस्था के मुताबिक स्थानीय निकाय का कर निर्धारण स्वत्व का कागज नहीं है। इससे स्वामित्व का निर्धारण नहीं होता।