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मुंह से बोलें या मेसेज दें, तलाक तय
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Mon, 13 Nov 2017 12:11 AM IST
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देवबंद
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सहारनपुर देवबंद में सुप्रीम कोर्ट में तीन तलाक को लेकर लंबी सुनवाई चलने के बावजूद देश के अलग अलग हिस्सों से तीन तलाक के मसले सामने आते रहे हैं। शनिवार को फिर से तीन तलाक का मामला सामने आया है।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ने व्हाटसएप पर तीन तलाक लिखकर बीवी को तलाक दे दिया। जिस पर देवबंदी उलमा का कहना है कि तीन तलाक मुंह से कहा गया है या फिर मेसेज भेजकर दिया गया हो। हर हाल में तलाक पड़ ही जाएगी।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर खालिद बिन यूसुफ ने शनिवार को तीन बार तलाक-तलाक-तलाक लिखकर व्हाटसएप पर मेसेज भेज बीवी यासमीन से 27 साल पुराना रिश्ता खत्म कर दिया। जिसके बाद यासमीन ने इसकी शिकायत पुलिस में दर्ज कराई है।
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इस पर फतवा ऑनलाइन के चेयरमैन मौलाना मुफ्ती अरशद फारुकी का कहना है कि शरीयत का कानून अपनी जगह हैं और मुल्क का कानून अपनी जगह। शरीयत के मुताबिक अगर शौहर ने बीवी को तीन तलाक मुंह से बोला हो या फिर मोबाइल पर मेसेज लिखकर भेजा हो तो हर सूरत में तीन तलाक पड़ जाएगी।
इसमें किसी प्रकार की कोई गुंजाइश नहीं रहती। हर मुस्लिम के लिए शरीयत कानून को मानना चाहिए। जहां तक मुल्क के कानून का सवाल है तो यह मामला पुलिस का है कि वह इस पर कानून के लिहाज से क्या कार्रवाई करती है।
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ने व्हाटसएप पर तीन तलाक लिखकर बीवी को तलाक दे दिया। जिस पर देवबंदी उलमा का कहना है कि तीन तलाक मुंह से कहा गया है या फिर मेसेज भेजकर दिया गया हो। हर हाल में तलाक पड़ ही जाएगी।
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर खालिद बिन यूसुफ ने शनिवार को तीन बार तलाक-तलाक-तलाक लिखकर व्हाटसएप पर मेसेज भेज बीवी यासमीन से 27 साल पुराना रिश्ता खत्म कर दिया। जिसके बाद यासमीन ने इसकी शिकायत पुलिस में दर्ज कराई है।
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इस पर फतवा ऑनलाइन के चेयरमैन मौलाना मुफ्ती अरशद फारुकी का कहना है कि शरीयत का कानून अपनी जगह हैं और मुल्क का कानून अपनी जगह। शरीयत के मुताबिक अगर शौहर ने बीवी को तीन तलाक मुंह से बोला हो या फिर मोबाइल पर मेसेज लिखकर भेजा हो तो हर सूरत में तीन तलाक पड़ जाएगी।
इसमें किसी प्रकार की कोई गुंजाइश नहीं रहती। हर मुस्लिम के लिए शरीयत कानून को मानना चाहिए। जहां तक मुल्क के कानून का सवाल है तो यह मामला पुलिस का है कि वह इस पर कानून के लिहाज से क्या कार्रवाई करती है।