मिशन 2022: कृषि कानूनों पर कुछ नहीं बोले शाह और योगी, केंद्रीय गृह मंत्री ने किसानों के लिए कही ये खास बात
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में कृषि कानूनों पर एक शब्द भी नहीं बोला। दोनों नेताओं ने सिर्फ किसानों को साधने की कोशिश की।
विस्तार
सहारनपुर में मां शाकंभरी देवी विश्वविद्यालय के शिलान्यास कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गन्ना मूल्य भुगतान और चीनी मिलों के संचालन के जरिए यूपी के किसानों को साधने की कोशिश की, मगर वापस किए गए कृषि कानूनों और किसान आंदोलन की स्थिति पर दोनों कुछ नहीं बोले। शाह ने 90 फीसदी बकाया गन्ना मूल्य भुगतान का दावा कर किसानों की हितैषी सरकार का संदेश देने का प्रयास किया।
शाह और योगी ने कहा कि पिछली सरकारों में चीनी मिलों को बंद किया गया। अब उनका संचालन होने के साथ ही विस्तार भी किया गया है। यहां लोगों को उम्मीद थी कि दोनों बडे़ नेता कृषि कानूनों की वापसी और किसान आंदोलन पर जरूर कुछ बोलेंगे, लेकिन सियासी नफा नुकसान देखते हुए इस संवेदनशील मुद्दे को उन्होंने नहीं छुआ।
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बकाया भुगतान पर नहीं बोले गन्ना मंत्री
प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने अपने भाषण में दंगा, कानून व्यवस्था, माफिया और विकास सहित अन्य मुद्दों पर फोकस किया। लेकिन वे बकाया गन्ना मूल्य पर नहीं बोले। उन्होंने कहा कि गुंडों का इलाज हो रहा है। अवैध कब्जों पर सीएम योगी का बुलडोजर चल रहा है, जो लगातार चलता रहेगा। सपा मुखिया को निशाने पर लेते हुए कहा कि अखिलेश कह रहे हैं कि माफिया के मकान बनवाए जाएंगे।
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