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मेहंदी लगाने से नहीं टूटता है रोजा
Wed, 08 May 2019 11:11 PM IST
Prag Gupta
ब्यूरो, सहारनपुर
ब्यूरो, सहारनपुर
Published by: Prag Gupta
Updated Wed, 08 May 2019 11:11 PM IST
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रमजान मुबारक
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सहारनपुर में हेल्पलाइन और सोशल मीडिया के जरिए बुधवार को भी रोजेदारों की शंकाओं का समाधान किया गया। एक महिला ने पूछा कि क्या मेहंदी लगाने से रोजा टूट जाता है। मुस्लिम विद्वानों ने जवाब दिया कि मेहंदी लगाने से रोजा नहीं टूटता है।
जमीयत दावातुल मुसलीमीन के संरक्षक व इमाम कारी इसहाक गोरा के नेतृत्व में हेल्पलाइन के जरिए शरीयत के हिसाब से रोजेदारों की शंकाओं का समाधान किया जा रहा है। कारी इसहाक गोरा ने कहा कि जो लोग रमजान का ऐहतराम नहीं करते हैं, वह इसकी फजीलत से महरूम हो जाते हैं। इसलिए रोजेदार ऐहतराम करते हुए खुदा की इबादत करनी चाहिए।
सवाल - कंबोह पुल निवासी जाकिर हुसैन ने पूछा कि अब सोशल मीडिया का जमाना है। हर व्यक्ति के पास स्मार्ट फोन है। ज्यादातर लोग रोजे की हालत में मोबाइल फोन पर गेम खेलते हैं या फिर सोशल मीडिया पर जुड़े रहते हैं। यहां तक की मस्जिद में भी लोग मोबाइल फोन का प्रयोग करते देखे जाते हैं। अब ऐसी सूरत में शरीयत क्या कहती है।
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जवाब - जो लोग रमजान का ऐहतराम नहीं करते हैं। वह रमजान की फजीलत से महरूम हो जाते हैं। हम लोगों को यह बात अच्छे से समझ लेनी चाहिए कि रमजान मुबारक पवित्र महीना है। जिसका एक-एक सेकेंड बहुत कीमती है। यह महीना दूसरी चीजों में समय जाया करने का नहीं है। अल्लाह ने रमजान मुबारक का यह महीना जिन लोगों को दिखाया है, वह इसकी कदर करें और खूब इबादत करें। अल्लाह से अपने गुनाहों की तौबा कर खुदा से जितना मांग सकते हैं, उतना मांगे। मस्जिद अल्लाह का घर है। इबादत की जगह इसका ऐहतराम हर व्यक्ति को करना चाहिए।
सवाल:- खाताखेड़ी निवासी सुमय्या ने मालूम किया कि वह रोजे की हालत में है। वह अपनी हाथों और सिर पर मेहंदी लगाना चाहती है। उनकी अम्मा कहती है कि उन्होंने सुना है कि रोजे में मेहंदी नहीं लगाते हैं। इससे रोजा टूट जाता है। यह बात कहां तक सही है।
जवाब:- मेहंदी लगाने से रोजा नहीं टूटता है। शरीयत की पुस्तों में आया है कि कोई रोजेदार व्यक्ति जिस्म के किसी भी हिस्से पर मेहंदी लगा सकता है। इससे रोजे पर कोई असर नहीं पड़ता है और रोजा पूरी तरह सलामत रहता है।
सवाल:- नागल निवासी अबूबकर ने पूछा कि गर्मी और लू की वजह से होंठ फट जाते हैं। वह उन पर वैसलीन लगाना चाहते हैं। क्या रोजे की हालत में ऐसा कर सकते हैं।
जवाब:- रोजे की हालत में होठों पर वैसलीन लगा सकते हैं, लेकिन इस बात का ख्याल रहे कि उसका अंश हलक के अंदर न जाए।
