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पथ प्रकाश व्यवस्था निजी हाथों में
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Tue, 26 Dec 2017 12:33 AM IST
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स्ट्रीट लाइट
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शहर की पथ प्रकाश व्यवस्था निजी हाथों में सौंपने की तैयारी चल रही है। करार अंतिम चरण में है, जिसके बाद कंपनी पूरे शहर को अपने अंडर में लेकर पथ प्रकाश की व्यवस्था अपने तरीके से करेगी। इतना ही नहीं, कंपनी पूरे पांच वर्ष का ठेका लेगी, जिसमें पांच साल तक खराब होने वाली लाइटों को कंपनी ही बदलेगी।
नगर निगम क्षेत्र में वर्तमान में करीब 24 हजार स्ट्रीट लाइटें चालू हाल में हैं। इनमें हाईवे और बाजारों से लेकर गली-मोहल्लों में लगी लाइटें भी शामिल हैं। इनके अलावा सौ के करीब हाईमास्ट लाइटें लगी हैं।
नगर निगम के पथ प्रकाश अनुभाग से जुड़े सूत्रों ने बताया कि शासन स्तर से ही एक निजी कंपनी के साथ करार हुआ है, जिसके तहत सभी शहरों की पथ प्रकाश व्यवस्था का ठेका उक्त कंपनी को दिया जा रहा है।
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पूर्वी उत्तर प्रदेश के अनेक शहरों में कंपनी शहरों केे अपने हाथों में ले चुकी है। जल्द ही सहारनपुर भी कंपनी के हाथ में होगा, जिसके बाद कंपनी पूरे शहर में अपनी लाइटें और हाईमास्ट लाइट लगाएगी।
कंपनी पूरे पांच साल तक जिम्मा संभालेगी। यानी लाइट के खराब होने पर पांच साल तक कंपनी ही बदलेगी। उधर, कंपनी को जिम्मेदारी देने की तैयारी से पथ प्रकाश अनुभाग के अधिकारी और कर्मचारी इस पसोपेश में हैं कि उनसे क्या काम लिया जाएगा।
सोलर लाइटों का ठेका भी बेमानी
करीब तीन साल पहले तत्कालीन नगरायुक्त ने शहर में सोलर लाइटें लगाने का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था। इसमें करीब दो करोड़ रुपये का टेंडर हुआ था। मगर मामले में पेंच आने की वजह से यह तीन साल तक लटका रहा।
अक्तूबर 2017 में प्रमुख सचिव ने मामले में कंपनी और नगरायुक्त को बुलाकर बैठक की थी। इसके बाद मामला सुलझ गया था। वर्तमान में ठेका लेने वाली कंपनी सोलर लाइटें शहर में लगा रही है। ऐसे में नई कंपनी को ठेका देने के बाद सोलर लाइटें लगाने की प्रक्रिया भी प्रभावित होगी।
कहां जाएंगी करोड़ों रुपये की लाइट
नगर निगम के रिकार्ड के अनुसार वर्तमान में 24 हजार लाइटें लगी हैं। इनके अलावा सौ से अधिक हाईमास्ट लाइटें हैं। निजी कंपनी पूरे शहर में अपनी लाइटें और हाईमास्ट लाइट लगाएगी। ऐसे में सभी पुरानी लाइटें उतारी जाएंगी। अब सवाल उठता है कि करोड़ों रुपये की लाइटों का उतरने के बाद क्या होगा?
नगर निगम क्षेत्र में पथ प्रकाश व्यवस्था का ठेका एक कंपनी को दिया गया है, जो शासन स्तर से हुआ है। हमारे स्तर से इसमें कुछ कहना भी ठीक नहीं है। शासन से जो भी आदेश मिलेंगे उनका अनुपालन कराया जाएगा।
- गौरव वर्मा, नगरायुक्त।
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नगर निगम क्षेत्र में वर्तमान में करीब 24 हजार स्ट्रीट लाइटें चालू हाल में हैं। इनमें हाईवे और बाजारों से लेकर गली-मोहल्लों में लगी लाइटें भी शामिल हैं। इनके अलावा सौ के करीब हाईमास्ट लाइटें लगी हैं।
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नगर निगम के पथ प्रकाश अनुभाग से जुड़े सूत्रों ने बताया कि शासन स्तर से ही एक निजी कंपनी के साथ करार हुआ है, जिसके तहत सभी शहरों की पथ प्रकाश व्यवस्था का ठेका उक्त कंपनी को दिया जा रहा है।
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पूर्वी उत्तर प्रदेश के अनेक शहरों में कंपनी शहरों केे अपने हाथों में ले चुकी है। जल्द ही सहारनपुर भी कंपनी के हाथ में होगा, जिसके बाद कंपनी पूरे शहर में अपनी लाइटें और हाईमास्ट लाइट लगाएगी।
कंपनी पूरे पांच साल तक जिम्मा संभालेगी। यानी लाइट के खराब होने पर पांच साल तक कंपनी ही बदलेगी। उधर, कंपनी को जिम्मेदारी देने की तैयारी से पथ प्रकाश अनुभाग के अधिकारी और कर्मचारी इस पसोपेश में हैं कि उनसे क्या काम लिया जाएगा।
सोलर लाइटों का ठेका भी बेमानी
करीब तीन साल पहले तत्कालीन नगरायुक्त ने शहर में सोलर लाइटें लगाने का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था। इसमें करीब दो करोड़ रुपये का टेंडर हुआ था। मगर मामले में पेंच आने की वजह से यह तीन साल तक लटका रहा।
अक्तूबर 2017 में प्रमुख सचिव ने मामले में कंपनी और नगरायुक्त को बुलाकर बैठक की थी। इसके बाद मामला सुलझ गया था। वर्तमान में ठेका लेने वाली कंपनी सोलर लाइटें शहर में लगा रही है। ऐसे में नई कंपनी को ठेका देने के बाद सोलर लाइटें लगाने की प्रक्रिया भी प्रभावित होगी।
कहां जाएंगी करोड़ों रुपये की लाइट
नगर निगम के रिकार्ड के अनुसार वर्तमान में 24 हजार लाइटें लगी हैं। इनके अलावा सौ से अधिक हाईमास्ट लाइटें हैं। निजी कंपनी पूरे शहर में अपनी लाइटें और हाईमास्ट लाइट लगाएगी। ऐसे में सभी पुरानी लाइटें उतारी जाएंगी। अब सवाल उठता है कि करोड़ों रुपये की लाइटों का उतरने के बाद क्या होगा?
नगर निगम क्षेत्र में पथ प्रकाश व्यवस्था का ठेका एक कंपनी को दिया गया है, जो शासन स्तर से हुआ है। हमारे स्तर से इसमें कुछ कहना भी ठीक नहीं है। शासन से जो भी आदेश मिलेंगे उनका अनुपालन कराया जाएगा।
- गौरव वर्मा, नगरायुक्त।