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Saharanpur: पूर्व प्रधान की रबड़ फैक्टरी में भाप से झुलसे मजदूर, एक की मौत, तीन की हालत गंभीर
Sun, 22 Jun 2025 11:49 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Sun, 22 Jun 2025 11:49 AM IST
सार
यह घटना 14 जून की है। 17 जून को मजदूर की मौत हुई, लेकिन इसका खुलासा अब हुआ है। तीनों घायलों का अभी भी इलाज चल रहा है। फैक्टरी में टायरों से तेल निकालने का काम होता है।
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सांकेतिक तस्वीर।
विस्तार
चिलकाना के गाठेड़ा गांव स्थित रबड़ की फैक्टरी में बॉयलर की स्टीम (भाप) की चपेट में आकर चार मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। इनमें से एक की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि तीन का हायर सेंटर में उपचार चल रहा है।
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गांव गाठेड़ा में पूर्व प्रधान मोहम्मद अकरम की रबड़ फैक्टरी है। इस फैक्टरी में पुराने टायरों को गलाने के बाद उसमें से तेल निकाला जाता है। मजदूर बॉयलर के माध्यम से टायरों को गर्म करके उनका तेल निकले का काम कर रहे थे। इस दौरान एक मजदूर ने बॉयलर के प्रेशर की जांच करने के लिए उसकी एक खिड़की को खोल दिया। खिड़की खोलने के बाद बॉयलर से स्टीम का प्रेशर बाहर आया। बाहर खड़े तीन मजदूरों के ऊपर स्टीम गिर गई, जिस कारण तीनों मजदूर झुलस कर गंभीर रूप से घायल हो गए।
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फैक्टरी सुपरवाइजर कुछ दूरी पर खड़ा हुआ था। इसीलिए बॉयलर के स्टीम सुपरवाइजर के दोनों हाथ बुरी तरह झुलस गए। फैक्टरी मालिक ने आनन-फानन में सभी चारों घायलों को अंबाला के मुलाना स्थित हायर सेंटर में भर्ती कराया। झुलसे में राहुल पुत्र नानू, मोनू, ऋषिपाल निवासी गांव शंकरगढ़ थाना कोतवाली देहात हैं। अजय 30 पुत्र नानू निवासी शंकरगढ़ की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। परिजनों ने बिना किसी कानूनी कार्रवाई के अजय का अंतिम संस्कार कर दिया था। हादसे के बाद से फैक्टरी बंद है।
पुराने टायरों को इकट्ठा निकाला जा रहा था तेल
फैक्टरी में पुराने टायरों को इकट्ठा कर तेल निकाला जाता है। तेल निकालने की प्रक्रिया में बॉयलर से निकली स्टीम द्वारा टायरों को अधिक तापमान पर गलाया जाता है। जब टायर गलने लगते हैं तो उसमें से काले रंग का तेल निकलता है। इस तेल का उपयोग सड़कें बनाने सहित अन्य कार्यों में किया जाता है।
फैक्टरी में पुराने टायरों को इकट्ठा कर तेल निकाला जाता है। तेल निकालने की प्रक्रिया में बॉयलर से निकली स्टीम द्वारा टायरों को अधिक तापमान पर गलाया जाता है। जब टायर गलने लगते हैं तो उसमें से काले रंग का तेल निकलता है। इस तेल का उपयोग सड़कें बनाने सहित अन्य कार्यों में किया जाता है।
पुलिस तक नहीं लगने दी भनक
रबड़ फैक्टरी में आग की घटना 14 जून की है। इसके बाद 17 जून को युवक की मौत भी हो गई, लेकिन फैक्टरी संचालक ने इसकी किसी को भनक तक नहीं लगने दी। फैक्टरी संचालक ने झुलसे मजदूरों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराने की अंबाला में भर्ती कराया, जहां से उन्हें चंडीगढ़ भेजा गया। इस मामले में मजदूरों के परिजन भी बोलने के लिए तैयार नहीं है। उधर, पुलिस का कहना है कि परिजनों ने इस मामले में कार्रवाई से साफ मना कर दिया है।
रबड़ फैक्टरी में आग की घटना 14 जून की है। इसके बाद 17 जून को युवक की मौत भी हो गई, लेकिन फैक्टरी संचालक ने इसकी किसी को भनक तक नहीं लगने दी। फैक्टरी संचालक ने झुलसे मजदूरों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराने की अंबाला में भर्ती कराया, जहां से उन्हें चंडीगढ़ भेजा गया। इस मामले में मजदूरों के परिजन भी बोलने के लिए तैयार नहीं है। उधर, पुलिस का कहना है कि परिजनों ने इस मामले में कार्रवाई से साफ मना कर दिया है।
ये बोले फैक्टरी मालिक
फैक्टरी मलिक मोहम्मद अकरम ने बताया कि मजदूरों के अचानक बॉयलर की खिड़की खोलने से हादसा हुआ है। हादसे में झुलसे मजदूरों का इलाज चल रहा है। उनके इलाज का पूरा खर्च उठाया जा रहा है।
फैक्टरी मलिक मोहम्मद अकरम ने बताया कि मजदूरों के अचानक बॉयलर की खिड़की खोलने से हादसा हुआ है। हादसे में झुलसे मजदूरों का इलाज चल रहा है। उनके इलाज का पूरा खर्च उठाया जा रहा है।