{"_id":"63848496beccad740862bcb0","slug":"saharanpur-prakash-parv-of-guru-nanak-dev-celebrated-with-pomp-performed-with-astonishing-feats","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur: धूमधाम से मना गुरूनानक देव का प्रकाश प्रर्व, हैरतअंगेज करतबों से किया प्रर्दशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur: धूमधाम से मना गुरूनानक देव का प्रकाश प्रर्व, हैरतअंगेज करतबों से किया प्रर्दशन
Mon, 28 Nov 2022 03:21 PM IST
Dimple Sirohi
अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर
अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर
Published by: Dimple Sirohi
Updated Mon, 28 Nov 2022 03:21 PM IST
सार
सहारनपुर में गुरूनानक देव के प्रकाश पर्व पर गुरूद्वारा गुरू सिंह सभा कमेटी बेहट व श्री गुरूनानक दरबार प्रेमनगर ने उनका 553 वा दिवस बड़े धूमधाम से मनाया। पर्व के दौरान कीर्तन दरबार में रागी जत्थों ने गुरु नानक देव की वाणी से संगत को निहाल करते हुए कहा, कि मानव सेवा सबसे बड़ी सेवा है।
विज्ञापन
गुरूनानक देव का प्रकाश प्रर्व मनाते लोग
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के गुरूद्वारा गुरू सिंह सभा कमेटी बेहट व श्री गुरूनानक दरबार प्रेमनगर (भागूवाला) के तत्वाधान में गुरू साहिब श्री गुरूनानक देव जी का 553 वा प्रकाश प्रर्व पर धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान नगर कीर्तन (जागृति यात्रा) का आयोजन किया गया, जिसमें कीर्तन दरबार में रागी जत्थों ने गुरु नानक देव की वाणी से संगत को निहाल करते हुए कहा, कि मानव सेवा सबसे बड़ी सेवा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: Saharanpur: पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किया पंडित विश्वंभर सिंह द्वार व मार्ग का लोकार्पण
विज्ञापन
रविवार को प्रेमनगर स्थित गुरूद्वारे से भव्य रूप से पंच प्यारों के नेतृत्व में नगर कीर्तन निकाला गया। नगर कीर्तन प्रेमनगर से शुरू होकर गांव बड़वाला, अलीपुर भागूवाला, मिरगपुर पांजूवाला, जसमौर, चोहडपुर कलां बेलका व बेहट कस्बे के विभिन्न गली मोहल्लों से होते हुए निर्माणधीन गुरूद्वारा गुरू सिंह सभा पहुंचकर संपन्न हुआ।
नगर कीर्तन में गतका पार्टी द्वारा हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया। इसमें युवा लाठी, तलवार, भाले आदि प्राचीन हथियारों से युद्धकलां का प्रदर्शन किया। नगर कीर्तन के अंतिम छोर पर पंज प्यारो की अगुवाई में फूलों से सजाई गई पालकी में गरिमा के साथ गुरु ग्रंथ साहिब विराजमान थे, जिसके आगे महिलाएं सेवा भाव से सफाई करते हुए चल रही थी। इस दौरान संगत द्वारा लगाए गए वाहे गुरू जी दा खालसा, वाहे गुरूजी दी फतेह के उदघोष से समूचा वातावरण गुंजायमान हो उठा।