{"_id":"582f4f814f1c1b59369014b8","slug":"notbandi-turnover-affected-by","type":"story","status":"publish","title_hn":"नोटबंदी से कारोबार हुआ प्रभावित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नोटबंदी से कारोबार हुआ प्रभावित
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sat, 19 Nov 2016 12:29 AM IST
विज्ञापन
एटीएम से पैसा निकालने के लिए लगी भीड़।
- फोटो : meerut
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर में नोटबंदी से कारोबार प्रभावित हो रहा है। ज्वैलरी उद्योग की बात करें तो यहां बिक्री जीरो है, जिसकी वजह से व्यापारी माथा पीट रहे हैं। कपड़े की बिक्री भी 80 फीसदी रुकी हुई है।
इसकी वजह से कपड़ा व्यापारी भी सरकार को कोस रहा है। कुछ ऐसे व्यापारी हैं, जो नुकसान उठाकर भी मोदी के कदम की सराहना कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष शीतल टंडन का रेलवे रोड पर मशीनरी का काम है।
बकौल टंडन नोटबंदी के बाद से बिक्री 50 फीसदी कम हुई है। मशीनरी का सामान राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, जोधपुर और दिल्ली से आता है। मगर नोटबंदी की वजह से ट्रांसपोर्टेशन बंद है। ट्रांसपोर्ट के लिए भाड़ा देने को भी व्यापारियों के पास पैसा नहीं बचा है।
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के महामंत्री रामराजीव सिंघल का कहना है कि नोटबंदी का सबसे बुरा असर ज्वैलरी पर पड़ा है। बिक्री जीरो पर पहुंच गई है, क्योंकि लोगों के पास पैसा नहीं है, जो है भी तो वह उसे जरूरी चीजों पर खर्च कर रहे हैं।
अमेरिका और साउथ अफ्रीका से ज्वैलरी का आयात भी बंद हो चुका है। सहारनपुर व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष राधेश्याम नारंग कपड़ा व्यापारियों का प्रतिनिधित्व करते हैं। नारंग ने बताया कि इन दिनों शादियों का सीजन है।
ऐसे में पकड़े की बिक्री सामान्य दिनों की तुलना में पांच गुना बढ़ जानी चाहिए थी। मगर नोट बंदी के बाद से कपड़ा मार्केट सूनी पड़ी है। नगर में करीब ढाई हजार होल सैलर हैं, जो बिक्री नहीं होने की वजह से शाम को जल्दी दुकानें बंद कर घर लौट रहे हैं।
उन्होंने 80 फीसदी कारोबार चौपट होने की बात कही। किराना व्यापारी संजय गर्ग का कहना है कि नोटबंदी के बाद से लोग या तो बंद हो चुका नोट लेकर आ रहे हैं या फिर उधार मांग रहे हैं।
मजबूरन वह उधार ही सामान दे रहे हैं। उन्होंने 20 से 30 फीसदी असर होने की बात कही है। साथ ही मोदी के कदम की सराहना भी की है। एसबीआई के शाखा प्रबंधक सतीश चंद कांबोज ने नोटबंदी की लाइनों में लगे लोगों की परेशानी को देखकर नमकीन और बिस्किट वितरण सीओ सदर ब्रिजेश कुमार सिंह द्वारा कराया।
विज्ञापन
इसकी वजह से कपड़ा व्यापारी भी सरकार को कोस रहा है। कुछ ऐसे व्यापारी हैं, जो नुकसान उठाकर भी मोदी के कदम की सराहना कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष शीतल टंडन का रेलवे रोड पर मशीनरी का काम है।
विज्ञापन
बकौल टंडन नोटबंदी के बाद से बिक्री 50 फीसदी कम हुई है। मशीनरी का सामान राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, जोधपुर और दिल्ली से आता है। मगर नोटबंदी की वजह से ट्रांसपोर्टेशन बंद है। ट्रांसपोर्ट के लिए भाड़ा देने को भी व्यापारियों के पास पैसा नहीं बचा है।
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के महामंत्री रामराजीव सिंघल का कहना है कि नोटबंदी का सबसे बुरा असर ज्वैलरी पर पड़ा है। बिक्री जीरो पर पहुंच गई है, क्योंकि लोगों के पास पैसा नहीं है, जो है भी तो वह उसे जरूरी चीजों पर खर्च कर रहे हैं।
अमेरिका और साउथ अफ्रीका से ज्वैलरी का आयात भी बंद हो चुका है। सहारनपुर व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष राधेश्याम नारंग कपड़ा व्यापारियों का प्रतिनिधित्व करते हैं। नारंग ने बताया कि इन दिनों शादियों का सीजन है।
ऐसे में पकड़े की बिक्री सामान्य दिनों की तुलना में पांच गुना बढ़ जानी चाहिए थी। मगर नोट बंदी के बाद से कपड़ा मार्केट सूनी पड़ी है। नगर में करीब ढाई हजार होल सैलर हैं, जो बिक्री नहीं होने की वजह से शाम को जल्दी दुकानें बंद कर घर लौट रहे हैं।
उन्होंने 80 फीसदी कारोबार चौपट होने की बात कही। किराना व्यापारी संजय गर्ग का कहना है कि नोटबंदी के बाद से लोग या तो बंद हो चुका नोट लेकर आ रहे हैं या फिर उधार मांग रहे हैं।
मजबूरन वह उधार ही सामान दे रहे हैं। उन्होंने 20 से 30 फीसदी असर होने की बात कही है। साथ ही मोदी के कदम की सराहना भी की है। एसबीआई के शाखा प्रबंधक सतीश चंद कांबोज ने नोटबंदी की लाइनों में लगे लोगों की परेशानी को देखकर नमकीन और बिस्किट वितरण सीओ सदर ब्रिजेश कुमार सिंह द्वारा कराया।