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कभी होती थी छड़ियों की दौड़, लाखों श्रद्घालु बनते थे साक्षी

Wed, 26 Aug 2020 11:45 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 26 Aug 2020 11:45 PM IST
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Sometimes there was a race of sticks, devotees used to be witnesses
सहारनपुर में मेला गुघाल म्हाड़ी द्वार। - फोटो : SAHARANPUR
कभी होती थी छड़ियों की दौड़, श्रद्धालु बनते थे साक्षी
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सहारनपुर। बाबा श्री जाहरवीर गोगा महाराज की शान में म्हाड़ी पर लगने वाले तीन दिवसीय मेले के दौरान पहले दिन छड़ियों की दौड़ लगती थी, लेकिन कई कारणों की वजह से 1996 के बाद से दौड़ बंद कर दी गई।
हर वर्ष शुक्ल पक्ष की दशमी पर गंगोह रोड स्थित म्हाड़ी पर मेला लगता आया है। इस बार शुक्ल पक्ष की दशमी 28 अगस्त को है। इसी दिन छड़ियां नेजे की अगुवाई में म्हाड़ी की ओर प्रस्थान करती हैं। कई राज्यों से लाखों श्रद्धालु निशान-प्रसाद चढ़ाने पहुंचते हैं। छड़ी के भक्त पंकज उपाध्याय, ताराचंद सैनी, विनोद प्रकाश, गुलशन सागर, अनिल प्रताप सैनी ने बताया कि 1996 तक छड़ियों की दौड़ लगती रही। दौड़ लगाने से कई बार श्रद्धालु चोटिल हो जाते थे। इसी को देखते हुए दौड़ का आयोजन बंद किया गया।
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छड़ी के खुद खड़े होने की थी चर्चा
बाबा श्री जाहरवीर गोगा महाराज की प्रतीक चिन्ह 26 छड़ियां हैं। सभी छड़ियों के नाम अलग हैं। 21 सितंबर 2015 को चर्चा फैल गई थी कि पुरानी चुंगी स्थित अपने स्थान पर भगत पंकज उपाध्याय की श्री बिंदबड प्रेम छड़ी बिना किसी सहारे के चार से पांच घंटे खुद खड़ी हो गई। इसे चमत्कार मानते हुए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच गए थे और छड़ी के दर्शन किए थे।
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अभी बना हुआ है संशय
कोरोना काल की वजह से छड़ियों के म्हाड़ी पर जाने को लेकर संशय बना है। छड़ियों के भक्त लगातार पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर एक-एक छड़ी को सामाजिक दूरी का पालन करते हुए म्हाड़ी पर ले जाने की मांग कर रहे हैं। ताकि परंपरा न रुके। भक्त बताते हैं कि पूर्व में ऐसी स्थिति बनी, जब शहर में कर्फ्यू लगा, लेकिन छड़ियों का मेला नहीं रुका। बुधवार को भी भक्तों ने अधिकारियों से मिलकर अनुमति मांगी। इसके अलावा महापौर संजीव वालिया से मुलाकात की। महापौर ने कहा कि म्हाड़ी मेला कभी नहीं रुका है। उनकी जिलाधिकारी से वार्ता हुई है। वे कोई निर्णय लेंगे।
रातभर सुनाए जाते थे किस्से
हर वर्ष दिन में घर-घर भक्त छड़ी पूजन कराते थे और रोजाना रात में शहर में 40-50 बसेरे अलग-अलग जगहों पर होते थे, जिसमें कड़ी-चावल के प्रसाद का भोग लगाने के बाद भक्तों द्वारा बाबा श्री जाहरवीर की वीरता के किस्से रातभर सुनाए जाते थे। इस बार कोरोना काल की वजह से बसेरों का आयोजन नहीं हो पा रहा है।

म्हाड़ी पर सफाई कराई
नगर निगम द्वारा बुधवार को गंगोह रोड स्थित गोगा म्हाड़ी पर सफाई कराई गई। वहां झाड़ियां हटवाने के साथ ही सभी छड़ियों की म्हाड़ियों को साफ कराया। महापौर संजीव वालिया ने बताया कि बृहस्पतिवार को भी साफ-सफाई कराई जाएगी।
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