{"_id":"5e5562ce8ebc3ef3a0769d21","slug":"officers-clashed-in-meeting-called-for-shop-allocation-saharanpur-news-mrt4707309181","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुकान आवंटन के लिए बुलाई बैठक में भिड़े अधिकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुकान आवंटन के लिए बुलाई बैठक में भिड़े अधिकारी
विज्ञापन
रामपुर मनिहारान (सहारनपुर)। गांव सलेमपुर में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान आवंटन को लेकर गांव में बुलाई गई खुली बैठक में बीडीओ के देरी से पहुंचने को लेकर उनकी एसडीएम के साथ बहस हो गई। मामला इतना बढ़ा कि दोनो अधिकारियों ने एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ शिकायती पत्र उच्चाधिकारियों के पास कार्रवाई के लिए भेज दिए हैं।
बता दें कि गांव सलेमपुर में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान का एक वर्ष से विवाद चला आ रहा है। 19 फरवरी को दुकान आवंटन को लेकर गांव में एडीओ पंचायत राजेन्द्र कुमार के नेतृत्व में खुली बैठक का आयोजन किया गया था। इसमें विवाद होने के बाद एक पक्ष ने एसडीएम से मिलकर दुकान आवंटन में धांधली की शिकायत की थी। इसके बाद पुन: 24 फरवरी गांव के प्राथमिक विद्यालय में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान आवंटन को लेकर खुली आयोजित की गई।
इसमें एसडीएम एसएन शर्मा, नायब तहसीलदार भोपाल सैनी समय अनुसार बैठक में पहुंचे। परंतु आरोप है कि बीडीओ श्रुति शर्मा बैठक में नहीं पहुंचीं। वे करीब एक बजे के बाद बैठक में पहुंचीं जहां उनकी एसडीएम से देरी से आने को लेकर बहस हो गई।
विज्ञापन
इस प्रकरण में एसडीएम ने डीएम को भेजे गए पत्र में बीडीओ श्रुति शर्मा पर आरोप लगाए हैं कि उन्हें सरकारी नंबर पर फोन किया गया परंतु उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। बीडीओ दोपहर एक बजे के बाद गांव पहुंचीं उस समय दुकान आवंटन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी। जब बीडीओ से कहा गया कि दुकान आवंटन कार्य शासकीय आदेशों के अनुसार बीडीओ के कार्य क्षेत्र में आता है तो वह भड़क गईं और तू-तू, मैं-मैं पर उतर आईं। बीडीओ ने उन्हें कहा कि वे उन्हें निर्देश देने वाले कौन होते हैं। वे महिलाओं के अधिकारों और शक्ति को नहीं जानते हैं तथा ऐसे मजिस्ट्रेट उन्होंने बहुत देखे हैं। यह धमकी देते हुए बीडीओ चली गईं।
उधर बीडीओ श्रुति शर्मा ने एसडीएम के खिलाफ मुख्य विकास अधिकारी को भेजे गए पत्र में कहा कि उनकी ड्यूटी बोर्ड परीक्षा में थी। जब वे बैठक में पहुंची तो एसडीएम ने कहा कि बोर्ड परीक्षा महत्वपूर्ण नहीं है। वह स्वयं का कार्य कराने के लिए दबाव बना रहे थे। इसके बाद भी वह गांव में आयोजित खुली बैठक में पहुंचीं। बैठक में सार्वजनिक रूप से एसडीएम ने उनके साथ अभद्रता की । उन्हें देख लेने की धमकी दी गई। पत्र में कहा गया है कि एक महिला अधिकारी के साथ एसडीएम का व्यवहार उनके सम्मान व पद की गरिमा के विरुद्ध है। उनके खिलाफ रिपोर्ट कराने की स्वीकृति प्रदान की जाए।
