निकाय चुनाव 2023: गठबंधन में रार, रुठों को मनाने में जुटे नेता, पढ़िए यूपी के इस जिले में कैसा है हाल
निकाय चुनाव 2023 : यूपी के इस जिले में नेता रुठों को मनाने में जुटे हुए हैं। उधर, गठबंधन में भी रार हो गई। इस रिपोर्ट में पढ़िए आखिर जिले के हाल कैसे है।
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सहारनपुर में निकाय चुनाव में अध्यक्ष पद का टिकट नहीं मिलने पर बागी हुए लोगों को मनाने की कवायद जारी है। सपा-रालोद गठबंधन में भी दरार पैदा हो गई। टिकट को लेकर दोनों दलों में ही रार हो गई। अब सभी पार्टियों के लोग अपने रुठों के मानमनोव्वल में लगे हैं। हालांकि बृहस्पतिवार को ही नाम वापसी के बाद जनपद की सभी 12 नगर निकायों में प्रत्याशियों की तस्वीर साफ होगी।
नगर निगम सहारनपुर में महापौर के पद पर नामांकन करने वालों के पर्चों की जांच के उपरांत दस में से आठ प्रत्याशी रह गए हैं। भाजपा का टिकट पाने के लिए लंबी फेहरिस्त थी, जिनमें से तीन नामों की सूची हाईकमान को भेजी गई। डॉ. अजय कुमार और भगत सिंह के बीच रस्साकशी चलती रही। अंतिम समय में भाजपा हाईकमान ने डॉ. अजय कुमार को महापौर पद का टिकट किया। जिससे भाजपा का एक खेमा नाराज दिखाई दिया। डॉ. अजय कुमार के नामांकन में भी तमाम दावेदार और उनके समर्थक नजर नहीं आए। हालांकि जिन्हें टिकट नहीं मिला, उनका कहना है कि अंतिम निर्णय पार्टी का है, जिसे स्वीकार करना पड़ेगा। फिर भी भाजपा में भीतरघात की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
अंबेहटा नगर पंचायत में गठबंधन को बड़े नेताओं ने भी तोड़ दिया। रालोद व सपा ने अध्यक्ष पद पर अपने-अपने प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं। पहले रालोद की रेशमा ने नामांकन किया था। अंतिम दिन सपा प्रत्याशी इशरत जहां ने भी अपना नामांकन पत्र जमा कर दिया। नकुड़ में पूर्व पालिकाध्यक्ष खालिद खान भी निर्दलीय के रूप में चुनावी रण में है। भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर पूर्व चेयरमैन धनीराम सैनी भी बागी हो गए है। वो भी निर्दलीय चुनाव में हैं। छुटमलपुर में भी भाजपा के अंकित वर्मा और महिला मोर्चा की नीतू माहेश्वरी पार्टी से बागी होकर नगर पालिका अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल हो गए हैं।
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रालोद प्रत्याशी का पर्चा निरस्त
चेयरमैन पद के नामांकन पत्रों की जांच के बाद भाजपा से अलका शर्मा, बसपा से निशात फातिमा, पूर्व चेयरमैन अफजाल खान की पत्नी रूमाना खान, शबीना पत्नी निसार खान ने निर्दलीय के नामांकन पत्र सही पाए गए है। जांच के दौरान रालोद प्रत्याशी कनीज जेहरा पत्नी सुहैल अख्तर का पर्चा जांच में प्रपत्रों में कमी के चलते निरस्त किया गया।
रामपुर में कांग्रेस प्रत्याशी चुनाव से बाहर
रामपुर नगर निकाय में अध्यक्ष पद पर बसपा से रेनू, भाजपा से सुशीला, सपा से सुदेशना, आजाद समाज पार्टी से ललिता, कांग्रेस से संतलेश ने अपना नामांकन जमा किया था। जांच के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी का पर्चा निरस्त किया गया है। आरओ अमित कुमार सिंह ने बताया कि कांग्रेस प्रत्याशी का पर्चा इसलिए निरस्त किया गया है। क्योंकि उन्होंने जाति प्रमाण पत्र नहीं लगाया था।
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पूर्व चेयरमैन अनिल अग्रवाल भाजपा में शामिल हुए
औद्योगिक विकास व संसदीय राज्यमंत्री जसवंत सैनी के समक्ष नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन अनिल अग्रवाल बसपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुए। जिनका पार्टी में आने पर राज्यमंत्री जसवंत सैनी ने स्वागत किया। जिससे रामपुर मनिहारान के राजनीतिक गलियारों में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गयी है।