बारिश का कहर जारी: खेतों में भरा पानी, धान, मक्का और उड़द की फसल को नुकसान
लगातार हो रही बारिश से खेतों में पानी जमा हो गया है। ऐसे में धान की फसल को नुकसान होने की आशंका है। पढ़िए पूरा अपडेट।
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सहारनपुर जिले में पिछले दो-तीन दिन से रुक-रुककर हो रही बारिश से धान की फसल को नुकसान होने की आशंका पैदा हो गई है। खेतों में बारिश का पानी जमा हो गया है। हवा चलने के बाद कई स्थानों पर धान की फसल गिर गई। मक्का और उड़द की फसलों को भी नुकसान हुआ है। चिलकाना में उफान पर आईं नदियों का पानी खेतों में भर गया है।
साढ़ौली कदीम में किसान अवनीश कुमार, सुखदेव, प्रमोद कुमार, योगेंद्र कुमार और सुखपाल का कहना है कि खेतों में उनकी मक्का, उड़द एवं धान की फसल तैयार खड़ी है। यदि बारिश नहीं रुकी तो फसलें बरबाद हो जाएंगी।
बड़गांव क्षेत्र के किसानों शिवकुमार सिंह, सुरेंद्र सिंह, जनेश, नरेंद्र अरुण आदि का कहना है बारिश के साथ आई हवा से उनकी धान की फसल नीचे गिर गई है। अगर बारिश नहीं रुकी तो हालात और खराब होंगे।
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गागलहेड़ी क्षेत्र के बीरम सिंह यादव, सगीर अहमद, राम सिंह आदि किसानों ने बताया की अभी धान की फसल तैयार हो गई है। अब पानी की आवश्यकता नहीं है। किसानों ने बताया कि मौसम साफ होने की वजह से मक्का और उड़द की फसल की बुवाई हो चुकी थी लेकिन बारिश ने पानी फेर दिया।
चिलकाना क्षेत्र से गुजर रही मसखरा नदी का पानी खादर क्षेत्र में आने से धान की फसल डूबने के कगार पर है। गांव नथमलपुर, धौलाहेड़ी, पाजबांगर, दानतपुर, दौलतपुर, रावणपुर, बहादरा, डिंडोली खेड़ा, सुलतानपुर के जंगल में ज्यादा मात्रा में पानी भरा हुआ है।
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गांव नथमलपुर के चौधरी मारूफ, रावणपुर के रामकुमार सैनी, धौलाहेड़ी के अरविंद कुमार ने बताया कि खादर क्षेत्र में नदी का ज्यादा पानी आने की संभावना बढ़ गई है। चोवा बढ़ने से खेतों में लगातार पानी भरा रहेगा। यमुना में भी पानी धीरे-धीरे बढ़ रहा है। बूढ़ी यमुना नदी का पानी गांव पंचकुंआ, नारायणपुर, दूधगढ़, टापू माजरी, टोडरपुर भूखड़ी के खेतों में भर गया है।