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अनाथालय के लिए जमीन देने की पेशकश
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सहारनपुर। कोरोना काल में जिन बच्चों ने अपने माता पिता खो दिए, उनकी मदद के लिए समाज के लोग भी आगे आ रहे हैं। बाजोरिया रोड स्थित मंजुलिका गार्डन निवासी 76 वर्षीय चंद्रभान गोयल ने कोरोना महामारी में अनाथ हुए बच्चों के लिए अनाथालय बनाने को जमीन देने की पेशकश की है। इसके लिए उन्होंने जिलाधिकारी से मुलाकात कर प्रस्ताव उनके समक्ष रखा है। चंद्रभान गोयल इससे पहले राजकीय इंटर कॉलेज के लिए 7.5 बीघा जमीन दे चुके हैं।
चंद्रभान गोयल ने बताया कि कोरोना की वजह से जनपद में 300 से अधिक लोगों की जान चली गई है। बड़ी संख्या में ऐसे परिवार भी हैं, जहां पति और पत्नी दोनों की कोरोना से मौत होने के बाद बच्चे अनाथ हो गए हैं। ऐसे बच्चों को लेकर मन दुखी है। उनकी इच्छा है कि ऐसे बच्चों के रहने, खाने और पढ़ने की व्यवस्था की जाए। इसके लिए वह सबदलपुर, तीतरो-करनाल मार्ग पर दस हजार वर्ग फीट जमीन देने को तैयार हैं, जहां प्रशासन या फिर कोई इच्छुक संस्था अनाथालय का निर्माण कर बच्चों के लिए मददगार बन सकती है।
चंद्रभान गोयल ने बताया कि करीब 12 वर्ष पहले उन्होंने कपूरी में राजकीय इंटर कॉलेज के लिए 7.5 बीघा भूमि दी थी, जिस पर सेठ छज्जूमल राजकीय इंटर कॉलेज चल रहा है। चंद्रभान के साथ जिलाधिकारी अखिलेश सिंह से मिले सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अश्वनी ने बताया कि उनके प्रस्ताव की जिलाधिकारी ने सराहना की है।
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चंद्रभान गोयल ने बताया कि कोरोना की वजह से जनपद में 300 से अधिक लोगों की जान चली गई है। बड़ी संख्या में ऐसे परिवार भी हैं, जहां पति और पत्नी दोनों की कोरोना से मौत होने के बाद बच्चे अनाथ हो गए हैं। ऐसे बच्चों को लेकर मन दुखी है। उनकी इच्छा है कि ऐसे बच्चों के रहने, खाने और पढ़ने की व्यवस्था की जाए। इसके लिए वह सबदलपुर, तीतरो-करनाल मार्ग पर दस हजार वर्ग फीट जमीन देने को तैयार हैं, जहां प्रशासन या फिर कोई इच्छुक संस्था अनाथालय का निर्माण कर बच्चों के लिए मददगार बन सकती है।
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चंद्रभान गोयल ने बताया कि करीब 12 वर्ष पहले उन्होंने कपूरी में राजकीय इंटर कॉलेज के लिए 7.5 बीघा भूमि दी थी, जिस पर सेठ छज्जूमल राजकीय इंटर कॉलेज चल रहा है। चंद्रभान के साथ जिलाधिकारी अखिलेश सिंह से मिले सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अश्वनी ने बताया कि उनके प्रस्ताव की जिलाधिकारी ने सराहना की है।
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