इन नंबरों से करें शंकाओं का समाधान
सहारनपुर। इमाम कारी इसहाक गोरा ने बताया कि हेल्पलाइन के लिए मोबाइल फोन नंबर 9897399207, 9557757705, 9319462031, 9319309995 शामिल है। इन पर फोन कॉल और व्हाट्सएप के जरिए रोजेदार अपनी शंकाओं का समाधान कर सकते हैं।
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जमीयत दावातुल मुसलीमीन के संरक्षक व इमाम कारी इसहाक गोरा के नेतृत्व में हेल्पलाइन के जरिए शरीयत के हिसाब से रोजेदारों की शंकाओं का समाधान किया जा रहा है। कारी इसहाक गोरा ने कहा कि जो लोग रमजान का ऐहतराम नहीं करते हैं, वह इसकी फजीलत से महरूम हो जाते हैं। इसलिए रोजेदार ऐहतराम करते हुए खुदा की इबादत करनी चाहिए।
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सवाल - कंबोह पुल निवासी जाकिर हुसैन ने पूछा कि अब सोशल मीडिया का जमाना है। हर व्यक्ति के पास स्मार्ट फोन है। ज्यादातर लोग रोजे की हालत में मोबाइल फोन पर गेम खेलते हैं या फिर सोशल मीडिया पर जुड़े रहते हैं। यहां तक की मस्जिद में भी लोग मोबाइल फोन का प्रयोग करते देखे जाते हैं। अब ऐसी सूरत में शरीयत क्या कहती है।
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जवाब - जो लोग रमजान का ऐहतराम नहीं करते हैं। वह रमजान की फजीलत से महरूम हो जाते हैं। हम लोगों को यह बात अच्छे से समझ लेनी चाहिए कि रमजान मुबारक पवित्र महीना है। जिसका एक-एक सेकेंड बहुत कीमती है। यह महीना दूसरी चीजों में समय जाया करने का नहीं है। अल्लाह ने रमजान मुबारक का यह महीना जिन लोगों को दिखाया है, वह इसकी कदर करें और खूब इबादत करें। अल्लाह से अपने गुनाहों की तौबा कर खुदा से जितना मांग सकते हैं, उतना मांगे। मस्जिद अल्लाह का घर है। इबादत की जगह इसका ऐहतराम हर व्यक्ति को करना चाहिए।
सवाल:- खाताखेड़ी निवासी सुमय्या ने मालूम किया कि वह रोजे की हालत में है। वह अपनी हाथों और सिर पर मेहंदी लगाना चाहती है। उनकी अम्मा कहती है कि उन्होंने सुना है कि रोजे में मेहंदी नहीं लगाते हैं। इससे रोजा टूट जाता है। यह बात कहां तक सही है।
जवाब:- मेहंदी लगाने से रोजा नहीं टूटता है। शरीयत की पुस्तों में आया है कि कोई रोजेदार व्यक्ति जिस्म के किसी भी हिस्से पर मेहंदी लगा सकता है। इससे रोजे पर कोई असर नहीं पड़ता है और रोजा पूरी तरह सलामत रहता है।
सवाल:- नागल निवासी अबूबकर ने पूछा कि गर्मी और लू की वजह से होंठ फट जाते हैं। वह उन पर वैसलीन लगाना चाहते हैं। क्या रोजे की हालत में ऐसा कर सकते हैं।
जवाब:- रोजे की हालत में होठों पर वैसलीन लगा सकते हैं, लेकिन इस बात का ख्याल रहे कि उसका अंश हलक के अंदर न जाए।
इन नंबरों से करें शंकाओं का समाधान
सहारनपुर। इमाम कारी इसहाक गोरा ने बताया कि हेल्पलाइन के लिए मोबाइल फोन नंबर 9897399207, 9557757705, 9319462031, 9319309995 शामिल है। इन पर फोन कॉल और व्हाट्सएप के जरिए रोजेदार अपनी शंकाओं का समाधान कर सकते हैं।