दुर्व्यवहार का आरोप मिथ्या है। बीडीओ जिस वक्त बोर्ड परीक्षा में व्यस्त होने की बात कह रही हैं उस वक्त वे अपने कार्यालय में मौजूद थीं। उन्होंने इसकी शिकायत जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी से की है।
एसएन शर्मा एसडीएम रामपुर मनिहारान
वे बोर्ड परीक्षा में व्यस्त थीं। एसडीएम ने उनके साथ सार्वजनिक रुप से अभद्र व्यवहार किया है। उन्होंने इसकी शिकायत मुख्य विकास अधिकारी महोदय से की है।
श्रुति शर्मा बीडीओ मुजफ्फराबाद
विज्ञापन
बता दें कि गांव सलेमपुर में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान का एक वर्ष से विवाद चला आ रहा है। 19 फरवरी को दुकान आवंटन को लेकर गांव में एडीओ पंचायत राजेन्द्र कुमार के नेतृत्व में खुली बैठक का आयोजन किया गया था। इसमें विवाद होने के बाद एक पक्ष ने एसडीएम से मिलकर दुकान आवंटन में धांधली की शिकायत की थी। इसके बाद पुन: 24 फरवरी गांव के प्राथमिक विद्यालय में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान आवंटन को लेकर खुली आयोजित की गई।
विज्ञापन
इसमें एसडीएम एसएन शर्मा, नायब तहसीलदार भोपाल सैनी समय अनुसार बैठक में पहुंचे। परंतु आरोप है कि बीडीओ श्रुति शर्मा बैठक में नहीं पहुंचीं। वे करीब एक बजे के बाद बैठक में पहुंचीं जहां उनकी एसडीएम से देरी से आने को लेकर बहस हो गई।
विज्ञापन
इस प्रकरण में एसडीएम ने डीएम को भेजे गए पत्र में बीडीओ श्रुति शर्मा पर आरोप लगाए हैं कि उन्हें सरकारी नंबर पर फोन किया गया परंतु उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। बीडीओ दोपहर एक बजे के बाद गांव पहुंचीं उस समय दुकान आवंटन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी। जब बीडीओ से कहा गया कि दुकान आवंटन कार्य शासकीय आदेशों के अनुसार बीडीओ के कार्य क्षेत्र में आता है तो वह भड़क गईं और तू-तू, मैं-मैं पर उतर आईं। बीडीओ ने उन्हें कहा कि वे उन्हें निर्देश देने वाले कौन होते हैं। वे महिलाओं के अधिकारों और शक्ति को नहीं जानते हैं तथा ऐसे मजिस्ट्रेट उन्होंने बहुत देखे हैं। यह धमकी देते हुए बीडीओ चली गईं।
उधर बीडीओ श्रुति शर्मा ने एसडीएम के खिलाफ मुख्य विकास अधिकारी को भेजे गए पत्र में कहा कि उनकी ड्यूटी बोर्ड परीक्षा में थी। जब वे बैठक में पहुंची तो एसडीएम ने कहा कि बोर्ड परीक्षा महत्वपूर्ण नहीं है। वह स्वयं का कार्य कराने के लिए दबाव बना रहे थे। इसके बाद भी वह गांव में आयोजित खुली बैठक में पहुंचीं। बैठक में सार्वजनिक रूप से एसडीएम ने उनके साथ अभद्रता की । उन्हें देख लेने की धमकी दी गई। पत्र में कहा गया है कि एक महिला अधिकारी के साथ एसडीएम का व्यवहार उनके सम्मान व पद की गरिमा के विरुद्ध है। उनके खिलाफ रिपोर्ट कराने की स्वीकृति प्रदान की जाए।
दुर्व्यवहार का आरोप मिथ्या है। बीडीओ जिस वक्त बोर्ड परीक्षा में व्यस्त होने की बात कह रही हैं उस वक्त वे अपने कार्यालय में मौजूद थीं। उन्होंने इसकी शिकायत जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी से की है।
एसएन शर्मा एसडीएम रामपुर मनिहारान
वे बोर्ड परीक्षा में व्यस्त थीं। एसडीएम ने उनके साथ सार्वजनिक रुप से अभद्र व्यवहार किया है। उन्होंने इसकी शिकायत मुख्य विकास अधिकारी महोदय से की है।
श्रुति शर्मा बीडीओ मुजफ्फराबाद