फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Principal Secretary Home and DGP authorities tightened the screw

प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी ने कसे अधिकारियों के पेंच

Fri, 02 Oct 2015 12:33 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो/ अमर उजाला, सहारनपुर Updated Fri, 02 Oct 2015 12:33 AM IST
विज्ञापन
पंचायत चुनाव और त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा करने पहुंचे प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी ने बृहस्पतिवार को अफसरों की क्लास लगाई। शराब तस्करी और पशु कटान पर डीजीपी ने अफसरों को आड़े हाथ लिया। साफ तौर पर बैठक में कहा कि इस प्रकार के काम अधिकारियों की शह पर ही होते हैं।
विज्ञापन


उन्होंने स्वीकार किया कि पुलिस और आबकारी विभाग की निष्क्रियता या व्यक्तिगत हित के कारण प्रदेश में करोड़ों रुपये के राजस्व की हानि हो रही है। शराब की तस्करी में बड़े-बड़े लोग लगे हैं। छोटे लोगों को पकड़कर इतिश्री करने से काम चलने वाला नहीं है। डीजीपी ने पूरी बैठक में पुलिस अफसरों को खूब लताड़ा।
विज्ञापन


सर्किट हाउस में मंडल के आला अफसरों के साथ हुई बैठक में प्रमुख सचिव देवाशीष पंडा ने कहा कि चुनाव के दौरान दुर्गा पूजा, रामलीला, नवरात्र, शाकंभरी देवी मेला, मोहर्रम आदि त्योहार पड़ रहे हैं। इनको ध्यान में रखते हुए तीनों जनपदों में शांति समिति की बैठक की जाए। जुलूस केे लिये नए मार्गों का चयन न किया जाए। आपस में भाईचारा को बढ़ावा देने हेतु कार्य किए जाएं। सांप्रदायिकता फैलाने वालों पर सतर्क दृष्टि रखें।
विज्ञापन
विज्ञापन


निर्दोष लोगों को छेड़ा न जाए और दोषी को बख्शा न जाये। अपराधी कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो उसको जरूर सजा दिलवाई जाए। डीएम और एसएसपी को निर्देश दिया कि दिन-रात भ्रमण करें। डाटा प्लान के जरिए कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि मंडल के तीन ओर दूसरे राज्यों की सीमा लगी है, इसलिए बैरियर लगाकर सघन चेकिंग की जाए और कोई समस्या आती है तो तुरंत अवगत कराया जाए। पुलिस और प्रशासन में शामिल हो रहे युवाओं के सदुपयोग के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तकनीकी का उपयोग कर सकारात्मक माहौल बनाया जाए। नई तकनीक के प्रयोग और पुराने अधिकारियों के अनुभवों का लाभ उठाया जाए।

प्रमुख सचिव ने कहा कि पहले चरण के चुनाव का नामांकन हो चुका है। चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को चेता दें कि आचार संहिता का अक्षरश: पालन करें। इस चुनाव की सख्ती का लाभ आगामी प्रधानी के चुनाव में मिलेगा। समय से संवेदनशील, अतिसंवेदनशील मतदान केन्द्रों का चिन्हीकरण कर लें और सेक्टर जोन वाइज प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाए। चौकीदार से लेकर होमगार्ड और पुलिस चुनाव हेतु पोलिंग पार्टी समय से रवाना की जाये तथा कोड कंडेक्ट को शक्ति से लागू किया जाए। चुनाव में धन, बल, शराब आदि का प्रयोग बिल्कुल नहीं होना चाहिए। डीजीपी जगमोहन यादव ने कहा कि मंडल में शराब, पशु कटान तथा लकड़ी का अवैध कार्य हो रहा है। जिस पर अंकुश लगने से मंडल में अपराध कम होगा। अपने अंदर इच्छाशक्ति पैदा कर ऐसे अपराधियों को उनके स्थान पर जेल में पहुंचाया जाए।

मंडलायुक्त के निर्देशन में संयुक्त रुप से शराब तस्करी के खिलाफ अभियान चलाएं क्योंकि हरियाणा, हिमाचल से शराब की तस्करी बनारस, गोरखपुर तक की जाती है। उन्होंने कहा पशुओं का अवैध कटान हो रहा है। अगर आप लोग पशु तस्करों और अवैध कटान वालों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं करोगे तो भविष्य में आप लोग और बच्चे दूध पीने के लिए भी तरस जाओगे। इस प्रकार के कार्य अधिकारियों की शह पर होते हैं। चुनाव की तैयारियों पर संतोष जाहिर करते हुए कहा कि जो बल आपको दिया गया है उसी से आपको चुनाव सूझबूझ और शांतिपूर्वक संपन्न कराना है। होमगार्ड से कार्य लेने के लिये अच्छे अधिकारी के नेतृत्व करने की आवश्यकता है।

पुलिस लाईन में इनकी ब्रीफिंग डीएम, एसएसपी करे और होमगार्डों को बताया जाये कि उन्हें क्या-क्या और कैसे-कैसे करना है । उन्हें हेलमेट, बाडी कंडेक्टर दिए जाएं। थानों में सीसी कैमरे लगवाये जाएं। एडीजी लॉ एंड आर्डर दलजीत चौधरी ने कहा कि आपको जो पुलिस बल होमगार्ड आदि मिलना था वह दिया जा चुका है। बैठक में आईजी आलोक शर्मा, मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल, डीआईजी डॉ. एके राघव ने मंडल में चुनाव संबंधी अब तक किए गए कार्यों की समीक्षा के बारे में अवगत कराया। जिलाधिकारी पवन कुमार एसएसपी आरपी यादव, और मुजफ्फरनगर और शामली के अधिकारियों ने भी चुनाव के संबंध में की गई तैयारियों की जानकारी दी।

दौरे को लेकर फूली रही अफसरों की सांस
प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी के दौरे को लेकर अफसरों की सांस पूरे समय तक फूली रही। इसी दौरान बैठक में डीजीपी की तलाड़ ने अधिकारियों के माथे से पसीना छुड़वा दिया। डीजीपी ने शराब तस्करी और पशु कटान पर जमकर खरी खोटी सुनाई। बोले, सब जानता हूं और जल्द ही इसका इजाल करुंगा। दरअसल, डीजीपी सहारनपुर के एसएसपी रह चुके हैं और यहां की हर छोटी-छोटी बातों से वाकिफ हैँ। यही कारण है कि उनकी मौजूदगी अफसरों को ज्यादा टेंशन दे रही थी।


बैठक खत्म करते ही हुए रवाना
प्रमुख सचिव और डीजीपी अपने तय समय से करीब डेढ़ घंटे देरी से पहुंचे। सर्किट हाउस में पहुंचते ही डीजीपी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। थोड़ी देर तक स्थानीय अधिकारियों से गुफ्तगू करने के बाद सीधे बैठक ली और करीब दो घंटे तक अफसरों की जमकर क्लास लगाई। बैठक खत्म करते ही सीधे  बाहर आए और गार्ड ऑफ ऑनर लेकर विदा हो गए।  सहारनपुर के सरसावा एयरफोर्स स्टेशन से गाजियाबाद के लिए रवाना हो गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed