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Saharanpur News: छह माह के इलाज से मिल सकती है कुष्ठ रोग से मुक्ति
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सहारनपुर। कुष्ठ रोग के प्रति लोग जागरूक हो और समय रहते पूरा उपचार ले तो इसे जड़ से खत्म किया जा सकता है। यह बीमारी छूने से नहीं फैलती है। जनपद में 50 कुष्ठ रोगियों का इलाज चल रहा है, जिसमें सबसे ज्यादा आठ रोगी बलियाखेड़ी ब्लॉक क्षेत्र के हैं।
30 जनवरी यानी आज विश्व कुष्ठ दिवस मनाया जाएगा। जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ. धर्मवीर सिंह ने बताया कि कुष्ठ रोग को छह माह से सालभर में खत्म किया जा सकता है। इस रोग से लोगों को घबराने की जरूरत नहीं हैं। कुष्ठ रोग जीवाणुओं से होता है। यह त्वचा, अंगों का अंदरूनी भाग और नसों को प्रभावित करता है। यहां तक कि नसों को कमजोर बना देता है। ये किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है। यदि हाथ व पैरों में सुन्नपन है तो अधिक ठंडे और गर्म से बचना चाहिए। आंखों की पलक नहीं झपकती है तो आंखों को सोते समय नरम कपड़े से ढककर रखे और रोजाना दवाई लें। पैरों में घाव हो गए हैं तो उन्हें साफ-सुथरा रखें और मरहम पट्टी करते रहें।
13 फरवरी तक चलेगा जागरुकता अभियान
जनपद में 30 जनवरी से 13 फरवरी तक स्पर्श कुष्ठ जागरुकता अभियान चलेगा। इसमें लोगों को कुष्ठ रोगों के प्रति जागरूक करने और लक्षण पहचान कर कुष्ठ रोगियों की खोज की जाएगी। साथ ही सीएमओ कार्यालय, सभी प्रशासनिक अधिकारी और ग्राम प्रधानों द्वारा जिलाधिकारी का संदेश जनता को पढ़कर सुनाया जाएगा। ग्राम पंचायत और ग्राम सभा के तहत जगह-जगह पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए जाएंगे। समुदाय द्वारा कुष्ठ रोग से ठीक हुए व्यक्ति को उसकी सहमति के बाद सम्मानित किया जाएगा। जागरुकता संबंधित कार्यक्रम स्कूल में आयोजित किए जाएंगे। अभियान में आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी एवं स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाएंगे।
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किस क्षेत्र में कितने मरीज
बलियाखेड़ी 08
पुवारंका 06
देवबंद 05
रामपुर मनिहारान 05
नागल 03
नानौता 03
सढ़ौली कदीम 02
मुजफ्फराबाद 06
गंगोह 01
नकुड़ 02
सरसावा 01
सहारनपुर शहरी 08
कुष्ठ रोग के लक्षण
चमड़ी पर दाग, उस स्थान का सुन्न रहना
जलन, चुभन व दर्द का अहसास कम होना
हाथ, पैरों व आंखों से कम कमजोरी
शरीर पर दर्द रहित गांठें, घाव तथा हाथ-पैरों में विकृति
कुष्ठ रोग के बचाव
कुष्ठ रोग की दवा सभी सरकारी अस्पतालों में निशुल्क उपलब्ध होती है। राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम में कुष्ठ रोगियों के परिवार व आसपास के 10 घरों के स्वस्थ व्यक्तियों को कुष्ठ रोग से सुरक्षित रखने के लिए दवा का सेवन करवाया जाता है।
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30 जनवरी यानी आज विश्व कुष्ठ दिवस मनाया जाएगा। जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ. धर्मवीर सिंह ने बताया कि कुष्ठ रोग को छह माह से सालभर में खत्म किया जा सकता है। इस रोग से लोगों को घबराने की जरूरत नहीं हैं। कुष्ठ रोग जीवाणुओं से होता है। यह त्वचा, अंगों का अंदरूनी भाग और नसों को प्रभावित करता है। यहां तक कि नसों को कमजोर बना देता है। ये किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है। यदि हाथ व पैरों में सुन्नपन है तो अधिक ठंडे और गर्म से बचना चाहिए। आंखों की पलक नहीं झपकती है तो आंखों को सोते समय नरम कपड़े से ढककर रखे और रोजाना दवाई लें। पैरों में घाव हो गए हैं तो उन्हें साफ-सुथरा रखें और मरहम पट्टी करते रहें।
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13 फरवरी तक चलेगा जागरुकता अभियान
जनपद में 30 जनवरी से 13 फरवरी तक स्पर्श कुष्ठ जागरुकता अभियान चलेगा। इसमें लोगों को कुष्ठ रोगों के प्रति जागरूक करने और लक्षण पहचान कर कुष्ठ रोगियों की खोज की जाएगी। साथ ही सीएमओ कार्यालय, सभी प्रशासनिक अधिकारी और ग्राम प्रधानों द्वारा जिलाधिकारी का संदेश जनता को पढ़कर सुनाया जाएगा। ग्राम पंचायत और ग्राम सभा के तहत जगह-जगह पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए जाएंगे। समुदाय द्वारा कुष्ठ रोग से ठीक हुए व्यक्ति को उसकी सहमति के बाद सम्मानित किया जाएगा। जागरुकता संबंधित कार्यक्रम स्कूल में आयोजित किए जाएंगे। अभियान में आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी एवं स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाएंगे।
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किस क्षेत्र में कितने मरीज
बलियाखेड़ी 08
पुवारंका 06
देवबंद 05
रामपुर मनिहारान 05
नागल 03
नानौता 03
सढ़ौली कदीम 02
मुजफ्फराबाद 06
गंगोह 01
नकुड़ 02
सरसावा 01
सहारनपुर शहरी 08
कुष्ठ रोग के लक्षण
चमड़ी पर दाग, उस स्थान का सुन्न रहना
जलन, चुभन व दर्द का अहसास कम होना
हाथ, पैरों व आंखों से कम कमजोरी
शरीर पर दर्द रहित गांठें, घाव तथा हाथ-पैरों में विकृति
कुष्ठ रोग के बचाव
कुष्ठ रोग की दवा सभी सरकारी अस्पतालों में निशुल्क उपलब्ध होती है। राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम में कुष्ठ रोगियों के परिवार व आसपास के 10 घरों के स्वस्थ व्यक्तियों को कुष्ठ रोग से सुरक्षित रखने के लिए दवा का सेवन करवाया जाता है।