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आबकारी दफ्तर में एसआईटी ने खंगाले दस्तावेज
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आबकारी दफ्तर में एसआईटी ने खंगाले दस्तावेज
सहारनपुर। शराब फैक्टरी में 100 करोड़ से ज्यादा की टैक्स चोरी के मामले में एसआईटी लखनऊ ने नवाबगंज चौक स्थित आबकारी उपायुक्त और सहायक आयुक्त कार्यालय पहुंचकर दस्तावेज खंगालेे। करीब ढाई घंटे कार्यालय में मौजूद रही टीम ने आबकारी विभाग के स्टाफ से पूछताछ की। साथ ही कुछ दस्तावेजों को कब्जे में लिया।
देहात कोतवाली क्षेत्र के टपरी स्थित को-आपरेटिव कंपनी प्राइवेट लिमिटेड में एसटीएफ ने छापा मारकर टैक्स चोरी का भंडाफोड़ किया था। शासन स्तर से आबकारी उपायुक्त आरके चतुर्वेदी, सहायक उपायुक्त जगराम पाल व निरीक्षक अरविंद वर्मा सहित सात अधिकारियों को निलंबित किया गया। मामले में नामजद आठ आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।
वहीं, जांच के लिए गठित एसआईटी ने दूसरे दिन सोमवार को आबकारी उपायुक्त कार्यालय में मौजूद स्टाफ से पूछताछ की। शराब फैक्टरी से जुड़े एक-एक दस्तावेज की गहनता से जांच की और कुछ कागजातों को कब्जे में लिया। आबकारी विभाग का रिकार्ड भी खंगाला। एसआईटी की जांच के दौरान आबकारी कार्यालय में हड़कंप मचा रहा। ढाई घंटे बाद एसआईटी चली गई। विभागीय सूत्र बताते हैं कि कागजातों में एसआईटी को गड़बड़ी मिली है।
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आरोपियों की गिरफ्तारी को दबिश दे रही टीमें
शराब फैक्टरी मालिक प्रणव अनेजा और शराब ठेकेदार अजय जायसवाल की गिरफ्तारी के लिए देहात कोतवाली पुलिस की तीन टीमें काम कर रही हैं। पुलिस ने सोमवार को उन्नाव में अजय जायसवाल के यहां दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं लगा। पुलिस को जानकारी मिली थी कि प्रणव अनेजा भी अजय जायसवाल के साथ वहां छिपा है।
कई पर गिर सकती है गाज
एसआइटी के हाथ कई अहम सुराग भी लगे हैं। इससे साफ है कि आबकारी विभाग के कई अन्य अधिकारी और कर्मचारियों पर भी इस मामले में गाज गिर सकती है।
जांच गोपनीय, शासन को देंगे रिपोर्ट: रंजन
एसआईटी मंगलवार को भी जिले में रहकर इस मामले की जांच करेगी। रविवार को एसआईटी ने टपरी स्थित शराब फैक्टरी पहुंचकर जांच की थी। आईपीएस देव रंजन वर्मा ने बताया कि जांच में जो भी सामने आया है, वह अभी गोपनीय रखा गया है, जिसकी रिपोर्ट शासन को दी जाएगी।
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सहारनपुर। शराब फैक्टरी में 100 करोड़ से ज्यादा की टैक्स चोरी के मामले में एसआईटी लखनऊ ने नवाबगंज चौक स्थित आबकारी उपायुक्त और सहायक आयुक्त कार्यालय पहुंचकर दस्तावेज खंगालेे। करीब ढाई घंटे कार्यालय में मौजूद रही टीम ने आबकारी विभाग के स्टाफ से पूछताछ की। साथ ही कुछ दस्तावेजों को कब्जे में लिया।
देहात कोतवाली क्षेत्र के टपरी स्थित को-आपरेटिव कंपनी प्राइवेट लिमिटेड में एसटीएफ ने छापा मारकर टैक्स चोरी का भंडाफोड़ किया था। शासन स्तर से आबकारी उपायुक्त आरके चतुर्वेदी, सहायक उपायुक्त जगराम पाल व निरीक्षक अरविंद वर्मा सहित सात अधिकारियों को निलंबित किया गया। मामले में नामजद आठ आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।
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वहीं, जांच के लिए गठित एसआईटी ने दूसरे दिन सोमवार को आबकारी उपायुक्त कार्यालय में मौजूद स्टाफ से पूछताछ की। शराब फैक्टरी से जुड़े एक-एक दस्तावेज की गहनता से जांच की और कुछ कागजातों को कब्जे में लिया। आबकारी विभाग का रिकार्ड भी खंगाला। एसआईटी की जांच के दौरान आबकारी कार्यालय में हड़कंप मचा रहा। ढाई घंटे बाद एसआईटी चली गई। विभागीय सूत्र बताते हैं कि कागजातों में एसआईटी को गड़बड़ी मिली है।
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आरोपियों की गिरफ्तारी को दबिश दे रही टीमें
शराब फैक्टरी मालिक प्रणव अनेजा और शराब ठेकेदार अजय जायसवाल की गिरफ्तारी के लिए देहात कोतवाली पुलिस की तीन टीमें काम कर रही हैं। पुलिस ने सोमवार को उन्नाव में अजय जायसवाल के यहां दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं लगा। पुलिस को जानकारी मिली थी कि प्रणव अनेजा भी अजय जायसवाल के साथ वहां छिपा है।
कई पर गिर सकती है गाज
एसआइटी के हाथ कई अहम सुराग भी लगे हैं। इससे साफ है कि आबकारी विभाग के कई अन्य अधिकारी और कर्मचारियों पर भी इस मामले में गाज गिर सकती है।
जांच गोपनीय, शासन को देंगे रिपोर्ट: रंजन
एसआईटी मंगलवार को भी जिले में रहकर इस मामले की जांच करेगी। रविवार को एसआईटी ने टपरी स्थित शराब फैक्टरी पहुंचकर जांच की थी। आईपीएस देव रंजन वर्मा ने बताया कि जांच में जो भी सामने आया है, वह अभी गोपनीय रखा गया है, जिसकी रिपोर्ट शासन को दी जाएगी।