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अनियमितता की शिकायत पर अधिकारियों ने की जांच
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सहारनपुर। मंडलायुक्त से राजकीय निर्माण कार्यों में अनियमितता बरतने की शिकायत के बाद मुख्य विकास अधिकारी विजय कुमार, डीआईजी जीएम सिद्धार्थ यादव और पीडब्लूडी के अधिशासी अभियंता सनत गुप्ता ने विभाग के कार्यालय पहुंचकर जांच की। संबंधित अधिकारियों से तत्काल प्रभाव से अभिलेख दिए जाने के निर्देश भी दिए।
दरअसल, पिछले दिनों कुछ ठेकेदारों ने मंडलायुक्त लोकेश एम से शिकायत से शिकायत की थी। जिसमें बताया गया था कि राजकीय निर्माण निगम विभाग के अधिकारियों ने बिना पंजीकरण के ही कुछ लोगों को विकास कार्यों के ठेके देकर उनका भुगतान भी कर दिया है। जबकि पुराने और पंजीकृत ठेकेदारों का भुगतान लंबित पड़ा है। आरोप लगाया था कि कार्यों में भी अनियमितता बरती जा रही है।
इसके बाद मंडलायुक्त ने जांच कमेटी गठित की, जिसमें मुख्य विकास अधिकारी विजय कुमार, डीआईसी जीएम सिद्धार्थ यादव और पीडब्लूडी से अधिशासी अभियंता सनत गुप्त को शामिल किया गया। शुक्रवार को तीनों अधिकारी राजकीय निर्माण निगम के कार्यालय पहुंचे और जांच की। तीनों अधिकारियों ने ठेकों के संबंधित दस्तावेज चेक किए। इसके साथ ही संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को कई विकास कार्यों के ठेकों के अभिलेख तत्काल प्रभाव से दो से तीन दिन के अंदर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। करीब एक घंटा कार्यालय में रुकने के बाद तीनों अधिकारी वापिस चले गए। सीडीओ ने बताया कि जल्द जांच पूरी कर मंडलायुक्त को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
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दरअसल, पिछले दिनों कुछ ठेकेदारों ने मंडलायुक्त लोकेश एम से शिकायत से शिकायत की थी। जिसमें बताया गया था कि राजकीय निर्माण निगम विभाग के अधिकारियों ने बिना पंजीकरण के ही कुछ लोगों को विकास कार्यों के ठेके देकर उनका भुगतान भी कर दिया है। जबकि पुराने और पंजीकृत ठेकेदारों का भुगतान लंबित पड़ा है। आरोप लगाया था कि कार्यों में भी अनियमितता बरती जा रही है।
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इसके बाद मंडलायुक्त ने जांच कमेटी गठित की, जिसमें मुख्य विकास अधिकारी विजय कुमार, डीआईसी जीएम सिद्धार्थ यादव और पीडब्लूडी से अधिशासी अभियंता सनत गुप्त को शामिल किया गया। शुक्रवार को तीनों अधिकारी राजकीय निर्माण निगम के कार्यालय पहुंचे और जांच की। तीनों अधिकारियों ने ठेकों के संबंधित दस्तावेज चेक किए। इसके साथ ही संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को कई विकास कार्यों के ठेकों के अभिलेख तत्काल प्रभाव से दो से तीन दिन के अंदर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। करीब एक घंटा कार्यालय में रुकने के बाद तीनों अधिकारी वापिस चले गए। सीडीओ ने बताया कि जल्द जांच पूरी कर मंडलायुक्त को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
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