UP: डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर दौड़ा अफसरों का टावर वैगन, ट्रैक की स्पीड क्षमता और ओएचई का किया निरीक्षण
Saharanpur News : आला अफसरों ने सहारनपुर से न्यू खतौली के बीच रेलवे स्टेशन भवन निर्माण कार्य, ट्रैक की स्पीड क्षमता और ओएचई के कार्यों को बारीकी से परखा।
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दिल्ली से सहारनपुर पहुंचे आला अफसरों ने टावर वैगन में बैठकर ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सहारनपुर से न्यू खतौली के बीच रेलवे स्टेशन भवन निर्माण कार्य, ट्रैक की स्पीड क्षमता और ओएचई के कार्यों को बारीकी से परखा।
मंगलवार को दिल्ली से डीएफसी कॉरिडोर के निदेशक इंफ्रा पंकज सक्सेना, डिप्टी सीपीएम कुलदीप सिंह और एलएंडटी के प्रोजेक्ट निदेशक सतेंद्र सक्सेना शताब्दी एक्सप्रेस से सहारनपुर आए। यहां से न्यू पिलखनी रेलवे स्टेशन पहुंचे। इसके बाद टावर वैगन लिया और उससे न्यू खतौली रेलवे स्टेशन तक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर रेलवे ट्रैक का निरीक्षण किया। इस बीच जितने भी न्यू रेलवे स्टेशन बन रहे उनके निर्माण संबंधित कार्यों को देखा।
इसके अलावा ट्रैक को देखा गया कि कितनी स्पीड आ रही है, ताकि आने वाले दिनों में जब मालगाड़ियों का संचालन होगा तो उन्हें कितनी रफ्तार से दौड़ाया जाए। ओवर हेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) में करंट आ रहा या नहीं देखा। आला अफसरों ने एक-एक बिंदुओं को बारीकी से चेक किया।
यात्री ट्रेनें नहीं होगी लेट, यात्रियों को मिलेगी राहत
ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के बन जाने के बाद यात्री ट्रेनों की लेटलतीफी काफी हद तक खत्म हो जाएगी। क्योंकि अभी तक मालगाड़ियों की वजह से यात्री ट्रेनें काफी देर तक आउटर पर खड़ी रहती है। डीएफसी कॉरिडोर पर केवल मालगाड़ियों का ही संचालन होगा। इससे यात्रियों को राहत मिलेगी। आपात स्थिति में ही यात्री ट्रेनों को डीएफसी कॉरिडोर के ट्रैक पर लिया जा सकता है।
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कॉरिडोर पर जल्द दौड़ेगी मालगाड़ी
ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर रेलवे ट्रैक पर जल्द ही मालगाड़ी दौड़ती नजर आएंगी। अब तक जितनी बार भी ट्रैक पर ट्रायल किया गया, वह सफल रहा। अब उम्मीद जताई जा रही है कि दीपावली के बाद किसी भी दिन ट्रैक पर मालगाड़ी चलने लगेगी। सहारनपुर से खतौली के बीच सिग्नल का काम चल रहा है।
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