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एसआईटी कर रही है मामले की जांच
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पूर्व एमएलसी परिवार पर भी शिकंजा कस सकती है एसआईटी
बेहट (सहारनपुर)। गलत तरीके से भू उपयोग बदलकर जमीन खरीदने के मामले में दो सेवानिवृत कानूनगो की गिरफ्तारी के बाद अब एसआईटी पूर्व एसडीएम और पूर्व एमएलसी महमूद अली, उनके भतीजे पर शिकंजा कस सकती है। 115 पट्टा धारकों से करीब 745 बीघा जमीन खरीदी गई थी, जबकि पट्टाधारकों को जमीन बेचने का अधिकार नहीं था।
गत वर्ष 14 अक्टूबर को बेहट तहसील में तैनात रजिस्ट्रार कानूनगो दिनेश कुमार ने थाना बेहट पर इनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें तत्कालीन एसडीएम शीतल प्रसाद गुप्ता, रजिस्ट्रार कानूनगो जनेश्वर प्रसाद व पवन सिंह, हलका कानूनगोबीरबल, मोहम्मद शोएब पर आरोप लगाया गया था कि इन्होंने आवंटित पट्टों की जमीन की श्रेणी बदलने में कूटरचना की। इसके बाद यह जमीन मिर्जापुर पोल स्थित ग्लोकल यूनिवर्सिटी का संचालन करने वाले अब्दुल वहीद एजुकेशन एंड चैरिटेबल ट्रस्ट को बेची गई। इस ट्रस्ट में बसपा एमएलसी महमूद अली और उनके भतीजे मोहम्मद जावेद पुत्र हाजी इकबाल ट्रस्टी है। ट्रस्ट के नाम जमीन का बैनामा करने वाले गांव शेरपुर पेलो निवासी अखलाक, सुरेंद्र, संजय, राशिद व अब्दुल रहमान को भी आरोपी बनाया गया है। रविवार को बेहट पुलिस ने इस मामले में पहली गिरफ्तारी करते हुए तत्कालीन रजिस्ट्रार कानूनगो जनेश्वर प्रसाद निवासी साकेत कॉलोनी थाना सदर बाजार सहारनपुर व राजस्व निरीक्षक बीरबल निवासी विनय विहार कॉलोनी पेपर मिल रोड सहारनपुर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
-बेहट कोतवाली में दर्ज इस मुकदमे में शनिवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस मुकदमे में तत्कालीन एसडीएम और पूर्व एमएलसी भी नामजद हैं। इसकी जांच के लिए एसपी देहात अतुल शर्मा के निर्देशन में एसआईटी का गठन किया हुआ है। जांच के बाद आज दो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। एसआईटी जांच कर रही है, जांच के उपरांत अन्य की गिरफ्तारी की जाएगी।
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- आकाश तोमर, एसएसपी सहारनपुर
पट्टाधारकों को नहीं था जमीन बेचने का अधिकार
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बेहट (सहारनपुर)। गलत तरीके से भू उपयोग बदलकर जमीन खरीदने के मामले में दो सेवानिवृत कानूनगो की गिरफ्तारी के बाद अब एसआईटी पूर्व एसडीएम और पूर्व एमएलसी महमूद अली, उनके भतीजे पर शिकंजा कस सकती है। 115 पट्टा धारकों से करीब 745 बीघा जमीन खरीदी गई थी, जबकि पट्टाधारकों को जमीन बेचने का अधिकार नहीं था।
गत वर्ष 14 अक्टूबर को बेहट तहसील में तैनात रजिस्ट्रार कानूनगो दिनेश कुमार ने थाना बेहट पर इनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें तत्कालीन एसडीएम शीतल प्रसाद गुप्ता, रजिस्ट्रार कानूनगो जनेश्वर प्रसाद व पवन सिंह, हलका कानूनगोबीरबल, मोहम्मद शोएब पर आरोप लगाया गया था कि इन्होंने आवंटित पट्टों की जमीन की श्रेणी बदलने में कूटरचना की। इसके बाद यह जमीन मिर्जापुर पोल स्थित ग्लोकल यूनिवर्सिटी का संचालन करने वाले अब्दुल वहीद एजुकेशन एंड चैरिटेबल ट्रस्ट को बेची गई। इस ट्रस्ट में बसपा एमएलसी महमूद अली और उनके भतीजे मोहम्मद जावेद पुत्र हाजी इकबाल ट्रस्टी है। ट्रस्ट के नाम जमीन का बैनामा करने वाले गांव शेरपुर पेलो निवासी अखलाक, सुरेंद्र, संजय, राशिद व अब्दुल रहमान को भी आरोपी बनाया गया है। रविवार को बेहट पुलिस ने इस मामले में पहली गिरफ्तारी करते हुए तत्कालीन रजिस्ट्रार कानूनगो जनेश्वर प्रसाद निवासी साकेत कॉलोनी थाना सदर बाजार सहारनपुर व राजस्व निरीक्षक बीरबल निवासी विनय विहार कॉलोनी पेपर मिल रोड सहारनपुर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
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-बेहट कोतवाली में दर्ज इस मुकदमे में शनिवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस मुकदमे में तत्कालीन एसडीएम और पूर्व एमएलसी भी नामजद हैं। इसकी जांच के लिए एसपी देहात अतुल शर्मा के निर्देशन में एसआईटी का गठन किया हुआ है। जांच के बाद आज दो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। एसआईटी जांच कर रही है, जांच के उपरांत अन्य की गिरफ्तारी की जाएगी।
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- आकाश तोमर, एसएसपी सहारनपुर
पट्टाधारकों को नहीं था जमीन बेचने का अधिकार