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सहारनपुर: बेच दी तालाब की मिट्टी

Sat, 18 Feb 2023 06:25 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Sat, 18 Feb 2023 06:25 PM IST
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sold pond soil
आवसीय प्लाट में डाली गई तालाब से खोद गई मिट्टी
सहारनपुर। तालाबों के सुंदरीकरण के कार्य के तहत कई जगहों पर खोदे गए तालाबों की मिट्टी को बेच दिया गया। कुछ जगहों पर मिट्टी बेचने को लेकर शिकायतें भी हुई हैं और गोलमाल सामने आया है। मामले की जांच बैठा दी गई। अमर उजाला ने शुक्रवार को इसकी पड़ताल की तो अनियमितता साफ नजर आई है।
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नानौता विकासखंड के ग्राम पंचायत झबीरन का मामला है। आरोप है कि तालाब की मिट्टी को ग्रामीणों को बेचकर गांव में कुछ आवासीय प्लाटों में भर दिए गए हैं। इतना ही नहीं, मामला सामने आने पर ग्राम प्रधान व ग्रामीणों में तकरार हुई। शिकायत होने के बाद मिट्टी का अवैध खनन बंद हुआ। मामले की जांच बैठ गई। तब से तालाब का सुंदरीकरण कार्य भी बंद पड़ा है। ग्रामीण अमित कुमार, धर्मसिंह, राकेश, नीरज, श्रीपाल, विनोद, विकासपाल, बिजेंद्र, अशोक पाल का कहना कि ग्राम प्रधान ने तालाब की ऊपरी परत वाली मिट्टी 150 रुपये प्रति ट्राॅली और उससे नीचे वाली सूखी मिट्टी की 200-250 रुपये प्रति ट्राली के हिसाब से बेचा है। पूर्व प्रधान नाथीराम का कहना है कि तालाब से निकलने वाली मिट्टी को आवासीय प्लाटों में डाला गया है। ग्राम प्रधान लाल बहार का कहना है कि आरोप निराधार है, वहीं ग्राम सचिव राहुल कुमार का कहना है कि उन्हें तालाब की मिट्टी बेचे जाने की जानकारी हुई तो उन्होंने काम बंद करा दिया।
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गंगोह ब्लाॅक के कई गांवों में अनिमितता का आरोप
गंगोह ब्लॉक में अमृत सरोवर योजना में चकवाली, बीराखेड़ी, बोड़पुर, राजपुर लतीफपुर, रंधेडी, बरसी, रादौर, बंदाहेड़ी, भावसा बेरखेड़ी, दैदनौर, सलारपुरा, कोलाखेड़ी, दूधला, पीरमाजरा और नागल राजपूत में तालाबों की खोदाई कराई गई है। इनमें अधिकांश गांवों में ग्रामीण मिट्टी बेचे जाने के आरोप लगा रहे हैं। गांव बीराखेड़ी के पूर्व प्रधान नरेश कुमार व ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर मिट्टी बेचने के आरोप लगाया है। उधर, ग्राम प्रधान ममता देवी के प्रतिनिधि चंद्रपाल ने आरोप को निराधार बताया है। उनका कहना है कि तालाब खोदाई के लिए शासन द्वारा किसी भी तरह के बजट की व्यवस्था नहीं की गई। इसके चलते ठेकेदार को ही तालाब खोदाई कर मिट्टी के निस्तारण से अपना खर्च निकालने की बात कही गई थी।
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ग्रामीण ले जा रहे मिट्टी
देवबंद क्षेत्र गांव खेड़ामुगल, धर्मपुर सरावगी में तालाब के सुंदरीकरण के लिए निर्माण कार्य चल रहा है। तल्हेड़ी बुजुर्ग में ग्रामीण अपने निजी कार्य के लिए तालाब से मिट्टी खोदकर ले जा रहे हैं। इससे साफ है कि यह कार्य मिलीभगत से हो रहा है। गागलहेड़ी क्षेत्र में मक्काबांस, दिनारपुर, खजूरी अकबरपुर, गागलहेड़ी, क़ुतुबपुर कुसुनी, हरोड़ा, मांडेबांस, हरियाबांस सहित अनेक तालाबों के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हुई। है। तीतरों क्षेत्र में बरसी में मिट्टी उठाने को लेकर तालाब का कार्य अधर में है। रादौर में तालाब का सुंदरीकरण चल रहा है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि नाथीराम का कहना है कि खोदाई से निकली मिट्टी को तालाब की चहारदीवारी बनाने में लगाया गया।
-कहीं पर अगर तालाब की मिट्टी बेची गई है तो उसकी जांच कराई जाएगी। इस संबंध में आरोपियों कर्मचारियों और प्रधानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- विजय कुमार, मुख्य विकास अधिकारी
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