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निगम के परिसीमन में फंसेगा पेंच
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 08 Apr 2017 12:38 AM IST
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कार्यालय नगर निगम सहारनपुर का मुख्य द्वार।
- फोटो : अमर उजाला
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सहारनपुर। अखिलेश सरकार में नगर निगम की सीमा में शामिल किए गए 14 गांव परिसीमन की प्रक्रिया में पेंच साबित हो सकते हैं। यही कारण है कि प्रदेश सरकार सहारनपुर नगर निगम की सीमा के नए सिरे से परिसीमन से पहले शामिल किए गए 14 गांवों पर अपना रुख साफ करना चाहेगी।
शासन ने पूर्व विधायक की आपत्ति पर आनन-फानन में जिला प्रशासन से इस पर रिपोर्ट मांग ली है। माना जा रहा है कि परिसीमन से पहले इन 14 गांवों के भविष्य का फैसला हो जाएगा। इसके बाद नगर निगम चुनाव के लिए 60 वार्डों के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी। इस पूरी कवायद और नए सरकार के गठन के साथ ही आठ वर्षों से दर्जा मिलने के बाद भी चुनाव की बांट जोह रहे सहारनपुर नगर निगम की उम्मीद जग गई है।
दरअसल, वर्ष 2016 में सहारनपुर नगर निगम की सीमा का विस्तार कर शहर से सटे शेखपुरा कदीम सहित 14 गांवों को शामिल किया गया। हालांकि उस वक्त ही गांवों के प्रधान ने आपत्ति करते हुए इन गांवों को नगर निगम की सीमा से बाहर किए जाने की मांग की थी। मगर, उस वक्त इन आपत्तियों को खारिज कर दिया गया था।
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अब प्रदेश भर में निकाय चुनावों की सुगबुगाहट और नई सरकार के गठन के बाद पूर्व विधायक राजीव गुंबर ने 14 गांवों के गठन पर आपत्ति दर्ज कराई और शासन ने इस पर संज्ञान लेते हुए रिपोर्ट मांग ली है।
माना जा रहा है कि जल्द ही इस पर निर्णय ले लिया जाएगा।
आपको बता दें कि वर्ष 2009 में तत्कालीन बसपा सरकार ने सहारनपुर को नगर निगम का दर्जा दे दिया था। इसके बाद ठीक बाद कराए गए परिसीमन में शहर के आसपास के 32 गांवों को नगर निगम में शामिल कर लिया गया। इसके बाद वर्ष 2012 में प्रदेश में सपा की सरकार बनने के बाद इसके नए सिरे से परिसीमन की प्रक्रिया शुरू कराई गई। यही कारण है कि उस वक्त प्रदेश भर में हुए निकाय चुनाव में
सहारनपुर शामिल नहीं हो पाया।
इसके बाद पूरे पांच साल तक लगातार परिसीमन की प्रक्रिया चलती रही। वर्ष 2016 में शेखुपरा, कंबूमाजरा, ककराला, घोघरेकी के दोनों गांव, बेहड़ेकी के दोनों गांव, ढमोला, खुर्द, संभालकी खुर्द, तिपरपुर, जमालपुर और पाटली खुशहालपुर गांवों को नगर निगम में शामिल कर लिया गया है।
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शासन ने पूर्व विधायक की आपत्ति पर आनन-फानन में जिला प्रशासन से इस पर रिपोर्ट मांग ली है। माना जा रहा है कि परिसीमन से पहले इन 14 गांवों के भविष्य का फैसला हो जाएगा। इसके बाद नगर निगम चुनाव के लिए 60 वार्डों के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी। इस पूरी कवायद और नए सरकार के गठन के साथ ही आठ वर्षों से दर्जा मिलने के बाद भी चुनाव की बांट जोह रहे सहारनपुर नगर निगम की उम्मीद जग गई है।
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दरअसल, वर्ष 2016 में सहारनपुर नगर निगम की सीमा का विस्तार कर शहर से सटे शेखपुरा कदीम सहित 14 गांवों को शामिल किया गया। हालांकि उस वक्त ही गांवों के प्रधान ने आपत्ति करते हुए इन गांवों को नगर निगम की सीमा से बाहर किए जाने की मांग की थी। मगर, उस वक्त इन आपत्तियों को खारिज कर दिया गया था।
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अब प्रदेश भर में निकाय चुनावों की सुगबुगाहट और नई सरकार के गठन के बाद पूर्व विधायक राजीव गुंबर ने 14 गांवों के गठन पर आपत्ति दर्ज कराई और शासन ने इस पर संज्ञान लेते हुए रिपोर्ट मांग ली है।
माना जा रहा है कि जल्द ही इस पर निर्णय ले लिया जाएगा।
आपको बता दें कि वर्ष 2009 में तत्कालीन बसपा सरकार ने सहारनपुर को नगर निगम का दर्जा दे दिया था। इसके बाद ठीक बाद कराए गए परिसीमन में शहर के आसपास के 32 गांवों को नगर निगम में शामिल कर लिया गया। इसके बाद वर्ष 2012 में प्रदेश में सपा की सरकार बनने के बाद इसके नए सिरे से परिसीमन की प्रक्रिया शुरू कराई गई। यही कारण है कि उस वक्त प्रदेश भर में हुए निकाय चुनाव में
सहारनपुर शामिल नहीं हो पाया।
इसके बाद पूरे पांच साल तक लगातार परिसीमन की प्रक्रिया चलती रही। वर्ष 2016 में शेखुपरा, कंबूमाजरा, ककराला, घोघरेकी के दोनों गांव, बेहड़ेकी के दोनों गांव, ढमोला, खुर्द, संभालकी खुर्द, तिपरपुर, जमालपुर और पाटली खुशहालपुर गांवों को नगर निगम में शामिल कर लिया गया है।