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परिवार में छह लोग संक्रमित, हौसला रखा और जीते
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सहारनपुर। कोरोना संक्रमण ने पूरे परिवार को चपेट में ले लिया था। दो साल की बच्ची से लेकर 70 साल की बुजुर्ग महिला तक संक्रमित हो चुकी थीं। बावजूद इसके परिवार ने हौसला रखा। सभी लोग होम आइसोलेशन में रहे, चिकित्सक की सलाह पर दवा लेते रहे और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने को काढ़ा आदि भी पिया। आखिरकार इस परिवार ने कोरोना को परास्त कर दिया तथा किसी को भी अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ी।
यह हौसला दिखाया सरसावा में रहने वाले मनोज कुमार के परिवार ने। मनोज कुमार एयरफोर्स स्टेशन में स्थित विद्यालय में अध्यापक हैं। वह बताते हैं कि 29 मार्च को एंटीजन किट से उनकी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, जिसके बाद आरटी-पीसीआर से भी पॉजिटिव आई। फिर उनके परिवार में मौजूद सदस्यों की भी जांच हुई, जिसमें उनकी मां शशिबाला (70 वर्षीय), पत्नी मनप्रीत (37 वर्षीय), बहन कंचन (39), भांजी वंशिका (11) एवं गुनिका (02) की भी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
इसके बाद पूरा परिवार होम आइसोलेशन में रहा। मनोज कुमार ने बताया कि संक्रमण को लेकर मन में घबराहट नहीं होने दी। परिवार के लोगों ने रोजाना सुबह शाम योग अभ्यास किया। अनुलोम विलोम करते रहे। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए गिलोयवटी लेते रहे। इसके अलावा भी दिन में गर्म पानी पीना, भाप लेना आदि भी किया। चिकित्सक की सलाह से दवा जारी रही और गाइडलाइन का कड़ाई से पालन किया। इसी के चलते कोरोना को हरा दिया और अब सब आराम से हैं, किसी को कोई दिक्कत नहीं है। उनका कहना है कि संक्रमण होने पर घबराना नहीं चाहिए, बल्कि हौसला मजबूत रखना चाहिए, तभी बीमारी को हराया जा सकता है।
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80 वर्षीय नीरा ने हराया कोरोना
सहारनपुर। शहर के मोहल्ला मंशियान निवासी नीरा माहेश्वरी की उम्र 80 साल है। उन्हें कोरोना संक्रमण ने अपने चपेट में ले लिया। नीरा माहेश्वरी की पौत्री डॉ. सौम्या माहेश्वरी और उनके पति डॉ. अर्पित पुनेठा जौली ग्रांट देहरादून में कार्यरत हैं। उनकी चिकित्सकीय सलाह पर नीरा माहेश्वरी दवाएं लेती रहीं। इसके अलावा प्राणायाम नियमित किया। गिलोय और गर्म पानी का सेवन भी करती रहीं। नीरा माहेश्वरी कहती हैं कि आत्मबल मजबूत रखें, बीमारी को हराने में यही सबसे बड़ी शक्ति है।
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यह हौसला दिखाया सरसावा में रहने वाले मनोज कुमार के परिवार ने। मनोज कुमार एयरफोर्स स्टेशन में स्थित विद्यालय में अध्यापक हैं। वह बताते हैं कि 29 मार्च को एंटीजन किट से उनकी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, जिसके बाद आरटी-पीसीआर से भी पॉजिटिव आई। फिर उनके परिवार में मौजूद सदस्यों की भी जांच हुई, जिसमें उनकी मां शशिबाला (70 वर्षीय), पत्नी मनप्रीत (37 वर्षीय), बहन कंचन (39), भांजी वंशिका (11) एवं गुनिका (02) की भी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
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इसके बाद पूरा परिवार होम आइसोलेशन में रहा। मनोज कुमार ने बताया कि संक्रमण को लेकर मन में घबराहट नहीं होने दी। परिवार के लोगों ने रोजाना सुबह शाम योग अभ्यास किया। अनुलोम विलोम करते रहे। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए गिलोयवटी लेते रहे। इसके अलावा भी दिन में गर्म पानी पीना, भाप लेना आदि भी किया। चिकित्सक की सलाह से दवा जारी रही और गाइडलाइन का कड़ाई से पालन किया। इसी के चलते कोरोना को हरा दिया और अब सब आराम से हैं, किसी को कोई दिक्कत नहीं है। उनका कहना है कि संक्रमण होने पर घबराना नहीं चाहिए, बल्कि हौसला मजबूत रखना चाहिए, तभी बीमारी को हराया जा सकता है।
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80 वर्षीय नीरा ने हराया कोरोना
सहारनपुर। शहर के मोहल्ला मंशियान निवासी नीरा माहेश्वरी की उम्र 80 साल है। उन्हें कोरोना संक्रमण ने अपने चपेट में ले लिया। नीरा माहेश्वरी की पौत्री डॉ. सौम्या माहेश्वरी और उनके पति डॉ. अर्पित पुनेठा जौली ग्रांट देहरादून में कार्यरत हैं। उनकी चिकित्सकीय सलाह पर नीरा माहेश्वरी दवाएं लेती रहीं। इसके अलावा प्राणायाम नियमित किया। गिलोय और गर्म पानी का सेवन भी करती रहीं। नीरा माहेश्वरी कहती हैं कि आत्मबल मजबूत रखें, बीमारी को हराने में यही सबसे बड़ी शक्ति है।