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Saharanpur News: नोटिस दिए पर सरकारी आवासों को खाली नहीं करा पाए जिम्मेदार
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-बाहरी लोगों की वजह से मौजूदा कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्य परेशान
-नेहरू मार्केट स्थित पुराना अस्पताल में स्थानांतरण और सेवानिवृत्ति के बाद रह रहे कर्मचारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। स्थानांतरण और सेवानिवृत्ति होने के बाद भी कई कर्मचारियों ने सरकारी आवासों पर कब्जा किया है। इन्हें अधिकारियों की ओर से नोटिस जारी किए गए। इसके बाद भी उन पर नोटिस का कोई असर नहीं पड़ा है। मौजूदा कर्मचारी और परिवार के सदस्य परेशान हैं।
मामला नेहरू मार्केट स्थित पुराना अस्पताल परिसर का है। यहां पर लगभग 40 से 50 सरकारी आवास बने हुए हैं। इनमें से कुछ लोग ऐसे हैं, जिन्होंने अवैध रूप से आवास पर कब्जा जमाए हुए हैं। बताया जाता है कि यहां पर कर्मचारियों ने अपने रिश्तेदार तक रखे हुए हैं और वह कहीं ओर रहते हैं।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने ऐसे कर्मचारियों को नोटिस देकर आवास खाली कराने के लिए कहा गया, लेकिन उन पर कोई असर नहीं पड़ा है और वह अभी भी आवासों में रह रहे हैं। यहीं नहीं दूसरे जनपद में स्थानांतरण होने और सेवानिवृत्ति के बाद भी जिम्मेदार सरकारी आवासों को खाली नहीं नहीं करा पाए हैं। इतना ही नहीं कम किराया चुकाकर हर माह हजारों की बिजली जला रहे हैं। कई परिवारों में भोजन भी हीटर पर बनता है। मौजूदा कर्मचारी उनके रहने से परेशान हो गए हैं और कई बार अधिकारियों से भी अवगत करा चुके।
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--वर्जन
सरकारी आवासों में अवैध रूप से रहने वाले कर्मचारियों को नोटिस दिए गए हैं। कई कर्मचारी आवास खाली कर चुके हैं। जो बचें हैं, यदि वह खुद आवास नहीं छोड़ते हैं तो सख्ती की जाएगी।
- डॉ. बृजेश राठौर, एडी हेल्थ
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-नेहरू मार्केट स्थित पुराना अस्पताल में स्थानांतरण और सेवानिवृत्ति के बाद रह रहे कर्मचारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। स्थानांतरण और सेवानिवृत्ति होने के बाद भी कई कर्मचारियों ने सरकारी आवासों पर कब्जा किया है। इन्हें अधिकारियों की ओर से नोटिस जारी किए गए। इसके बाद भी उन पर नोटिस का कोई असर नहीं पड़ा है। मौजूदा कर्मचारी और परिवार के सदस्य परेशान हैं।
मामला नेहरू मार्केट स्थित पुराना अस्पताल परिसर का है। यहां पर लगभग 40 से 50 सरकारी आवास बने हुए हैं। इनमें से कुछ लोग ऐसे हैं, जिन्होंने अवैध रूप से आवास पर कब्जा जमाए हुए हैं। बताया जाता है कि यहां पर कर्मचारियों ने अपने रिश्तेदार तक रखे हुए हैं और वह कहीं ओर रहते हैं।
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स्वास्थ्य अधिकारियों ने ऐसे कर्मचारियों को नोटिस देकर आवास खाली कराने के लिए कहा गया, लेकिन उन पर कोई असर नहीं पड़ा है और वह अभी भी आवासों में रह रहे हैं। यहीं नहीं दूसरे जनपद में स्थानांतरण होने और सेवानिवृत्ति के बाद भी जिम्मेदार सरकारी आवासों को खाली नहीं नहीं करा पाए हैं। इतना ही नहीं कम किराया चुकाकर हर माह हजारों की बिजली जला रहे हैं। कई परिवारों में भोजन भी हीटर पर बनता है। मौजूदा कर्मचारी उनके रहने से परेशान हो गए हैं और कई बार अधिकारियों से भी अवगत करा चुके।
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सरकारी आवासों में अवैध रूप से रहने वाले कर्मचारियों को नोटिस दिए गए हैं। कई कर्मचारी आवास खाली कर चुके हैं। जो बचें हैं, यदि वह खुद आवास नहीं छोड़ते हैं तो सख्ती की जाएगी।
- डॉ. बृजेश राठौर, एडी हेल्थ