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बजट के अभाव में दम तोड़ रहीं योजनाएं
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डाक्टर कुदसिया अंजुम
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। आज हम विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस मना रहे हैं। अल्पसंख्यक समाज के उत्थान के लिए योजनाएं तो कई संचालित हैं, लेकिन पर्याप्त बजट न होने की वजह से योजनाएं पूरी तरह परवान नहीं चढ़ पा रही हैं। मात्र 20 प्रतिशत लोगों को ही योजनाओं का लाभ मिल पाता है और बाकी वंचित रह जाते हैं।
धरातल पर धड़ाम योजनाएं
सहारनपुर। श्री गुरु सिंह सभा के सीनियर एक्जीक्यूटिव सरदार दलजीत सिंह कोचर का कहना है कि सरकार ने योजनाएं तो कई चला रखी हैं। बजट के अभाव में योजनाएं दम तोड़ जाती हैं। इसलिए लोग योजनाओं का लाभ पाने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटकर थक जाते हैं। सरकार ने जब योजनाएं बनाई हैं तो कम से कम 70 प्रतिशत आवेदनकर्ताओं को योजनाओं लाभ मिलना चाहिए।
परचम संस्था की संस्थापक व हिंदू कन्या इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. कुदसिया अंजुम का कहना है कि अल्पसंख्यक समाज के हित में चलाई गईं योजनाएं अच्छी हैं, लेकिन कुछ ही लोगों को काफी भागदौड़ करने के बाद लाभ मिल पाता है। आवेदन करने वाले लोगों को शत-प्रतिशत लाभ मिलना चाहिए। 100 में 20 प्रतिशत लोगों को ही योजनाओं का लाभ मिलना ऊंट के मुंह में जीरा के बराबर है। काजी स्ट्रीट निवासी ख्वाजा सलमान नासरी व अरबी मदरसा के निकट रहने वाले मोनिस का कहना है योजनाओं के हिसाब से बजट की व्यवस्था होनी चाहिए। ताकि अल्पसंख्यक समाज का उत्थान हो सके।
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वर्तमान में चल रही प्रमुख योजना का हाल
-- प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से 157 करोड़ का प्रस्ताव शासन को बनाकर भेजा गया। कारीगरों के हुनर को निखारा जाएगा। शिक्षण संस्थानों में बहुद्देशीय सभागार, सोलर लाइट व आरओ सिस्टम, मरम्मत कार्य होने हैं। मगर, इस प्रस्ताव को अभी हरी झंडी नहीं मिली है।
-- टर्म लोन योजना में 312 लोगों ने आवेदन किया, लेकिन मात्र 50 लोगों को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए ऋण मिलेगा। 70 लाख रुपये से 50 लोग ही लाभांवित होंगे। बजट न होने की वजह से अन्य लोग वंचित रह जाएंगे। हालांकि, विभाग का दावा है कि बजट मिलने पर पात्रों के खातों में पैसा स्थानांतरित किया जाएगा।
-- इस वर्ष शादी अनुदान के लिए जिले भर में अल्पसंख्यक समाज से 800 लोगों ने आवेदन किए, लेकिन 93 लोगों को ही इस योजना का लाभ मिल सका है। शादी अनुदान में प्रत्येक आवेदनकर्ता को 20-20 हजार रुपये दिया जाना है।
-- अल्पसंख्यक समाज के छात्रवृत्ति फार्म भरे जा रहे हैं, लेकिन बजट मिलने पर ही उनको छात्रवृत्ति मिल पाएगी। विभाग के मुताबिक ऑनलाइन आवेदन चल रहे हैं।
विभाग की ओर से प्रस्ताव बनाकर भेजे जाते हैं। जैसे ही बजट मिलता है तो पात्रों को लाभ भी दिलाया जाता है। विभाग का प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को योजनाओं का लाभ मिले। -- भरत लाल गौड़, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी
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धरातल पर धड़ाम योजनाएं
सहारनपुर। श्री गुरु सिंह सभा के सीनियर एक्जीक्यूटिव सरदार दलजीत सिंह कोचर का कहना है कि सरकार ने योजनाएं तो कई चला रखी हैं। बजट के अभाव में योजनाएं दम तोड़ जाती हैं। इसलिए लोग योजनाओं का लाभ पाने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटकर थक जाते हैं। सरकार ने जब योजनाएं बनाई हैं तो कम से कम 70 प्रतिशत आवेदनकर्ताओं को योजनाओं लाभ मिलना चाहिए।
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परचम संस्था की संस्थापक व हिंदू कन्या इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. कुदसिया अंजुम का कहना है कि अल्पसंख्यक समाज के हित में चलाई गईं योजनाएं अच्छी हैं, लेकिन कुछ ही लोगों को काफी भागदौड़ करने के बाद लाभ मिल पाता है। आवेदन करने वाले लोगों को शत-प्रतिशत लाभ मिलना चाहिए। 100 में 20 प्रतिशत लोगों को ही योजनाओं का लाभ मिलना ऊंट के मुंह में जीरा के बराबर है। काजी स्ट्रीट निवासी ख्वाजा सलमान नासरी व अरबी मदरसा के निकट रहने वाले मोनिस का कहना है योजनाओं के हिसाब से बजट की व्यवस्था होनी चाहिए। ताकि अल्पसंख्यक समाज का उत्थान हो सके।
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वर्तमान में चल रही प्रमुख योजना का हाल
-- प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से 157 करोड़ का प्रस्ताव शासन को बनाकर भेजा गया। कारीगरों के हुनर को निखारा जाएगा। शिक्षण संस्थानों में बहुद्देशीय सभागार, सोलर लाइट व आरओ सिस्टम, मरम्मत कार्य होने हैं। मगर, इस प्रस्ताव को अभी हरी झंडी नहीं मिली है।
-- टर्म लोन योजना में 312 लोगों ने आवेदन किया, लेकिन मात्र 50 लोगों को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए ऋण मिलेगा। 70 लाख रुपये से 50 लोग ही लाभांवित होंगे। बजट न होने की वजह से अन्य लोग वंचित रह जाएंगे। हालांकि, विभाग का दावा है कि बजट मिलने पर पात्रों के खातों में पैसा स्थानांतरित किया जाएगा।
-- इस वर्ष शादी अनुदान के लिए जिले भर में अल्पसंख्यक समाज से 800 लोगों ने आवेदन किए, लेकिन 93 लोगों को ही इस योजना का लाभ मिल सका है। शादी अनुदान में प्रत्येक आवेदनकर्ता को 20-20 हजार रुपये दिया जाना है।
-- अल्पसंख्यक समाज के छात्रवृत्ति फार्म भरे जा रहे हैं, लेकिन बजट मिलने पर ही उनको छात्रवृत्ति मिल पाएगी। विभाग के मुताबिक ऑनलाइन आवेदन चल रहे हैं।
विभाग की ओर से प्रस्ताव बनाकर भेजे जाते हैं। जैसे ही बजट मिलता है तो पात्रों को लाभ भी दिलाया जाता है। विभाग का प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को योजनाओं का लाभ मिले। -- भरत लाल गौड़, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी

सरदार दलजीत सिंह कोचर- फोटो : SAHARANPUR

ख्वाजा सलमान नासरी- फोटो : SAHARANPUR