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Saharanpur News: मिठाई, मावा, पनीर और मसाले मिलावटी, 10 नमूने फेल
Wed, 15 May 2024 02:59 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Wed, 15 May 2024 02:59 AM IST
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सहारनपुर। जिले में मिलावटी खाद्य पदार्थों का गोरखधंधा नहीं रुक रहा है। इसका खुलासा खाद्य पदार्थाें की लैब से आई जांच रिपोर्ट में हुआ है। पूर्व में लिए गए 15 नमूनों की रिपोर्ट अप्रैल में आई, जिसमें से 10 नमूने फेल हो गए हैं। जो नमूने फेल हुए हैं, उसमें मिठाई, मावा, पनीर और मसाले शामिल हैं।
दरअसल, खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने करीब तीन माह पहले जिले में अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर खाद्य पदार्थों के नमूने लिए थे। इनमें से 15 की जांच रिपोर्ट आई है। हैरानी की बात यह है कि मिठाई, मावा, पनीर और मसाले के 10 नमूने फेल पाए गए। 15 नमूनों में से 10 का फेल होना दर्शा रहा है कि किस तरीके से खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी का धंधा चल रहा है। इनके अलावा अप्रैल में ही आठ खाद्य पदार्थों के नमूने लिए हैं। इनकी रिपोर्ट आनी बाकी है। पूरे अप्रैल माह की बात करें तो खाद्य पदार्थों में मिलावट मिलने पर 37 मिलावटखोरों के खिलाफ एडीएम प्रशासन कोर्ट में मुकदमा दायर किया गया। इनमें से 19 पर निर्णय हुआ है। इन पर एडीएम कोर्ट से 4.60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
त्योहारों में ही जागता है खाद्य सुरक्षा विभाग
खाद्य सुरक्षा विभाग को त्योहारों के मौके पर ही जांच के लिए नमूने लेने की याद आती है। त्योहार के मौके पर कुछ नमूने भरकर कार्रवाई की इतिश्री कर देते हैं। सामान्य दिनों में तो हालत इससे बुरी है। अप्रैल महीने में केवल आठ ही नमूने हुए हैं। तर्क है कि अप्रैल में चुनाव होने के चलते खाद्य सुरक्षा अधिकारी व्यस्त रहे, जिसकी वजह से अधिक नमूने नहीं हो पाए।
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वर्जन
खाद्य पदार्थों की जांच के लिए समय-समय पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी अपने क्षेत्रों में चेकिंग करते रहते हैं। जिन खाद्य कारोबारियों के नमूने फेल आते हैं, उनके खिलाफ एडीएम कोर्ट में वाद दायर किया जाता है। वहीं से उन पर जुर्माना तय होता है।
अशोक कुमार शर्मा, सहायक आयुक्त खाद्य (प्रथम), खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन
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दरअसल, खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने करीब तीन माह पहले जिले में अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर खाद्य पदार्थों के नमूने लिए थे। इनमें से 15 की जांच रिपोर्ट आई है। हैरानी की बात यह है कि मिठाई, मावा, पनीर और मसाले के 10 नमूने फेल पाए गए। 15 नमूनों में से 10 का फेल होना दर्शा रहा है कि किस तरीके से खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी का धंधा चल रहा है। इनके अलावा अप्रैल में ही आठ खाद्य पदार्थों के नमूने लिए हैं। इनकी रिपोर्ट आनी बाकी है। पूरे अप्रैल माह की बात करें तो खाद्य पदार्थों में मिलावट मिलने पर 37 मिलावटखोरों के खिलाफ एडीएम प्रशासन कोर्ट में मुकदमा दायर किया गया। इनमें से 19 पर निर्णय हुआ है। इन पर एडीएम कोर्ट से 4.60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
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त्योहारों में ही जागता है खाद्य सुरक्षा विभाग
खाद्य सुरक्षा विभाग को त्योहारों के मौके पर ही जांच के लिए नमूने लेने की याद आती है। त्योहार के मौके पर कुछ नमूने भरकर कार्रवाई की इतिश्री कर देते हैं। सामान्य दिनों में तो हालत इससे बुरी है। अप्रैल महीने में केवल आठ ही नमूने हुए हैं। तर्क है कि अप्रैल में चुनाव होने के चलते खाद्य सुरक्षा अधिकारी व्यस्त रहे, जिसकी वजह से अधिक नमूने नहीं हो पाए।
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खाद्य पदार्थों की जांच के लिए समय-समय पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी अपने क्षेत्रों में चेकिंग करते रहते हैं। जिन खाद्य कारोबारियों के नमूने फेल आते हैं, उनके खिलाफ एडीएम कोर्ट में वाद दायर किया जाता है। वहीं से उन पर जुर्माना तय होता है।
अशोक कुमार शर्मा, सहायक आयुक्त खाद्य (प्रथम), खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन