सहारनपुर। बकाया नहीं चुकाने पर तहसील सदर की टीम ने सोमवार को तीन बकाएदारों की जमीन और ट्रैक्टर कुर्क कर लिए। उन्होंने नेशनल हाईवे के लिए अर्जित भूमि से अधिक मुआवजा ले लिया था, साथ ही उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।
कोरोना संकट के कारण उच्च न्यायालय ने पांच जनवरी तक बकाएदारों की गिरफ्तारी, कुर्की और नीलामी पर रोक लगा रखी थी। रोक हटने पर जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने सभी उप जिलाधिकारियों और तहसीलदारों को वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। इसके चलते तहसील सदर में अमीनों की आठ टीमें बनाई गईं। जिनका प्रभारी तहसीलदार और नायब तहसीलदार को बनाया गया है। उप जिलाधिकारी सदर अनिल कुमार सिंह ने बताया कि ग्राम मक्का बांस के तीन व्यक्तियों ने नेशनल हाईवे के लिए अर्जित की गई भूमि का अपने हिस्से से अधिक मुआवजा ले लिया था। जांच के बाद विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी एवं नगर मजिस्ट्रेट ने राव साजिद, मुन्फैत अली, एवं मोहम्मद इनाम से करीब ग्यारह लाख पचास हजार रुपये की वसूली के आदेश दिए। बकाया जमा करने के लिए दिए गए नोटिस के बाद राव साजिद ने तहसीलदार को बकाया धनराशि का चेक दिया था, लेकिन खाते में पैसा न होने के कारण यह चेक बाउंस हो गया। इस पर उप जिलाधिकारी ने एफआईआर दर्ज कराने और बकाएदारों की संपत्ति की कुर्की के आदेश दिए। जिसके बाद इन बकाएदारों के खिलाफ थाना सदर बाजार में एफआईआर दर्ज करा दी गई और उनकी जमीन, एक धर्मकांटा, एक आरा मशीन और तीन ट्रैक्टर कुर्क कर लिए। एसडीएम सदर ने बताया कि शीघ्र ही कुर्क की गई संपत्तियों की नीलामी कर बकाया की वसूली की जाएगी। उन्होंने तहसील क्षेत्र के बकाएदारों को चेतावनी दी है कि वह सरकारी बकाया तत्काल जमा करा दें। ऐसा नहीं होने पर उनकी गिरफ्तारी, संपत्ति की कुर्की एवं नीलामी कर वसूली की जाएगी।