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श्रावण मास शुरू, भोले बाबा बरसाएंगे कृपा
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सहारनपुर। आज से श्रावण मास की शुरूआत हो जाएगी। इसको लेकर शिवालयों और मंदिरों को सजाया गया है। वहीं, मंदिर कमेटियों ने कोरोना गाइडलाइन का पालन कराने की व्यवस्था की है।
श्रावण मास में प्रत्येक दिन और हर सोमवार को शहर में स्थित सिद्धपीठ श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर, श्री बागेश्वर महादेव मंदिर, श्री पातालेश्वर महादेव मंदिर, श्री पाठेश्वर महादेव मंदिर, श्री हरि मंदिर, तहसील शिव मंदिर, दिल्ली रोड स्थित श्री शिव मंदिर सहित अनेक मंदिरों में बड़ी संख्या श्रद्धालु भगवान शंकर का जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। कोरोना संक्रमण को देखते हुए मंदिर कमेटियों ने मंदिरों को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाने के साथ ही सरकार की गाइडलाइन का पालन कराने की व्यवस्था की है। श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर कमेटी के महामंत्री हेमंत मित्तल ने बताया कि कोरोना से बचाव के पूरे इंतजाम किए गए हैं। बेहट रोड स्थित श्री बालाजी धाम के संस्थापक अतुल जोशी महाराज व तहसील शिव मंदिर के अधिष्ठाता पंडित अभिषेक कृष्णात्रेय ने बताया कि सभी व्यवस्था पूरी कर ली गई हैं। कोरोना से बचाव को श्रद्धालुओं के हाथ सैनिटाइजर से साफ कराए जाएंगे। इसके साथ ही थर्मल स्क्रीनिंग भी की जाएगी। लोगों को कोरोना वैक्सीन लगवान के प्रति भी जागरूक किया जाएगा।
ऐसे करें भगवान शिव को प्रसन्न
श्री बगलामुखी मंदिर के अधिष्ठाता आचार्य रोहित वशिष्ठ ने कहा कि श्रद्धाभाव से भगवान शंकर की पूजा और अभिषेक करने से व्यक्ति को मनवांछित फल मिलता है। श्रावण मास में व्रत, जप, भगवान शिव का अभिषेक व पूजन, शिवपुराण कथा का श्रवण करने से भगवान भोलेनाथ अपने भक्तों के कष्ट दूर कर देते हैं। उन्होंने पूजा अर्चना की विधि बताते हुए कहा कि हमें प्रात:काल स्नान कर भगवान शंकर के मंदिर में जाकर शिवलिंग के समक्ष बैठकर मंत्रोच्चारण के साथ आराधना करनी चाहिए। भगवान शिव की पूजा से पहले शिवगणों और शिव परिवार की पूजा करनी चाहिए। इनमें श्री गणेश जी, माता पार्वती, श्री कार्तिक भगवान, श्री नंदीश्वर, सर्प, श्री गंगा मइया की भी पूजा करनी चाहिए।
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श्रावण मास में प्रत्येक दिन और हर सोमवार को शहर में स्थित सिद्धपीठ श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर, श्री बागेश्वर महादेव मंदिर, श्री पातालेश्वर महादेव मंदिर, श्री पाठेश्वर महादेव मंदिर, श्री हरि मंदिर, तहसील शिव मंदिर, दिल्ली रोड स्थित श्री शिव मंदिर सहित अनेक मंदिरों में बड़ी संख्या श्रद्धालु भगवान शंकर का जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। कोरोना संक्रमण को देखते हुए मंदिर कमेटियों ने मंदिरों को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाने के साथ ही सरकार की गाइडलाइन का पालन कराने की व्यवस्था की है। श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर कमेटी के महामंत्री हेमंत मित्तल ने बताया कि कोरोना से बचाव के पूरे इंतजाम किए गए हैं। बेहट रोड स्थित श्री बालाजी धाम के संस्थापक अतुल जोशी महाराज व तहसील शिव मंदिर के अधिष्ठाता पंडित अभिषेक कृष्णात्रेय ने बताया कि सभी व्यवस्था पूरी कर ली गई हैं। कोरोना से बचाव को श्रद्धालुओं के हाथ सैनिटाइजर से साफ कराए जाएंगे। इसके साथ ही थर्मल स्क्रीनिंग भी की जाएगी। लोगों को कोरोना वैक्सीन लगवान के प्रति भी जागरूक किया जाएगा।
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ऐसे करें भगवान शिव को प्रसन्न
श्री बगलामुखी मंदिर के अधिष्ठाता आचार्य रोहित वशिष्ठ ने कहा कि श्रद्धाभाव से भगवान शंकर की पूजा और अभिषेक करने से व्यक्ति को मनवांछित फल मिलता है। श्रावण मास में व्रत, जप, भगवान शिव का अभिषेक व पूजन, शिवपुराण कथा का श्रवण करने से भगवान भोलेनाथ अपने भक्तों के कष्ट दूर कर देते हैं। उन्होंने पूजा अर्चना की विधि बताते हुए कहा कि हमें प्रात:काल स्नान कर भगवान शंकर के मंदिर में जाकर शिवलिंग के समक्ष बैठकर मंत्रोच्चारण के साथ आराधना करनी चाहिए। भगवान शिव की पूजा से पहले शिवगणों और शिव परिवार की पूजा करनी चाहिए। इनमें श्री गणेश जी, माता पार्वती, श्री कार्तिक भगवान, श्री नंदीश्वर, सर्प, श्री गंगा मइया की भी पूजा करनी चाहिए।
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