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माता के जयकारों से गूंज रहा सिद्धपीठ क्षेत्र

Wed, 06 Apr 2022 12:00 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 06 Apr 2022 12:00 AM IST
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Siddhpeeth area resonating with mother's cheers
सिद्वपीठ क्षेत्र में माता के दर्शन को लगी श्रद्वालुओं की लाइन - फोटो : SAHARANPUR
शांकभरी। सिद्धपीठ शांकभरी देवी मंदिर परिक्षेत्र चैत्र मास के चौथे नवरात्र पर भी मां के जयकारों से गूंजाए मान रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने माता के भवन पर पहुंचकर प्रसाद चढ़ाया और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए कामना की।
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इन दिनों सिद्धपीठ शांकभरी देवी में चैत्र नवरात्र मेला लगा है। मेले में प्रतिदिन पश्चिमी यूपी के साथ ही पड़ोसी राज्यों से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु धार्मिक मान्यता के अनुसार सर्वप्रथम बाबा भूरादेव के दर्शन कर प्रसाद चढ़ा रहे हैं। इसके बाद वे मां जगदजननी के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्वि की प्रार्थना कर रहे हैं। सिद्धपीठ परिक्षेत्र में श्रद्धालु मन्नतें पूरी होने पर भंडारों का भी आयोजन कर रहे हैं। बहुत से श्रद्धालु लेट-लेटकर पैदल ही माता के भवन तक पहुंच रहे हैं। गर्मी के बावजूद इनकी भक्ति और उत्साह देखते ही बन रहा है। दिनभर माता का भवन और आसपास की शिवालिक पहड़ियां माता रानी के जयकारों से गूंज रही हैं।
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माता कूष्मांडा की कांति और आभा सूर्य के समान : पं. सतेंद्र
देवबंद/गंगोह। चैत्र नवरात्र के चौथे दिन मंगलवार को दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कूष्मांडा की विधि-विधान के साथ उपासना की गई। वहीं, इस दिन श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर परिवार की खुशहाली और विश्व शांति के लिए कामना की। श्री त्रिपुर मां बाला सुंदरी देवी मंदिर में मां कूष्मांडा की पूजा-अर्चना के लिए सुबह से दोपहर बाद तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मंदिर सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष पंडित सतेंद्र शर्मा ने बताया कि मां की कांति और आभा सूर्य के समान है। देवी के कूष्मांडा स्वरूप ने ही सृष्टि का विस्तार किया। मां का यह स्वरूप अन्नपूर्णा का है। शाकंभरी रूप धर देवी ने शाक से धरती को पल्लवित किया और शताक्षी बनकर असुरों का संहार किया। यह प्रकृति और पर्यावरण की अधिष्ठात्री हैं। कूष्मांडा देवी की आराधना के बिना जप और धन समर्पण नहीं होते हैं। माता के इस रूप में तृप्ति और तुष्टि दोनों हैं।
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गंगोह के विभिन्न मंदिरों में चतुर्थ नवरात्र को माता के कूष्मांडा स्वरूप की पूजा-अर्चना की गई। मां की आराधना के लिए मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। नगर के रामबाग रोड स्थित श्री बालाजी धाम, पैठ बाजार स्थित माता काली मंदिर, मोहल्ला ईशरा स्थित श्री भुवनेश्वरी देवी पंचायती मंदिर, बाईपास रोड स्थित श्री माता वैष्णो देवी धाम में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि के लिए मन्नतें मांगीं। श्री बालाजी धाम में महंत सुशील शर्मा ने बताया कि नवरात्र में मां कूष्मांडा की उपासना से साधकों को उनाहत चक्र जागृति की सिद्धि प्राप्त होती है। मंदिरों में भजन कीर्तन के बाद प्रसाद वितरण किया गया।
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