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निजी पैथोलॉजी लैबों पर छापेमारी, हड़कंप
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sat, 17 Sep 2016 01:09 AM IST
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treatment
- फोटो : demo
सहारनपुर के देवबंद में प्रतिबंधित किट से डेंगू के वायरस की जांच किए जाने को गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नगर में छापामारी अभियान चलाया।
इस कारण प्राइवेट पैथोलॉजी लैब संचालकों में हड़कंप मच गया। दोपहर बाद तक अधिकांश लैबों पर ताले लटके रहे। नगर में तेजी से फैल रहे वायरल, टाइफाइड और डेंगू बुखार को देखते हुए प्राइवेट पैथोलॉजी लैब संचालक मरीजों से लूटखसोट कर रहे हैं।
शिकायत मिलने पर सीएमओ डा. मौ. सईद प्राइवेट लैब संचालकों के साथ मीटिंग कर उन्हें डेंगू के एनएस-1 टेस्ट करने के लिए साफ मना कर दिया है। डा. सईद ने बताया कि देवबंद में प्राइवेट लैब संचालक चिकित्सकों से मिलीभगत कर डेंगू की गलत रिपोर्ट देकर भय पैदा कर रहे हैं।
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अधिकांश लैब संचालकों को तो जांचों की फुलफार्म तक मालूम नहीं है। दूसरे प्रतिबंधित किट का लैब संचालक इस्तेमाल कर रहे हैं, जो कि कानून गलत है। स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लिया है।
जानकार सूत्र बताते हैं कि सीएमओ ने लैब संचालकों से स्पष्ट कहा कि यदि डेंगू की जांच करेंगे तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इस कारण लैब संचालक डेंगू वायरस की जांच करने से करता रहे हैं।
वहीं, शुक्रवार को देवबंद पहुंची उपनिदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मधु सक्सेना तथा जिला मलेरिया अधिकारी डा. शिवांका गौड की टीम ने नगर में छापामारी अभियान चलाया। इसकी भनक लगते ही लैब संचालकों में हड़कंप मच गया। दुकानों के शटर धड़ाधड़ बंद होने लगे। लैब संचालक अपने सूत्रों से टीम की लोकेशन जानने में जुट रहे।
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इस कारण प्राइवेट पैथोलॉजी लैब संचालकों में हड़कंप मच गया। दोपहर बाद तक अधिकांश लैबों पर ताले लटके रहे। नगर में तेजी से फैल रहे वायरल, टाइफाइड और डेंगू बुखार को देखते हुए प्राइवेट पैथोलॉजी लैब संचालक मरीजों से लूटखसोट कर रहे हैं।
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शिकायत मिलने पर सीएमओ डा. मौ. सईद प्राइवेट लैब संचालकों के साथ मीटिंग कर उन्हें डेंगू के एनएस-1 टेस्ट करने के लिए साफ मना कर दिया है। डा. सईद ने बताया कि देवबंद में प्राइवेट लैब संचालक चिकित्सकों से मिलीभगत कर डेंगू की गलत रिपोर्ट देकर भय पैदा कर रहे हैं।
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अधिकांश लैब संचालकों को तो जांचों की फुलफार्म तक मालूम नहीं है। दूसरे प्रतिबंधित किट का लैब संचालक इस्तेमाल कर रहे हैं, जो कि कानून गलत है। स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लिया है।
जानकार सूत्र बताते हैं कि सीएमओ ने लैब संचालकों से स्पष्ट कहा कि यदि डेंगू की जांच करेंगे तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इस कारण लैब संचालक डेंगू वायरस की जांच करने से करता रहे हैं।
वहीं, शुक्रवार को देवबंद पहुंची उपनिदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मधु सक्सेना तथा जिला मलेरिया अधिकारी डा. शिवांका गौड की टीम ने नगर में छापामारी अभियान चलाया। इसकी भनक लगते ही लैब संचालकों में हड़कंप मच गया। दुकानों के शटर धड़ाधड़ बंद होने लगे। लैब संचालक अपने सूत्रों से टीम की लोकेशन जानने में जुट रहे।