फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Sharia court granted intervention in matters

मंजूर नहीं शरई मसलों में अदालती हस्तक्षेप

Fri, 30 Oct 2015 12:33 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो/ अमर उजाला, सहारनपुर Updated Fri, 30 Oct 2015 12:33 AM IST
विज्ञापन
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी ने सुप्रीम कोर्ट के तलाक और बहुविवाह के हालिया फैसले पर कहा कि कानून बनाना अदालतों का काम नहीं है। इसलिए बेहतर होगा कि शरई मसलों में अदालत दखल अंदाजी न करें और उसे मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पर छोड़ दें।
विज्ञापन


बृहस्पतिवार को जामा मस्जिद के निकट एक आवास पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी ने कहा कि अदालतें मुसलमानों के शरई मसलों में दायरे से बाहर जाकर काम कर रही हैं। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भारतीय संविधान ने मुसलमानों को जो अधिकार दिए हैं उनका हनन करना किसी भी दशा में उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि देश की न्याय व्यवस्था का वे सम्मान करते हैं, लेकिन शरई मसलों में अदालतों का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन


मौलाना खालिद ने तीन तलाक और बहुविवाह को लेकर मुस्लिम पर्सनल लॉ में किसी भी तरह के बदलाव की कोई गुंजाइश होने से इंकार किया है। उन्होंने कहा कि दूसरे धर्मों के मुकाबले मुस्लिम समाज में तलाक के मामले बहुत कम हैं। जहां तक पहली पत्नी के होते दूसरा निकाह करने का मामला है तो उसके लिए शरीयत में कड़ी शर्तें रखी गई हैं। साथ ही यह भी कहा कि शरीयत की हिफाजत के लिए बोर्ड के पदाधिकारी अपनी जायज मांगों को सरकार के समक्ष रखेंगे। फिलहाल इस मामले में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य विचार-विमर्श कर निर्णय लेंगे। उन्होंने दीन और संविधान बचाओ आंदोलन के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि उनका आंदोलन सांप्रदायिक ताकतों के विरुद्ध है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उलेमा भी लौटाएं सरकारी सम्मान
 
देवबंद। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी ने देश के बिगड़े हालात पर साहित्यकारों द्वारा सम्मान लौटाए जाने की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस दिशा में वो उलेमा भी कदम आगे बढ़ाएं जिन्हें कोई सरकारी सम्मान मिला हुआ है। उन्हें यह सम्मान वापस कर देने चाहिए। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed