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Saharanpur News: सड़क हादसे में मृतक के आश्रितों को 2.43 करोड़ रुपये देने के आदेश
Tue, 13 Oct 2026 01:05 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 13 Oct 2026 01:05 AM IST
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सहारनपुर। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी अंबर रावत ने दुर्घटना में मृतक के आश्रितों को बीमा कंपनी द्वारा 2.43 करोड़ रुपये देने का आदेश दिया है। महेश कुमार की मृत्यु अपने घर जाते समय रेडी मलकपुर बड़ी नहर के पास हुई थी।
वादी संयोगिता पत्नी महेश कुमार ने राव अनीस निवासी गागलहेड़ी ट्रैक्टर मालिक, शहजाद निवासी गागलहेड़ी चालक, यूनिवर्सल सोंपो जनरल इंश्योरेंस कंपनी बरेली के खिलाफ वाद दायर किया था। बताया कि उनके पति चिलकाना सुल्तानपुर की स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में शाखा प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे। 18 अगस्त 2023 को ड्यूटी पूरी कर शाम के समय बाइक से गांव छपरेडी आ रहे थे।
रेडी मलकपुर बड़ी नहर के पास पहुंचे तो पीछे से ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक ने टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल महेश कुमार को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। आरोप लगाया कि हादसा ट्रैक्टर चालक की लापरवाही और तेजी से हुआ। हादसे के समय मृतक की उम्र 40 वर्ष थी। कहा कि मृतक की अकाल मृत्यु से वादियों को काफी मानसिक सदमा पहुंचा है। उन्होंने प्रतिकर के रूप में 3.80 करोड़ रुपये मांगे।
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- विपक्षियों ने क्लेम को बताया निराधार
अपने जवाब में राव अनीस ट्रैक्टर स्वामी और ट्रैक्टर चालक शहजाद ने कहा कि वाद को गलत व असत्य कथनों पर प्रस्तुत किया गया है। वाहन से कथित दुर्घटना नहीं हुई है। दुर्घटना के समय उनके वाहन के सभी कागजात वैध व प्रभावी थे। ट्रैक्टर-ट्रॉली की बीमा कंपनी यूनिवर्सल सोंपो जनरल इंश्योरेंस ने अपने जवाब में कहा कि याचिका उचित प्रारूप पर नहीं है। वादकर्ता ने अपने वादपत्र में बीमा का कोई विवरण नहीं दिया है। उन्होंने याचिका को निरस्त होने योग्य की दलील रखी।
- अधिकरण ने सभी आश्रितों में बांटी क्लेम राशि
वादी के अधिवक्ता सतीश बंसल ने बताया कि अदालत ने पत्रावलियों पर आए साक्ष्यों और गवाहों को सुनने के बाद बीमा कंपनी को 2.43 करोड़ रुपये याचिका दाखिल करने की तिथि से सात प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज दर से अदा करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने इस राशि में महेश की पत्नी संयोगिता को बीस लाख रुपये, बेटी मुस्कान को 83.30 लाख रुपये, बेटी पायल, उपासना और बेटे अनमोल प्रत्येक को 40 लाख रुपये ब्याज सहित अदा करने के आदेश दिए हैं। साथ ही मृतक की माता बालेशवती को 20 लाख रुपये देने के आदेश दिए हैं।
अपने आदेश में अधिकरण ने कहा कि पायल वाद दाखिल करते समय नाबालिग थी, लेकिन अब वह बालिग हो चुकी है। इसलिए वह क्लेम की राशि एनईएफटी, आरटीजीएस से प्राप्त करने की अधिकारी है। उपासना, अनमोल नाबालिग है। राशि को उनके लाभार्थ बैंक में सावधि जमा योजना के तहत बालिग होने तक उनकी माता संयोगिता के संरक्षण में निवेश किए जाएंगे। उन्होंने बीमा कंपनी को आदेश दिया कि धनराशि को ई-ट्रांसफर करते हुए निर्धारित प्रारूप पर सूचना उपलब्ध कराएं।
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वादी संयोगिता पत्नी महेश कुमार ने राव अनीस निवासी गागलहेड़ी ट्रैक्टर मालिक, शहजाद निवासी गागलहेड़ी चालक, यूनिवर्सल सोंपो जनरल इंश्योरेंस कंपनी बरेली के खिलाफ वाद दायर किया था। बताया कि उनके पति चिलकाना सुल्तानपुर की स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में शाखा प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे। 18 अगस्त 2023 को ड्यूटी पूरी कर शाम के समय बाइक से गांव छपरेडी आ रहे थे।
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रेडी मलकपुर बड़ी नहर के पास पहुंचे तो पीछे से ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक ने टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल महेश कुमार को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। आरोप लगाया कि हादसा ट्रैक्टर चालक की लापरवाही और तेजी से हुआ। हादसे के समय मृतक की उम्र 40 वर्ष थी। कहा कि मृतक की अकाल मृत्यु से वादियों को काफी मानसिक सदमा पहुंचा है। उन्होंने प्रतिकर के रूप में 3.80 करोड़ रुपये मांगे।
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- विपक्षियों ने क्लेम को बताया निराधार
अपने जवाब में राव अनीस ट्रैक्टर स्वामी और ट्रैक्टर चालक शहजाद ने कहा कि वाद को गलत व असत्य कथनों पर प्रस्तुत किया गया है। वाहन से कथित दुर्घटना नहीं हुई है। दुर्घटना के समय उनके वाहन के सभी कागजात वैध व प्रभावी थे। ट्रैक्टर-ट्रॉली की बीमा कंपनी यूनिवर्सल सोंपो जनरल इंश्योरेंस ने अपने जवाब में कहा कि याचिका उचित प्रारूप पर नहीं है। वादकर्ता ने अपने वादपत्र में बीमा का कोई विवरण नहीं दिया है। उन्होंने याचिका को निरस्त होने योग्य की दलील रखी।
- अधिकरण ने सभी आश्रितों में बांटी क्लेम राशि
वादी के अधिवक्ता सतीश बंसल ने बताया कि अदालत ने पत्रावलियों पर आए साक्ष्यों और गवाहों को सुनने के बाद बीमा कंपनी को 2.43 करोड़ रुपये याचिका दाखिल करने की तिथि से सात प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज दर से अदा करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने इस राशि में महेश की पत्नी संयोगिता को बीस लाख रुपये, बेटी मुस्कान को 83.30 लाख रुपये, बेटी पायल, उपासना और बेटे अनमोल प्रत्येक को 40 लाख रुपये ब्याज सहित अदा करने के आदेश दिए हैं। साथ ही मृतक की माता बालेशवती को 20 लाख रुपये देने के आदेश दिए हैं।
अपने आदेश में अधिकरण ने कहा कि पायल वाद दाखिल करते समय नाबालिग थी, लेकिन अब वह बालिग हो चुकी है। इसलिए वह क्लेम की राशि एनईएफटी, आरटीजीएस से प्राप्त करने की अधिकारी है। उपासना, अनमोल नाबालिग है। राशि को उनके लाभार्थ बैंक में सावधि जमा योजना के तहत बालिग होने तक उनकी माता संयोगिता के संरक्षण में निवेश किए जाएंगे। उन्होंने बीमा कंपनी को आदेश दिया कि धनराशि को ई-ट्रांसफर करते हुए निर्धारित प्रारूप पर सूचना उपलब्ध कराएं।