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पर्चियां आ रही कम, गेहूं बुवाई हो रही पछेती

Wed, 01 Dec 2021 11:58 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 01 Dec 2021 11:58 AM IST
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Slips are coming less, wheat sowing is getting late
किसान कृपाल सिंह - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। चीनी मिलों के पूरी क्षमता से नहीं चलने का असर गेहूं की बुवाई पर पड़ रहा है। किसानों की शिकायत है कि पर्चियां कम आ रही है, इससे गन्ने के खेत खाली होने में देरी हो रही है। बुवाई में देरी होने से गेहूं के उत्पादन पर विपरीत असर पड़ सकता है।
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जनपद में अधिकांश किसान गेहूं की फसल को काटकर गेहूं सहित अन्य रबी फसलों की बुवाई करते हैं। ज्यादातर किसान गन्ने की सप्लाई शुगर मिलों में करते हैं। जनपद में छह चीनी मिलों की पेराई क्षमता 42750 टीसीडी (टन केपेसिटी डेली) है। जबकि शुगर मिलें 76.26 प्रतिशत पेराई क्षमता के साथ ही चल रही है। किसानों की शिकायत है कि कम पर्चियां आने से उनके सामने खेत खाली करने की समस्या है। जिसके चलते गेहूं की बुवाई लेट हो रही है। आमतौर पर 15 दिसंबर तक गेहूूं की बुवाई करना बेहतर माना जाता है। बुवाई में देरी होनेे से गेहूं के उत्पादन पर पड़ता है। पछेती फसल में किसानों को न सिर्फ लागत अधिक लगानी पड़ती है बल्कि उत्पादन भी अपेक्षाकृत कम होता है।
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बोले किसान
दर्ज नहीं हुआ पेड़ी गन्ना
गांव कम्बोह मजरा निवासी किसान कृपाल सिंह का कहना है कि उनका दस बीघा गन्ना गांव चकखीजरपुर के रकबे में है। गन्ना कलेंडर आने पर पता चला कि उसे गन्ना समिति द्वारा दर्ज नहीं किया गया। इसे दर्ज कराने के लिए वे गन्ना समिति के चक्कर काट रहे हैं। इससे गेहूूं बुवाई भी प्रभावित हो रही है।
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कम आ रही पर्चियां
नागल क्षेत्र के गांव साधारणसिर निवासी कुलदीप राणा का कहना है कि मिल कम इंडेंट जारी कर रहा है। इसके चलते पर्चियां भी कम आ रही हैं। खेत खाली नहीं होने से उनकी गेहूं की बुवाई भी पिछड़ जाएगी।
तौल बंद रहने से परेशानी
गांव फतेहपुर कलां निवासी किसान मनीष मलिक का कहना है कि गन्ना क्रय केंद्र का प्लाट छोटा होने कारण हर तीसरे दिन तौल बंद रहती है। कुछ तो गन्ने की पर्ची ही कम आ रही हैं, ऊपर से गन्ना तौल बंद रहने के कारण खेत खाली नहीं हो पा रहे हैं। जिससे गेहूं की बुवाई प्रभावित हो रही है
नहीं आई एक भी पर्ची
तल्हेड़ी बुजुर्ग क्षेत्र के गांव रास्तम निवासी किसान बिजेंद्र शर्मा ने बताया कि उन्होंने लगभग दस बीघे जमीन में गन्ने की बुवाई कर रखी है। लेकिन अभी तक एक भी पर्ची नहीं आई है। जिससे वह गेहूं की बुवाई नहीं कर पा रहे हैं।

पछेती बुवाई में 10 फीसदी अधिक बीज का प्रयोग करें
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. आईके कुशवाहा का कहना है कि जिन किसानों के खेत देर से खाली हो रहे हैं। उन्हें गेहूूं की पछेती प्रजातियों की बुवाई करनी चाहिए। बुवाई में 10 फीसदी अधिक बीज का प्रयोग करे। साथ ही पर्याप्त नमी होने पर भी बीज की भिगोकर बुवाई करना फायदेमंद रहता है। जिससे जमाव भी अधिक होता है।

किसान कुलदीप राणा

किसान कुलदीप राणा- फोटो : SAHARANPUR

किसान मनीष मलिक

किसान मनीष मलिक- फोटो : SAHARANPUR

किसान बिजेन्द्र शर्मा

किसान बिजेन्द्र शर्मा- फोटो : SAHARANPUR

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