फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Sign boards covered with banners, people are finding it difficult to find a way

सहारनपुर: बैनरों से ढक दिए साइन बोर्ड, लोगों को राह तलाशना हो रहा मुश्किल

Mon, 11 Oct 2021 11:45 PM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Mon, 11 Oct 2021 11:45 PM IST
सार

साइन बोर्ड मार्ग तलाशने में मदद करते हैं, लेकिन हो यह रहा है कि राजनीतिक दलों के लोग इन संकेतक बोर्डों का भी इस्तेमाल अपने प्रचार में कर रहे हैं।

विज्ञापन
Sign boards covered with banners, people are finding it difficult to find a way
दिल्ली रोड पर बैनर से ढका साइन बोर्ड। - फोटो : SAHARANPUR

विस्तार

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में लगे साइन बोर्डों का इस्तेमाल लोग खासकर राजनीतिक लोग अपने प्रचार में कर रहे हैं। उन्होंने कई साइन बोर्ड पर अपने प्रचार वाले बैनर चढ़ा दिए हैं, जिसकी वजह से बाहर से आने वाले लोगों को गंतव्य तक पहुंचने में मार्ग तलाशने में परेशानी हो रही है। प्रतिदिन चौपहिया वाहन चालकों को चौराहों पर तैनात यातायात पुलिसकर्मियों से मार्गों के बारे में पूछताछ करते देखा जा सकता है।

विज्ञापन


साइन बोर्ड शहर में ऐसे चौराहों और तिराहों पर लगे हैं, जहां से अन्य बड़ी जगहों के लिए मार्ग निकलते हैं। घंटाघर से चकराता, शाकंभरी देवी, देहरादून, हरिद्वार, दिल्ली, शामली, रेलवे स्टेशन, पंजाब और हरियाणा के लिए मार्ग निकलते हैं। यहां विकास प्राधिकरण की ओर से हरे रंग के साइन बोर्ड लगाए गए हैं, जिन पर संबंधित जगहों के नाम संकेतक चिह्न के साथ लिखे हैं, जिससे बाहर से आने वाले व्यक्ति को यह पता चल सके कि पंजाब के लिए किस मार्ग से जाना है और देहरादून के लिए किस मार्ग पर जाना है।
विज्ञापन


इसी तरह कलक्ट्रेट और दीवानी कचहरी के बाहर भी बोर्ड लगे हैं, लेकिन हो यह रहा है कि राजनीतिक दलों के लोग इन संकेतक बोर्डों का भी इस्तेमाल अपने प्रचार में कर रहे हैं। कलक्ट्रेट तिराहे पर लगे बोर्ड के दोनों ओर एक राजनीतिक दल के लोगों के बैनर लगे हैं, जिनसे साइन बोर्ड को पूरी तरह ढक गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

यह भी पढ़ें:  यूपी: चीनी मिलें 25 अक्तूबर से शुरू करेंगी पेराई, गन्ना मंत्री सुरेश राणा बोले- कृषि कानून में कमी बताएं, हम संशोधन को तैयार

इसके अलावा दीवानी कचहरी के बाहर लगे साइन बोर्ड से पहले निगम का यूनिपोल लगा है, जिसकी वजह से 100 मीटर दूर से भी साइन बोर्ड नजर नहीं आता है। उत्तर दिशा में यही साइन बोर्ड पर यूके लिप्टिस की शाखाएं लटकी हुई हैं, जिनकी वजह से भी बोर्ड को पढ़ा नहीं जा सकता है।

नगर निगम जिम्मेदार
शहर में केवल साइन बोर्ड ही नहीं, बल्कि जितने भी अवैध होर्डिंग, फ्लैक्स या अन्य प्रचार सामग्री लगी हैं। उसे उतारने की जिम्मेदारी नगर निगम की होती है। नगर निगम के अधिकारियों की लापरवाही और अनदेखी की वजह से लोगों ने साइन बोर्ड तक ढक लिए हैं।

अवैध होर्डिंग या फ्लैक्स आदि को उतारने के लिए हर माह दो दिन का अभियान चलाया जाता है। साइन बोर्डों से भी प्रचार सामग्री हटाई जाती है। जल्द ही बड़ा अभियान चलाकर अवैध रूप से लगी प्रचार सामग्री खासकर साइन बोर्डों के गलत इस्तेमाल को रोका जाएगा। -दिनेश यादव, उप नगरायुक्त।

साइन बोर्ड प्राधिकरण द्वारा लगाए गए हैं, जिनको नगर निगम को हैंडओवर किया जाता है। यदि साइन बोर्ड अभी तक नगर निगम को हैंडओवर नहीं हुए हैं तो हम खुद साइन बोर्ड पर लगी प्रचार सामग्री को हटवाएंगे। यदि हैंडओवर हो गए हैं तो नगर निगम की जिम्मेदारी रहेगी। -आशीष कुमार, उपाध्यक्ष, सहारनपुर विकास प्राधिकरण।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed