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कर्मचारी की पदोन्नति और पांच विभाग देने पर उठे सवाल
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कर्मचारी की पदोन्नति और पांच विभाग देने पर उठे सवाल
सहारनपुर। नगर निगम में एक साथ पांच विभाग संभाल रहा कर्मचारी नए नगरायुक्त के आने के बाद एक बार फिर चर्चाओं में है। अब हिंदू जागरण मंच के संयोजक प्रवेश धवन ने नगरायुक्त को शिकायती पत्र सौंपा है, जिसमें कर्मचारी की पदोन्नति और पांच विभागों की जिम्मेदारी दिए जाने को अनुचित बताया है। उन्होंने जांच कराकर जरूरी कार्रवाई करने की मांग की है।
प्रवेश धवन ने नगरायुक्त गजल भारद्वाज को शिकायती पत्र सौंपते हुए बताया कि कर्मचारी सन 1991 में नगर पालिका सहारनपुर में मोहर्रिर के पद पर नियुक्त हुआ था, जबकि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश में सन 1990 में चुंगी समाप्त कर दी गई थी, जिसके साथ ही मोहर्रिर का पद भी खत्म हो गया था। ऐसे में उनकी नियुक्ति ही अवैध है। आरोप लगाया कि वह कोर्ट से स्टे लेकर अपने पद पर कार्य करता आ रहा है। वर्ष 2021 को उसकी पदोन्नति लिपिक पद पर कर दी गई है। कर्मचारी मूल रूप से स्टे पर चल रहा है, ऐसे में पदोन्नति और काम की जिम्मेदारी देना उचित नहीं है।
आरोप लगाया कि आरोपी कर्मचारी गुमराह कर लिपिक पद पर आसीन हो गया है। स्टे पर चल रहे कर्मचारी को पांच विभाग कैसे दिए जा सकते हैं। ऐसा करना अन्य कर्मचारियों के साथ अन्याय है। उन्होंने नगरायुक्त को बताया कि कर्मचारी को गृह कर जलकर विभाग में स्थानांतरित किया गया था, लेकिन वह आज तक वहां नहीं गया। धवन ने मुख्यमंत्री, नगर विकास मंत्री को भी शिकायती पत्र भेजा है।
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सहारनपुर। नगर निगम में एक साथ पांच विभाग संभाल रहा कर्मचारी नए नगरायुक्त के आने के बाद एक बार फिर चर्चाओं में है। अब हिंदू जागरण मंच के संयोजक प्रवेश धवन ने नगरायुक्त को शिकायती पत्र सौंपा है, जिसमें कर्मचारी की पदोन्नति और पांच विभागों की जिम्मेदारी दिए जाने को अनुचित बताया है। उन्होंने जांच कराकर जरूरी कार्रवाई करने की मांग की है।
प्रवेश धवन ने नगरायुक्त गजल भारद्वाज को शिकायती पत्र सौंपते हुए बताया कि कर्मचारी सन 1991 में नगर पालिका सहारनपुर में मोहर्रिर के पद पर नियुक्त हुआ था, जबकि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश में सन 1990 में चुंगी समाप्त कर दी गई थी, जिसके साथ ही मोहर्रिर का पद भी खत्म हो गया था। ऐसे में उनकी नियुक्ति ही अवैध है। आरोप लगाया कि वह कोर्ट से स्टे लेकर अपने पद पर कार्य करता आ रहा है। वर्ष 2021 को उसकी पदोन्नति लिपिक पद पर कर दी गई है। कर्मचारी मूल रूप से स्टे पर चल रहा है, ऐसे में पदोन्नति और काम की जिम्मेदारी देना उचित नहीं है।
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आरोप लगाया कि आरोपी कर्मचारी गुमराह कर लिपिक पद पर आसीन हो गया है। स्टे पर चल रहे कर्मचारी को पांच विभाग कैसे दिए जा सकते हैं। ऐसा करना अन्य कर्मचारियों के साथ अन्याय है। उन्होंने नगरायुक्त को बताया कि कर्मचारी को गृह कर जलकर विभाग में स्थानांतरित किया गया था, लेकिन वह आज तक वहां नहीं गया। धवन ने मुख्यमंत्री, नगर विकास मंत्री को भी शिकायती पत्र भेजा है।
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