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आपत्तियां आनी शुरू, सबके अपने दावे

Thu, 04 Mar 2021 11:25 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 04 Mar 2021 11:25 PM IST
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Objections start coming, everyone has their claims
सहारनपुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए जारी हुए आरक्षण पर दावे और आपत्तियां आनी शुरू हो गई हैं। आरक्षण को लेकर लोग अपने अपने हिसाब से दावा पेश कर रहे हैं। कोई अपनी जाति की जनसंख्या ज्यादा होने का हवाला दे रहा है तो कोई आरक्षित से सीट को सामान्य कराने की मांग कर रहा है। जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में ऐसी करीब 10 आपत्तियां पहले दिन आई हैं। हालांकि ब्लाक कार्यालयों पर कोई आपत्ति नहीं पहुंची। अभी आठ मार्च तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का समय है। जिला पंचायतराज अधिकारी कार्यालय के अलावा जिलाधिकारी कार्यालय और क्षेत्र पंचायत कार्यालय पर भी दावे और आपत्ति दर्ज कराई जा सकती हैं।
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इस तरह की आई हैं आपत्तियां
सरसावा ब्लाक के गांव भोजपुर तगा निवासी राजपाल ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि गांव में सामान्य जाति के लोग नहीं रहते हैं, सिर्फ अनुसूचित जाति और मुस्लिम वर्ग के ही लोग निवास करते हैं। हर बार मुस्लिम वर्ग से ही प्रधान बन रहा है और अनुसूचित जाति के क्षेत्र में विकास कार्य नहीं हो पाते हैं। इसलिए ग्राम प्रधान का पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कराया जाए।
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बलियाखेड़ी ब्लाक के गांव बैगापुर निवासी रिजवान ने कहा है कि गांव में पिछड़ा वर्ग की आबादी ज्यादा है, लेकिन ग्राम प्रधान पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दिया गया है। लिहाजा इसे पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित कराया जाए।
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साढ़ौली कदीम ब्लाक के गांव दबकोरा निवासी सतपाल ने आपत्ति दर्ज कराकर कहा कि ग्राम प्रधान पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित हुआ है, जिसे अनुसूचित जाति के लिए कराया जाए। उन्होंने भी अनुसूचित जाति की जनसंख्या ज्यादा होने का हवाला दिया है।
बलियाखेड़ी ब्लाक के गांव चुन्हेटी गाड़ा निवासी अशोक ने कहा कि गांव में अनुसूचित जाति की आबादी करीब 30 प्रतिशत है, इसलिए ग्राम प्रधान पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कराया जाए।

शासन ने जो फार्मूला तय किया था, उसी अनुसार आरक्षण सूची जारी की गई है। जो दावे और आपत्तियां आ रही हैं, उनका निर्धारित प्रारूप और गाइड लाइन का ख्याल रखते हुए समयानुसार निस्तारण होगा। उसके बाद फाइनल आरक्षण सूची जारी की जाएगी। - उपेंद्र राज सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी।
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